📍नई दिल्ली | 26 seconds ago
Israel Iran Conflict: इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच भारत ने हालात को शांत करने के लिए तेज डी-एस्केलेशन यानी तनाव कम करने की अपील की है। सरकार के सूत्रों के मुताबिक, भारत इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से देख रहा है और चाहता है कि हालात और न बिगड़ें।
सूत्रों ने बताया कि मौजूदा स्थिति बेहद संवेदनशील है और लगातार हमलों के कारण क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ रही है। ऐसे में भारत की प्राथमिकता है कि सभी पक्ष बातचीत के जरिए तनाव को कम करें। (Israel Iran Conflict)
Israel Iran Conflict: खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता पर भारत का फोकस
भारत ने साफ किया है कि उसकी सबसे बड़ी चिंता खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता है। इसका सीधा संबंध वहां रह रहे भारतीय नागरिकों, व्यापार और समुद्री सुरक्षा से है। गल्फ देशों में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं और वहां की स्थिति का असर सीधे भारत पर पड़ता है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, भारत के लिए जरूरी है कि इस क्षेत्र में शांति बनी रहे ताकि व्यापारिक गतिविधियां और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित न हों। (Israel Iran Conflict)
भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी
इजरायल और ईरान में भारतीय दूतावासों ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें लोगों को सतर्क रहने, गैर-जरूरी यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
तेहरान और तेल अवीव में मौजूद भारतीयों से कहा गया है कि वे स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में दूतावास से संपर्क करें। गल्फ देशों में भी भारतीयों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। (Israel Iran Conflict)
फ्लाइट्स और ट्रैवल पर असर
मौजूदा हालात का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है। कई एयरलाइंस ने मध्य पूर्व के लिए अपनी उड़ानों को रोक दिया है या उनका रूट बदल दिया है। इजरायल का एयरस्पेस बंद होने के कारण कई फ्लाइट्स को डायवर्ट करना पड़ा।
इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और स्थिति सामान्य होने का इंतजार किया जा रहा है। (Israel Iran Conflict)
भारत की रणनीतिक संतुलन नीति
भारत इस पूरे मामले में संतुलन बनाए रखने की नीति पर चल रहा है। सरकार सभी पक्षों के साथ संवाद बनाए रखना चाहती है। सूत्रों के मुताबिक, भारत वॉशिंगटन, तेल अवीव और तेहरान के साथ बैक-चैनल बातचीत को भी बढ़ावा दे रहा है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत अपने हितों की रक्षा करते हुए सभी देशों के साथ संबंध बनाए रखना चाहता है। यही भारत की रणनीतिक ऑटोनॉमी यानी स्वतंत्र नीति का हिस्सा है। (Israel Iran Conflict)
हाल ही में अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए, जिसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मिसाइल हमले किए। इन हमलों की आवाज कई देशों तक सुनी गई और क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ गया।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिका और उसके सहयोगियों को निशाना बनाने की बात कही है। वहीं इजरायल ने इन हमलों को अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है। (Israel Iran Conflict)
व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा पर असर
भारत के लिए इस क्षेत्र का महत्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि देश का बड़ा हिस्सा तेल आयात खाड़ी से होता है। अगर हालात बिगड़ते हैं तो इसका असर एनर्जी सप्लाई और कीमतों पर पड़ सकता है।
इसके अलावा अरब सागर और आसपास के समुद्री मार्ग भारत के व्यापार के लिए बेहद अहम हैं। ऐसे में वहां की सुरक्षा भी भारत के लिए प्राथमिकता बनी हुई है।
सूत्रों के अनुसार, भारत समुद्री सुरक्षा पर भी नजर बनाए हुए है। जरूरत पड़ने पर भारतीय नौसेना अपनी गतिविधियां बढ़ा सकती है ताकि समुद्री रास्तों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। (Israel Iran Conflict)
कई देशों ने जताई चिंता
इस पूरे घटनाक्रम पर दुनिया के कई देशों ने चिंता जताई है और शांति की अपील की है। भारत भी लगातार यही कह रहा है कि तनाव को जल्द से जल्द कम किया जाए और बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाए।
भारत ने किसी भी पक्ष का खुलकर समर्थन नहीं किया है और अपनी पारंपरिक संतुलित विदेश नीति को जारी रखा है। (Israel Iran Conflict)

