📍नई दिल्ली | 17 Jan, 2026, 7:03 PM
Defence sector stocks 2026: भारत का डिफेंस सेक्टर इस समय एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। कुछ साल पहले तक यह सेक्टर सिर्फ सरकारी नीतियों और सीमित सरकारी कंपनियों तक सिमटा हुआ माना जाता था, लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। जनवरी 2026 तक आते-आते डिफेंस सेक्टर न सिर्फ प्रोडक्शन के मामले में रिकॉर्ड बना चुका है, बल्कि निवेशकों के लिए भी सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला सेक्टर बन गया है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत का डिफेंस प्रोडक्शन अब 1.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच चुका है। वहीं डिफेंस एक्सपोर्ट भी तेजी से बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक डिफेंस एक्सपोर्ट को 50,000 करोड़ रुपये तक ले जाया जाए। इस पूरी ग्रोथ के पीछे “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” जैसी नीतियों की बड़ी भूमिका है। (Defence sector stocks 2026)
Top Defence Stocks 2026: क्यों बढ़ रहा है डिफेंस सेक्टर में भरोसा
पिछले कुछ सालों में भारत की सुरक्षा जरूरतें बदली हैं। सीमाओं पर तनाव, समुद्री सुरक्षा, एयर डिफेंस और नई टेक्नोलॉजी की जरूरत ने सरकार को मजबूर किया कि वह विदेशी खरीद पर निर्भरता कम करे। इसका सीधा फायदा भारतीय कंपनियों को मिला। आज भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना अपनी जरूरतों का बड़ा हिस्सा देसी कंपनियों से खरीद रही हैं।
बजट 2025 में सरकार ने डिफेंस के लिए 6.8 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का आवंटन किया था। बाजार के जानकारों का मानना है कि बजट 2026 में यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। यही वजह है कि निवेशक अब डिफेंस सेक्टर को लॉन्ग टर्म ग्रोथ स्टोरी के तौर पर देख रहे हैं। (Defence sector stocks 2026)
Top Defence Stocks 2026: एचएएल है सबसे मजबूत सरकारी खिलाड़ी
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड इस सेक्टर की सबसे बड़ी और भरोसेमंद कंपनी मानी जाती है। यह कंपनी फाइटर एयरक्राफ्ट, हेलीकॉप्टर और इंजन निर्माण में भारत की रीढ़ है। तेजस फाइटर जेट, सुखोई अपग्रेड और कई हेलीकॉप्टर प्रोजेक्ट्स एचएएल के पास हैं।
एचएएल की सबसे बड़ी ताकत उसका जबरदस्त ऑर्डर बुक है, जो 2.3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बताया जा रहा है। इसका मतलब है कि आने वाले कई सालों तक कंपनी के पास काम की कमी नहीं है। यही वजह है कि बाजार इसे एक स्टेबल और लॉन्ग टर्म ग्रोथ शेयर मानता है। (Defence sector stocks 2026)
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड है डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स का किंग
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, यानी बीईएल आज डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स में सबसे आगे है। रडार सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, कम्युनिकेशन सिस्टम और ड्रोन टेक्नोलॉजी में बीईएल की मजबूत पकड़ है। सेना के लगभग हर बड़े प्लेटफॉर्म में किसी न किसी रूप में बीईएल का सिस्टम लगा होता है।
बीईएल की ऑर्डर बुक करीब 74,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बताई जा रही है। खास बात यह है कि बीईएल की एक्जीक्यूशन क्षमता काफी मजबूत मानी जाती है। यही कारण है कि कई ब्रोकरेज हाउस इसे “एक्जीक्यूशन स्टार” कह रहे हैं। एक्सपोर्ट के मोर्चे पर भी बीईएल धीरे-धीरे अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है। (Defence sector stocks 2026)
भारत डायनामिक्स लिमिटेड: मिसाइल कारोबार का मजबूत नाम
भारत डायनामिक्स लिमिटेड, यानी बीडीएल मिसाइल निर्माण में एक बड़ा नाम है। आकाश, अस्त्र और अन्य मिसाइल सिस्टम्स के निर्माण में बीडीएल की अहम भूमिका है। आज के ज्योपॉलिटिकल माहौल में मिसाइल सिस्टम्स की मांग लगातार बनी रहने वाली है।
