📍नई दिल्ली | 3 Mar, 2026, 2:18 PM
India Air Force Drill NOTAM: भारतीय वायुसेना एक बार फिर पाकिस्तान सीमा के पास बड़े पैमाने पर एयरफोर्स अभ्यास की तैयारी कर रही है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, भारत ने 5 मार्च से 12 मार्च के बीच भारतीय वायुसेना के अभ्यास के लिए एयरस्पेस रिजर्व करने का नोटिस जारी किया है, जिसे नोटम यानी नोटिस टू एयरमेन कहा जाता है। जिसके बाद पाकिस्तान में भी सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी गई है और वहां की सेना ने अपने रिसोर्सेज की तैनाती में बदलाव शुरू कर दिया है।
वहीं, पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने 2 मार्च 2026 को संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के नेता खुले तौर पर एक और युद्ध की तैयारी कर रहे हैं। साथ ही जरदारी ने सिंधु जल संधि पर लगी रोक को “वाटर टेररिज्म” बताया और कश्मीर पर पाकिस्तान के नैतिक/राजनीतिक समर्थन को दोहराया। (India Air Force Drill NOTAM)
भारतीय वायुसेना की तरफ से जारी नोटम के अनुसार, यह एयरस्पेस अस्थायी रूप से नागरिक उड़ानों के लिए बंद रहेगा ताकि सैन्य अभ्यास सुरक्षित तरीके से किया जा सके। इस तरह के नोटिस आमतौर पर बड़े सैन्य अभ्यास से पहले जारी किए जाते हैं, जिससे सिविल एविएशन को अलर्ट किया जा सके और किसी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। (India Air Force Drill NOTAM)
India Air Force Drill NOTAM: ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ी सैन्य सक्रियता
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब हाल ही में भारत ने पोखरण में ऑपरेशन सिंदूर के बाद अपनी सबसे बड़ी वायुशक्ति एक्सरसाइज को अंजाम दिया था। यह अभ्यास 27 फरवरी तक चला था और इसमें भारतीय वायुसेना की विभिन्न क्षमताओं का परीक्षण किया गया था। इसके तुरंत बाद अब नया एयरफोर्स अभ्यास घोषित किया गया है, जो भारत की लगातार सैन्य तैयारी को दर्शाता है।
रक्षा सूत्रों के अनुसार, इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य वायुसेना की ऑपरेशनल रेडीनेस को बनाए रखना और विभिन्न परिस्थितियों में तेजी से प्रतिक्रिया देने की क्षमता को परखना होता है। ऐसे अभ्यासों में फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, हेलिकॉप्टर और अन्य सैन्य प्लेटफॉर्म शामिल होते हैं। (India Air Force Drill NOTAM)
पाकिस्तान में बढ़ी हलचल
भारत द्वारा जारी किए गए इस नोटम के बाद पाकिस्तान में चिंता देखी जा रही है। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान पहले से ही कई मोर्चों पर दबाव में है और अब भारतीय वायुसेना के इस अभ्यास ने उसकी चिंता और बढ़ा दी है। बता दें कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में लगातार मोर्चा खोला हुआ है और अफगानिस्तान के कई इलाकों में लगातार हमले कर रहा है।
बताया जा रहा है कि पाकिस्तान इस समय अफगानिस्तान और ईरान सीमा पर निगरानी कर रहा है। इसके अलावा अरब सागर में भी उसकी नौसेना सतर्क स्थिति में है, क्योंकि पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर पूरे क्षेत्र पर पड़ रहा है। ऐसे में भारत की ओर से अचानक एयरस्पेस रिजर्व करने के फैसले ने पाकिस्तान को अपने सैन्य संसाधनों को फिर से व्यवस्थित करने के लिए मजबूर कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने अपने एयर और ग्राउंड एसेट्स को तैनात कर भारतीय अभ्यास पर नजर रखने की तैयारी शुरू कर दी है। यह कदम इस बात का संकेत है कि पाकिस्तान इस गतिविधि को गंभीरता से ले रहा है। (India Air Force Drill NOTAM)
क्षेत्रीय तनाव के बीच बढ़ी तैयारी
