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हाइपरसोनिक से क्लस्टर वारहेड तक, ईरान के पास है 3000 से ज्यादा मिसाइलों, ड्रोन आर्मी और खतरनाक हथियारों का जखीरा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुल मिलाकर यह संख्या 3,000 से ज्यादा हो सकती है। ईरान ने अपनी मिसाइलों की अधिकतम रेंज लगभग 2,000 किलोमीटर तक सीमित रखी है...

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📍तेहरान/नई दिल्ली | 28 Feb, 2026, 9:57 PM

Iran Military Power: पश्चिमी एशिया में चल रहे तनाव के बीच ईरान की सैन्य ताकत एक बार फिर चर्चा में है। ईरान की सेना, जिसे इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान आर्म्ड फोर्सेस कहा जाता है, और खास तौर पर इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के पास बड़ी संख्या में मिसाइलें, ड्रोन, टैंक और अन्य हथियार मौजूद हैं। हाल के संघर्ष के दौरान ईरान ने अपने हथियारों का इस्तेमाल किया, जिससे उसकी सैन्य क्षमता को लेकर नई जानकारी सामने आई है।

Iran Military Power: मिसाइल प्रोग्राम ईरान की सबसे बड़ी ताकत

ईरान का मिसाइल प्रोग्राम उसकी सैन्य शक्ति का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है। ईरान के पास अलग-अलग रेंज की हजारों बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुल मिलाकर यह संख्या 3,000 से ज्यादा हो सकती है। ईरान ने अपनी मिसाइलों की अधिकतम रेंज लगभग 2,000 किलोमीटर तक सीमित रखी है, जो क्षेत्रीय स्तर पर इजरायल जैसे बड़े लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए काफी है। (Iran Military Power)

MaRV तकनीक वाली मिसाइलें

शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइलों में शाहाब-1 और शाहाब-2 जैसे सिस्टम शामिल हैं, जिनकी रेंज 300 से 500 किलोमीटर तक है। इसके अलावा फतेह-110 और जोलफागर जैसी मिसाइलें भी बड़ी संख्या में मौजूद हैं। मीडियम रेंज मिसाइलों में शाहाब-3, सिज्जिल और खोर्रमशहर जैसे सिस्टम शामिल हैं, जो 1,000 से 2,000 किलोमीटर तक मार कर सकते हैं।

ईरान ने हाल के सालों में फत्ताह-1 और फत्ताह-2 जैसी हाइपरसोनिक क्षमता वाली मिसाइलों का भी दावा किया है। इसके अलावा क्रूज मिसाइलों में होवेइजेह और अबू महदी जैसे सिस्टम शामिल हैं, जो लंबी दूरी तक सटीक हमला करने में सक्षम हैं। फत्ताह-1 और फत्ताह-2 असल में बैलिस्टिक मिसाइलें हैं, जिनमें मैन्यूवेरेबल री-एंट्री व्हीकल यानी MaRV तकनीक होती है। इसका मतलब यह है कि मिसाइल लक्ष्य के पास पहुंचते समय दिशा बदल सकती है और बहुत तेज गति से हमला करती है। इनकी रेंज करीब 1,400 से 1,500 किलोमीटर बताई जाती है। (Iran Military Power)

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इसी तरह खोर्रमशहर-4 मिसाइल भी ईरान की ताकत का हिस्सा है, जिसकी रेंज लगभग 2,000 किलोमीटर है और यह भारी वारहेड ले जा सकती है। ईरान का दावा है कि यह मिसाइल एक से ज्यादा वारहेड भी ले जा सकती है, हालांकि इसे लेकर पूरी पुष्टि नहीं है। कुछ अन्य क्रूज मिसाइलें जैसे होवेइजेह और अबू महदी को भी तेज बताया जाता है, लेकिन ज्यादातर मामलों में वे सब-सोनिक या टर्मिनल फेज में ही ज्यादा स्पीड पकड़ती हैं।

सुपरसोनिक मिसाइलें भी हैं मौजूद

ईरान के पास सुपरसोनिक मिसाइलें भी मौजूद हैं, यानी ऐसी मिसाइलें जो आवाज की रफ्तार (मैक 1) से कई गुना तेज उड़ती हैं। आम तौर पर ये क्षमता उसकी क्रूज मिसाइलों में और बैलिस्टिक मिसाइलों के आखिरी चरण यानी टर्मिनल फेज में देखने को मिलती है। ईरान की ज्यादातर बैलिस्टिक मिसाइलें, जैसे शाहाब और सिज्जिल, अपने टारगेट के पास पहुंचते समय हाइपरसोनिक स्पीड (मैक 5 से ज्यादा) हासिल कर लेती हैं। हालांकि, अगर बात पूरी तरह विकसित सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की करें, तो ईरान के पास अभी उनकी संख्या सीमित है। (Iran Military Power)

