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SIG-716i Rifles: अब भारत में ही राइफलें और गोला-बारूद बनाएगी यह अमेरिकी कंपनी, मेक इन इंडिया को मिलेगा बढ़ावा

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📍नई दिल्ली | 22 Nov, 2024, 6:43 PM

SIG-716i Rifles: भारत में स्वदेशी रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका की हथियार निर्माता कंपनी एसआईजी (SIG) ने भारतीय कंपनी नाइब डिफेंस के साथ एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत एसआईजी-716i राइफल और उससे संबंधित गोला-बारूद का निर्माण भारत में किया जाएगा। इस कदम से न केवल भारत के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भारतीय सेना की स्वदेशी हथियार निर्माण क्षमता भी मजबूत होगी।

SIG-716i Rifles: SIG Sauer to Manufacture Rifles and Ammunition in India, Partnership with Nibe Defence Boosts Make in India Initiative

एसआईजी-716i राइफल और भारतीय सेना की जरूरतें

भारतीय सेना वर्तमान में एसआईजी-716i राइफल का इस्तेमाल कर रही है, जिसकी संख्या 145,400 से अधिक है। 2019 में भारत सरकार ने SIG Sauer को 72,400 SIG-716 राइफलों का ऑर्डर दिया था, इसके बाद SIG Sauer को अतिरिक्त 73,000 राइफलों की आपूर्ति का आदेश भी दिया गया था। यह राइफल भारतीय सेना के विभिन्न सशस्त्र बलों में प्रमुख हथियार के तौर पर इस्तेमाल हो रही है।

इस समझौते के साथ, अब एसआईजी-716i राइफल और उससे संबंधित गोला-बारूद का निर्माण भारत में होगा। इससे न केवल आयात पर निर्भरता कम होगी, बल्कि भारतीय उद्योगों को भी एक बड़ी संजीवनी मिलेगी। इस पहल के साथ ही भारत का रक्षा क्षेत्र न केवल मजबूत होगा, बल्कि वह आत्मनिर्भरता की ओर भी तेजी से बढ़ेगा।

मेक इन इंडिया’ के तहत एक ऐतिहासिक साझेदारी

SIG Sauer के अध्यक्ष रॉन कोहेन ने इस समझौते का एलान करते हुए कहा, “SIG Sauer की अंतरराष्ट्रीय मांग को पूरा करने के लिए हम दुनियाभर में महत्वपूर्ण साझेदारियों को मजबूत कर रहे हैं। भारत में Nibe Defence के साथ हमारा यह नया गठबंधन आने वाले दशकों में भारत के रक्षा क्षेत्र में विकास की संभावनाओं को पूरा करने में मदद करेगा।” इस सहयोग के तहत SIG Sauer को भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ाने और भारतीय रक्षा उद्योग की जरूरतों को पूरा करने के लिए नई अवसरों का लाभ मिलेगा।

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रॉन कोहेन ने इस साझेदारी के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “हम भारत में Nibe Defence के साथ इस साझेदारी को लेकर बेहद उत्साहित हैं। यह साझेदारी हमारे लिए भारत के रक्षा उद्योग में योगदान करने का एक शानदार अवसर है।”

Nibe Defence और SIG Sauer के बीच यह साझेदारी भारतीय सेना की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए की गई है। इसी महीने नवंबर 2024 में पुणे में आयोजित एक औपचारिक समारोह में Nibe Defence और SIG Sauer के अधिकारियों ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।

वहीं, इस समझौते से भारतीय सेना को कई फायदे होंगे। सबसे पहले, स्वदेशी उत्पादन होने से आयात पर निर्भरता कम होगी, जिससे लागत में भी कमी आएगी। दूसरा, भारतीय जवानों को उच्च गुणवत्ता वाले और तेजी से उपलब्ध हथियार मिलेंगे, जो कि उनकी तैयारियों और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।

SIG-716i Rifles: SIG Sauer to Manufacture Rifles and Ammunition in India, Partnership with Nibe Defence Boosts Make in India Initiative

बता दें कि Nibe Defence और Aerospace Limited एक प्रमुख डिफेंस इक्विपमेंट्स बनाने वाली कंपनी है, जिसका प्लांट चाकन, पुणे में स्थित है। यह कंपनी भारतीय सेना और अन्य रक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण इक्विपमेंट्स का निर्माण करती है। कंपनी का उद्देश्य ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत देश में रक्षा उपकरणों का निर्माण बढ़ाना और भारत को आत्मनिर्भर बनाना है।

वहीं, SIG SAUER, Inc. एक प्रसिद्ध अमेरिकी कंपनी है जो हथियार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स, गोला-बारूद, एयरगन्स, सप्रेसर्स, रिमोट-कंट्रोल्ड वेपन्स स्टेशनों और प्रशिक्षण उपकरणों का निर्माण करती है। 250 साल पुरानी यह कंपनी यू.एस. मिलिट्री, वैश्विक रक्षा समुदाय, पुलिस, प्रतिस्पर्धी शूटरों, शिकारियों और जिम्मेदार नागरिकों के बीच बहुत लोकप्रिय है। इसके अलावा, SIG SAUER अपने SIG SAUER अकादमी में विशेष हथियारों का प्रशिक्षण और रणनीतिक प्रशिक्षण भी देती है।

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SIG SAUER का मुख्यालय न्यूइंगटन, न्यू हैम्पशायर में है, और इसके पास अमेरिका में तीन राज्यों में सोलह स्थान और चार अन्य देशों में भी सुविधाएं हैं। इस कंपनी के पास 3,400 से अधिक कर्मचारी हैं। SIG SAUER को “ग्रेट प्लेस टू वर्क™” का प्रमाणपत्र भी मिला हुआ है।

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  • SIG-716i Rifles: अब भारत में ही राइफलें और गोला-बारूद बनाएगी यह अमेरिकी कंपनी, मेक इन इंडिया को मिलेगा बढ़ावा

    हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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