बीडीएल की ऑर्डर बुक 23,000 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जाती है। हालांकि, जानकार यह भी कहते हैं कि बीडीएल की ग्रोथ काफी हद तक समय पर डिलीवरी और एक्जीक्यूशन पर निर्भर करती है। इसके बावजूद यह शेयर हाई ग्रोथ कैटेगरी में गिना जाता है। (Defence sector stocks 2026)
मझगांव डॉक और डीआरएसई: नौसेना की बैक बोन
भारतीय नौसेना के विस्तार का सीधा फायदा शिपबिल्डिंग कंपनियों को मिल रहा है। मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड पनडुब्बी, डिस्ट्रॉयर और बड़े वॉरशिप बनाने में माहिर है। इसका ऑर्डर बुक करीब 27,000 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है।
वहीं गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स, यानी जीआरएसई, कोरवेट और पेट्रोल वेसल बनाने में आगे है। जीआरएसई की पहचान तेज एक्जीक्यूशन मानी जाती है। मिड-कैप निवेशकों के लिए यह शेयर खासा आकर्षक बना हुआ है। (Defence sector stocks 2026)
प्राइवेट डिफेंस कंपनियों में कहां है ज्यादा रिस्क और रिवॉर्ड
सरकारी कंपनियों के अलावा प्राइवेट डिफेंस कंपनियां भी तेजी से उभर रही हैं। सोलर इंडस्ट्रीज अम्युनिशन और एक्सप्लोसिव्स में बड़ा नाम बन चुकी है। डेटा पैटर्न्स एवियोनिक्स और रडार इलेक्ट्रॉनिक्स में खास पकड़ रखती है।
पारस डिफेंस और एमटीएआर टेक्नोलॉजीज जैसे शेयरों में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहता है, लेकिन जानकारों के मुताबिक इनमें दो से तीन गुना रिटर्न की संभावना भी ज्यादा होती है। जेन टेक्नोलॉजीज सिमुलेटर और ड्रोन सिस्टम्स में काम कर रही है, जो भविष्य की जरूरत मानी जा रही है। (Defence sector stocks 2026)
क्या है एक्जीक्यूशन अल्फा?
नुवामा इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज की जनवरी 2026 में आई लेटेस्ट डिफेंस सेक्टर रिपोर्ट कहती है कि डिफेंस सेक्टर अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। पहले जिस तरह सिर्फ ऑर्डर मिलने पर शेयर तेजी से भागते थे, वह दौर अब खत्म हो रहा है। अब असली कमाई और ग्रोथ उसी कंपनी को मिलेगी, जो समय पर डिलीवरी कर पाएगी और ऑर्डर को सही तरीके से एक्जीक्यूट करके मुनाफे में बदल पाएगी। नुवामा ने इस नए दौर को “एक्जीक्यूशन अल्फा” नाम दिया है। (Defence sector stocks 2026)
ट्रांजिशन फेज में है डिफेंस सेक्टर
रिपोर्ट के मुताबिक डिफेंस सेक्टर इस समय ट्रांजिशन फेज में है। पिछले तीन सालों में भारत सरकार ने करीब 9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के डिफेंस प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इससे ऑर्डर बुक तो भर गई, लेकिन अब अगली चुनौती इन ऑर्डर्स को जमीन पर उतारने की है। इसी वजह से अब सभी डिफेंस शेयर एक साथ नहीं चलेंगे। जो कंपनियां समय पर डिलीवरी करेंगी, लागत को कंट्रोल में रखेंगी और प्रॉफिट दिखा पाएंगी, वही बाजार से बेहतर रिटर्न देंगी। (Defence sector stocks 2026)
छोटी कंपनियों को होगा फायदा
नुवामा का मानना है कि आने वाले समय में डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स और सब-सिस्टम बनाने वाली कंपनियां ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती हैं। इसकी वजह यह है कि इन कंपनियों का एक्जीक्यूशन साइकल छोटा होता है, यानी ऑर्डर मिलने से डिलीवरी तक का समय कम लगता है। इसके अलावा इनका लोकल कंटेंट ज्यादा होता है, मार्जिन बेहतर रहता है और वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट भी ज्यादा अनुशासित होता है। इसके उलट बड़े इंटीग्रेटर्स, जैसे एयरक्राफ्ट या मिसाइल बनाने वाली कंपनियों में प्रोजेक्ट साइकल लंबे होते हैं, जिससे रिस्क भी ज्यादा रहता है। (Defence sector stocks 2026)
कुछ कंपनियों को बताया “एक्जीक्यूशन स्टार”