यह अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया में हालात पहले से ही तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष का असर अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात और सैन्य गतिविधियों पर भी पड़ा है। कई देशों ने अपने एयरस्पेस में बदलाव किए हैं और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
इसी पृष्ठभूमि में भारत का यह कदम क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे एक नियमित सैन्य अभ्यास बताया गया है, लेकिन इसका समय और स्थान इसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना देता है। (India Air Force Drill NOTAM)
क्या होता है NOTAM
नोटम यानी नोटिस टू एयरमेन एक आधिकारिक सूचना होती है, जिसे किसी भी देश की एविएशन अथॉरिटी जारी करती है। इसके जरिए पायलट और एयरलाइंस को बताया जाता है कि किसी खास इलाके में अस्थायी रूप से उड़ान भरना सुरक्षित नहीं है या वहां कुछ विशेष गतिविधि होने वाली है।
जब भी कोई सैन्य अभ्यास होता है, तो उस क्षेत्र का एयरस्पेस कुछ समय के लिए रिजर्व कर लिया जाता है। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि सैन्य गतिविधियों और नागरिक उड़ानों के बीच कोई टकराव न हो।
भारत और पाकिस्तान दोनों देश समय-समय पर इस तरह के नोटिस जारी करते रहे हैं, खासकर तब जब सीमा के पास सैन्य अभ्यास किए जाते हैं। (India Air Force Drill NOTAM)
अभ्यास भारत-पाकिस्तान सीमा के दक्षिणी हिस्से में
यह अभ्यास भारत-पाकिस्तान सीमा के दक्षिणी हिस्से में किया जा रहा है, जिसमें राजस्थान और सिंध के आसपास का इलाका शामिल है। यह क्षेत्र पहले भी कई बार सैन्य अभ्यास का केंद्र रहा है, खासकर तब जब दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा हो।
इस क्षेत्र में खुले रेगिस्तानी इलाके और कम आबादी होने के कारण बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास करना आसान होता है। इसी वजह से वायुसेना अक्सर इस क्षेत्र को चुनती है। (India Air Force Drill NOTAM)
पाकिस्तान का राजनीतिक बयान
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का बयान भी चर्चा में है। उन्होंने संसद में दिए अपने संबोधन में भारत को लेकर कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान किसी भी तरह की आक्रामकता का जवाब देने के लिए तैयार है।
हालांकि, उन्होंने साथ ही बातचीत की बात भी कही और कश्मीर मुद्दे पर वार्ता की जरूरत पर जोर दिया। उनके इस बयान को भारत की ओर से ज्यादा महत्व नहीं दिया गया और इसे राजनीतिक बयानबाजी माना गया।
भारतीय खुफिया सूत्रों के अनुसार, इस तरह के बयान पाकिस्तान के अंदरूनी हालात से ध्यान हटाने के लिए दिए जाते हैं। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि पाकिस्तान इस समय आर्थिक और सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान इस समय एक साथ कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। एक तरफ उसे अफगानिस्तान सीमा पर सक्रिय आतंकवादी संगठनों से निपटना पड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ बलूचिस्तान में भी सुरक्षा स्थिति जटिल बनी हुई है। (India Air Force Drill NOTAM)
इसके अलावा समुद्री क्षेत्र में भी उसे निगरानी बढ़ानी पड़ी है। ऐसे में भारत की ओर से एयरफोर्स अभ्यास की घोषणा ने उसकी सैन्य तैयारियों पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है। एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी के अनुसार, पाकिस्तान की सैन्य और हवाई क्षमता इस समय अपनी पूरी क्षमता के करीब काम कर रही है और कई मोर्चों पर फैली हुई है।
इस नोटम का असर नागरिक उड़ानों पर भी पड़ सकता है। एयरलाइंस को इस अवधि के दौरान अपने रूट में बदलाव करना पड़ सकता है ताकि वे प्रतिबंधित क्षेत्र से दूर रह सकें। हालांकि यह एक सामान्य प्रक्रिया है और हर बड़े सैन्य अभ्यास के दौरान ऐसा किया जाता है। इससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। (India Air Force Drill NOTAM)

