Home Geopolitics Commander Purnendu Tiwari: अभी भी कतर में क्यों हैं नेवल वेटरन पूर्णेंदु...

Commander Purnendu Tiwari: अभी भी कतर में क्यों हैं नेवल वेटरन पूर्णेंदु तिवारी, बाकी सात साथी आ चुके हैं भारत, सरकार ने बताई वजह

Qatar Amir's India Visit: Ex-Naval Officers Urge PM Modi to Help Bring Back Retired Commander Purnendu Tiwari
रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US

📍नई दिल्ली | 19 Feb, 2025, 1:41 PM

Commander Purnendu Tiwari: कतर में गिरफ्तार किए गए आठ भारतीय नेवल वेटरन्स में से सात अब भारत लौट चुके हैं, लेकिन कमांडर पूर्णेंदु तिवारी अब भी वहां की जेल में बंद हैं। उनकी कानूनी लड़ाई अभी भी जारी है और भारत सरकार लगातार उनके रिहाई की कोशिशें कर रही है। कतर अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी के भारत दौरे से पहले भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारियों ने प्रधानमंत्री मोदी से अपील की थी कि वे कमांडर पूर्णेंदु तिवारी को भारत वापस लाने में मदद करें।

Why is Naval Veteran Purnendu Tiwari Still in Qatar While Seven Others Returned? Govt Explains

कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी पिछले दिनों दो दिन के भारत पर आए हुए थे। उससे पहले नौसेना के रिटायर्ड अधिकारियों ने कतर के अमीर और प्रधानमंत्री मोदी से अपील की थी कि वे इस मामले का शीघ्र समाधान निकालें। उनकी यात्रा पर लगे प्रतिबंधों को हटाकर तिवारी को भारत लौटने दिया जाए ताकि वे अपनी बूढ़ी मां और परिवार के साथ फिर से मिल सकें।

Qatar Amir’s India Visit: भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारियों की अपील; कतर में फंसे साथी को भारत वापस लाने की गुहार

विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि कमांडर पूर्णेंदु तिवारी अभी भी कतर में कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। सरकार इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और उनकी जल्द से जल्द सुरक्षित वापसी के लिए राजनयिक स्तर पर प्रयास कर रही है। बता दें कि कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी दो दिवसीय भारत दौरे पर थे।

यह भी पढ़ें:  Chinese Spy Vessels: हिंद महासागर में फिर बढ़ीं चीन की गतिविधियां, 'मछली पकड़ने' के बहाने इस तरह हो रही भारतीय नौसेना की जासूसी?

Commander Purnendu Tiwari: क्या है मामला?

ये आठों अधिकारी कतर की निजी कंपनी अल-दहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज में कार्यरत थे, जो कतर की सेना और सुरक्षा एजेंसियों को ट्रेनिंग और अन्य सेवाएं प्रदान करती थी। अगस्त 2022 में कतर की सुरक्षा एजेंसियों ने भारतीय नौसेना के आठ पूर्व अधिकारियों को गिरफ्तार किया था। कतर की कोर्ट ऑफ फर्स्ट इंस्टेंस ने अक्टूबर 2023 में सभी आठों भारतीय अधिकारियों को मौत की सजा सुनाई थी। हालांकि, भारत सरकार के उच्च स्तरीय कूटनीतिक प्रयासों के चलते दिसंबर 2023 में उनकी सजा को घटाकर तीन से 25 साल के कारावास में बदल दिया गया। बाद में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत हस्तक्षेप के चलते फरवरी 2024 में सात अधिकारियों को रिहा कर भारत लाया गया, लेकिन कमांडर पूर्णेंदु तिवारी की रिहाई नहीं हो सकी। उस समय खबरें आईं थीं कि उन्हें जासूसी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला भारत और कतर के बीच एक बड़ा कूटनीतिक मुद्दा बन गया था।

इसके बाद फरवरी 2024 में सात अधिकारियों को भारत लाया गया, लेकिन रिटायर्ड कमांडर पूर्णेंदु तिवारी की रिहाई नहीं हो सकी। उन पर उनकी एक कंपनी के मामले में अलग वित्तीय जांच चल रही है, जिसके कारण उन्हें कतर में ही रहना पड रहा है। विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी अरुण चटर्जी ने बताया कि उनकी कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है और सरकार लगातार कतर प्रशासन से संपर्क में है।

तिवारी को 2019 में नवाजा था प्रवासी भारतीय सम्मान से

भारत लौटने वाले पूर्व नौसेना अधिकारियों में कैप्टन नवतेज गिल, कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कमांडर संजीव गुप्ता, कमांडर अमित नागपाल, कमांडर बीके वर्मा, कमांडर सुगुणाकर पकाला और नाविक रागेश शामिल थे। कमांडर संजीव गुप्ता और कमांडर सुगुणाकर पकाला ने एक साझा बयान में कहा था, “एक साल हो गया जब कतर ने भारतीय नौसेना के आठ पूर्व अधिकारियों को रिहा किया, लेकिन उनमें से एक साथी अब भी वहीं फंसा हुआ है। उनका कहना था कि कमांडर तिवारी को 2019 में प्रवासी भारतीय सम्मान से नवाजा गया था। उनके साथियों का कहना है कि उनकी गिरफ्तारी और यात्रा प्रतिबंध को जल्द से जल्द हटाया जाना चाहिए।

यह भी पढ़ें:  पाकिस्तान की ‘कश्मीर सॉलिडैरिटी’ का सच, आतंक के खिलाफ बोलने वाले कश्मीरी बुद्धिजीवियों को डराने में जुटी ISI

बता दें कि विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल कतर की जेलों में 600 भारतीय नागरिक बंद हैं, जबकि 2024 में 85 भारतीयों को कतर सरकार ने माफी देकर रिहा किया था।

Author

  • News Desk

    रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US
हिंदीhiहिंदीहिंदी