इसी सोच के आधार पर नुवामा ने कुछ कंपनियों को “एक्जीक्यूशन स्टार” बताया है। इसमें सबसे ऊपर नाम है भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) का। नुवामा का कहना है कि बीईएल की सबसे बड़ी ताकत उसकी मजबूत एक्जीक्यूशन क्षमता है। कंपनी का लोकलाइजेशन लेवल ऊंचा है और वर्किंग कैपिटल भी अच्छी तरह मैनेज किया जा रहा है। करीब 74,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की ऑर्डर बुक के साथ नुवामा को उम्मीद है कि बीईएल आने वाले समय में मिड-टू-हाई टीन ग्रोथ दिखा सकता है। यही वजह है कि नुवामा इसे अपनी पसंदीदा कंपनी मानता है। (Defence sector stocks 2026)
डीसीएक्स सिस्टम्स की ग्रोथ तेज
इसके अलावा डीसीएक्स सिस्टम्स को भी रिपोर्ट में खास जगह दी गई है। नुवामा के मुताबिक डीसीएक्स की ग्रोथ तेज है और कंपनी एक्जीक्यूशन के मामले में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। वहीं सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड को अम्युनिशन और एक्सप्लोसिव्स सेगमेंट में लीडर बताया गया है। बेहतर मार्जिन, मजबूत लोकलाइजेशन और लगातार डिमांड इसे एक मजबूत दावेदार बनाती है। (Defence sector stocks 2026)
इन शेयरों के लिए यह है टारगेट
अन्य कंपनियों पर भी नुवामा ने अपनी राय रखी है। रिपोर्ट के मुताबिक बीईएल के लिए करीब 520 रुपये का टारगेट रखा गया है, जबकि सोलर इंडस्ट्रीज के लिए यह टारगेट करीब 18,000 रुपये बताया गया है। डेटा पैटर्न्स को भी एक अच्छी एक्जीक्यूशन वाली कंपनी माना गया है, जिसका टारगेट करीब 3,570 रुपये बताया गया है। भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) के लिए नुवामा ने 2,020 रुपये का टारगेट दिया है। वहीं हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के लिए 5,800 रुपये का टारगेट तो रखा गया है, लेकिन लंबे एक्जीक्यूशन साइकल की वजह से इसे उतनी प्राथमिकता नहीं दी गई है। जेन टेक्नोलॉजीज को फिलहाल होल्ड की कैटेगरी में रखा गया है, जिसका टारगेट करीब 1,400 रुपये बताया गया है। (Defence sector stocks 2026)
25 से 40 फीसदी सालाना कमाई की ग्रोथ
कुल मिलाकर नुवामा का ओवरऑल नजरिया यह है कि डिफेंस सेक्टर में वैल्यूएशन अब थोड़ी ठंडी हुई है, जिससे चुनिंदा शेयरों में एंट्री का मौका बन रहा है। हालांकि सप्लाई चेन से जुड़े जोखिमों पर नजर रखना जरूरी होगा। इसके बावजूद इंडिजेनाइजेशन, डिफेंस एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी और सरकार के लगातार कैपेक्स खर्च की वजह से लॉन्ग टर्म ग्रोथ की तस्वीर मजबूत बनी हुई है। नुवामा का मानना है कि खासकर प्राइवेट डिफेंस कंपनियों में आने वाले सालों में 25 से 40 फीसदी सालाना कमाई की ग्रोथ देखने को मिल सकती है, जो कई सरकारी कंपनियों से ज्यादा हो सकती है। (Defence sector stocks 2026)
2026 में सेक्टर का ट्रेंड क्या कहता है
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अब डिफेंस सेक्टर “ऑर्डर मिलने” के दौर से निकलकर “ऑर्डर पूरा करने” के दौर में प्रवेश कर चुका है। यानी अब वही कंपनियां आगे निकलेंगी जो समय पर डिलीवरी कर पाएंगी और मुनाफे को संभाल पाएंगी।
जनवरी 2026 में यह सेक्टर थोड़ी कंसोलिडेशन की स्थिति में दिख रहा है, लेकिन बजट 2026 और डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल की बैठकों से इसमें नई तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। (Defence sector stocks 2026)
निवेशकों के लिए क्या समझना जरूरी है
डिफेंस सेक्टर में लॉन्ग टर्म ग्रोथ की संभावना मजबूत मानी जा रही है, लेकिन हर शेयर एक जैसा नहीं है। बड़ी सरकारी कंपनियां ज्यादा सुरक्षित मानी जाती हैं, जबकि मिड और स्मॉल कैप कंपनियों में जोखिम के साथ ज्यादा रिटर्न की संभावना रहती है।
यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव हमेशा बना रहता है। इसलिए किसी भी निवेश से पहले पूरी जानकारी जुटाना और जोखिम को समझना बेहद जरूरी है। (Defence sector stocks 2026)
डिस्क्लेमर: यह खबर सार्वजनिक जानकारियों और बाजार विश्लेषण पर आधारित है। इसे निवेश सलाह न माना जाए। निवेश से पहले स्वयं रिसर्च करें या वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।


