📍सोलंग वैली (हिमाचल प्रदेश) | 4 Nov, 2025, 8:39 PM
Project Yojak: भारतीय सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने अपने प्रोजेक्ट योजक का पांचवां स्थापना दिवस हिमाचल प्रदेश के सोलंग वैली में मनाया। इस मौके पर संगठन ने पिछले चार वर्षों की अपनी प्रमुख उपलब्धियों को साझा किया, जिनमें सड़कों, पुलों और टनलों का निर्माण शामिल है जो देश की सामरिक और सामाजिक दृष्टि से बेहद अहम हैं।
BRO Project Arunank: बीआरओ ने अरुणाचल प्रदेश में मनाया प्रोजेक्ट अरुणांक का 18वां स्थापना दिवस
प्रोजेक्ट योजक ने बीते चार वर्षों में 351.45 किलोमीटर सड़कें, 295.88 मीटर लंबे प्रमुख पुल, और 171 मीटर टनल का निर्माण किया है। ये सभी प्रोजेक्ट देश के सबसे दुर्गम और ऊंचाई वाले इलाकों में पूरे किए गए हैं। इन निर्माण कार्यों ने न केवल सीमावर्ती इलाकों को देश से जोड़ने में मदद की है, बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन को भी आसान बनाया है।
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी उपलब्धियों में अटल टनल, रोहतांग का निर्माण शामिल है, जो दुनिया की सबसे ऊंचाई पर बनी टनल मानी जाती है। इसके अलावा, निम्मू–पदम–दर्चा रोड पर 26 मार्च 2024 को कनेक्टिविटी बना कर इस प्रोजेक्ट ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 जुलाई 2024 को शिंकुन ला टनल की आधारशिला रखी, जो बनने के बाद दुनिया की सबसे ऊंची टनल होगी।

इसका अलावा प्रोजेक्ट योजक के तहत पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी बीआरओ ने सराहनीय कदम उठाए हैं। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में 550 पौधे लगाए गए। संगठन का उद्देश्य निर्माण कार्यों से होने वाले पर्यावरणीय प्रभाव को कम करना और हरियाली को बढ़ावा देना है।

बीआरओ ने अपने कैजुअल पेड लेबरर्स के लिए भी कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें बेहतर आवास, गर्म कपड़े, स्वास्थ्य शिविर और बच्चों की शिक्षा की सुविधा शामिल हैं।
बीआरओ के प्रोजेक्ट योजक की शुरुआत 4 मार्च 2010 को प्रोजेक्ट रोहतांग टनल के तौर पर हुई थी। अटल टनल के सफल निर्माण के बाद इसे 4 नवंबर 2021 को “प्रोजेक्ट योजक” नाम दिया गया।

