📍बेंगलुरु | 19 Dec, 2025, 9:46 PM
Air Force Test Pilots School: बेंगलुरु में 19 दिसंबर को भारतीय वायुसेना के एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टैब्लिशमेंट (ASTE) के तहत काम करने वाले एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल (AFTPS) में दो खास कोर्सों का वैलेडिक्टरी फंक्शन हुआ। इसमें पहला टेस्ट कोर्स (अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स) यानी ड्रोन टेस्टिंग से जुड़ा कोर्स और 25वां प्रोडक्शन टेस्ट पायलट्स कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया गया।
समारोह के दौरान कोर्स में शानदार प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को ट्रॉफी दी गई। पास आउट हुए अधिकारी अब भारतीय वायुसेना में बेहद अहम जिम्मेदारियां संभालेंगे। ये अधिकारी नए फाइटर जेट्स की टेस्ट फ्लाइंग और देश में बन रहे ड्रोन व अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स की टेस्टिंग करेंगे। इससे भारत के डिफेंस एयरोस्पेस सेक्टर में आत्मनिर्भरता को और मजबूती मिलेगी।
एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल देश की इकलौती ऐसी संस्था है, जहां फिक्स्ड विंग विमान, हेलीकॉप्टर और ड्रोन सिस्टम्स के लिए टेस्ट पायलट और फ्लाइट टेस्ट इंजीनियर तैयार किए जाते हैं। यह स्कूल कई दशकों से भारतीय रक्षा विमानन से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स में अहम भूमिका निभाता आ रहा है। यहां से ट्रेनिंग लेने वाले अधिकारी तेजस जैसे लड़ाकू विमान, ध्रुव हेलीकॉप्टर और अन्य आधुनिक प्लेटफॉर्म्स की टेस्टिंग में शामिल रहे हैं। इसके अलावा भारत के महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष मिशन गगनयान से जुड़े कई अधिकारी भी इसी संस्थान से प्रशिक्षित हैं।
अब तक एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल से 47 फ्लाइट टेस्ट कोर्स, 24 प्रोडक्शन टेस्ट पायलट कोर्स और 4 ड्रोन टेस्ट कोर्स पास आउट हो चुके हैं। इस स्कूल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली हुई है और दुनिया की चुनिंदा टेस्ट पायलट ट्रेनिंग संस्थाओं में इसका नाम शामिल है। यहां मित्र देशों के अधिकारियों को भी ट्रेनिंग दी जाती है।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एयर मार्शल केएए संजीव, वीएसएम, डायरेक्टर जनरल (एयरक्राफ्ट), भारतीय वायुसेना थे। समारोह में वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी, डीआरडीओ, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और फ्लाइट टेस्टिंग से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