क्लस्टर वारहेड वाली मिसाइलें

इसके अलावा ईरान के पास क्लस्टर वारहेड वाली मिसाइलें भी हैं, जो हवा में जाकर कई छोटे बम छोड़ती हैं। खोर्रमशहर-4 को लेकर ईरान ने दावा किया है कि यह मल्टी-वारहेड कैपेबल है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यह एक साथ कई टारगेट्स को हिट कर सकती है, लेकिन विशेषज्ञ इसे पूरी तरह MIRV नहीं बल्कि क्लस्टर या मल्टीपल पेलोड सिस्टम मानते हैं।

इसके अलावा कद्र, जोलफागर और फतेह सीरीज की कुछ मिसाइलों में क्लस्टर म्यूनिशन इस्तेमाल होने की बात सामने आई है। इन मिसाइलों में मुख्य वारहेड हवा में खुलता है और कई छोटे बम गिराता है, जो बड़े इलाके को कवर करते हैं। 2025 के हमलों में ऐसी मिसाइलों के इस्तेमाल की रिपोर्ट भी सामने आई थी, जहां एक मिसाइल से कई सबम्यूनिशन गिराए गए।

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इन क्लस्टर हथियारों की खासियत यह है कि ये एक साथ बड़े इलाके को नुकसान पहुंचा सकते हैं, लेकिन क्योंकि ये पूरी तरह गाइडेड नहीं होते, इसलिए नागरिक इलाकों में इनके इस्तेमाल से ज्यादा खतरा होता है। (Iran Military Power)

ड्रोन और यूएवी: स्ट्राइक मिशन के लिए इस्तेमाल

ईरान की सैन्य रणनीति में ड्रोन यानी अनमैन्ड एरियल व्हीकल की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। ईरान के पास हजारों की संख्या में ड्रोन मौजूद हैं, जिनका इस्तेमाल निगरानी और हमले दोनों के लिए किया जाता है। शाहेद-136 जैसे कामिकेज ड्रोन हाल के संघर्षों में चर्चा में रहे हैं।

शाहेद-129 और मोहाजेर-6 जैसे ड्रोन सर्विलांस और स्ट्राइक मिशन के लिए इस्तेमाल होते हैं। वहीं अराश और मेराज जैसे लॉइटरिंग म्यूनिशन यानी खुद टारगेट पर गिरकर हमला करने वाले ड्रोन भी ईरान के आर्सेनल का हिस्सा हैं। इन ड्रोन का इस्तेमाल कम लागत में बड़े नुकसान पहुंचाने के लिए किया जाता है। (Iran Military Power)

टैंक और आर्टिलरी

ईरान के पास बड़ी संख्या में जमीनी हथियार भी मौजूद हैं। टैंकों की संख्या 1,500 से ज्यादा बताई जाती है। इनमें करार, जुल्फिकार और टी-72 जैसे टैंक शामिल हैं। इसके अलावा ईरान के पास अलग-अलग तरह की आर्टिलरी गन और मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम भी हैं।

बीएम-21 ग्रैड और फजर-5 जैसे रॉकेट सिस्टम लंबी दूरी तक फायरिंग करने में सक्षम हैं। इन्फैंट्री हथियारों में जी3 राइफल, एके-103 और मशीन गन जैसे सिस्टम शामिल हैं। इसके अलावा एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल जैसे तुफान और देहलावियेह भी सेना के पास हैं।

एयर फोर्स: पुराने प्लेटफॉर्म पर निर्भरता

ईरान की एयर फोर्स को उसकी कमजोर कड़ी माना जाता है। इसके पास कई पुराने फाइटर जेट हैं, जिनमें एफ-14 टॉमकैट, मिग-29 और एफ-4 फैंटम शामिल हैं। हालांकि ईरान इन विमानों को अपग्रेड करके इस्तेमाल कर रहा है।

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हेलीकॉप्टर फ्लीट में एमआई-17, बेल-214 और एएच-1जे जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं। हाल ही में रूस से एमआई-28 अटैक हेलीकॉप्टर मिलने की भी जानकारी सामने आई है। (Iran Military Power)

नौसेना और एंटी-शिप क्षमता

ईरान की नौसेना खास तौर पर पर्शियन गल्फ क्षेत्र में सक्रिय रहती है। यहां उसकी रणनीति तेज गति वाली बोट्स और एंटी-शिप मिसाइलों पर आधारित है। नूर, कादेर और घादिर जैसी मिसाइलें समुद्री लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं।

इसके अलावा ईरान ने नेवल ड्रोन और छोटे हमलावर प्लेटफॉर्म भी विकसित किए हैं, जो समुद्री युद्ध में इस्तेमाल होते हैं।

हाल के सालों में ईरान ने अपने सैन्य सिस्टम में लगातार बदलाव किए हैं। 2025 और 2026 के दौरान नए मिसाइल सिस्टम और उपकरणों को शामिल किया गया। कुछ सैन्य ठिकानों को नुकसान भी पहुंचा, लेकिन इसके बावजूद ईरान अपनी सैन्य क्षमता को बनाए हुए है। (Iran Military Power)

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  • News Desk

    रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

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