HomeDefence Newsअब MNS वेटरंस को भी मिलेगा पूरा हक! सरकार ने बदले एक्स-सर्विसमेन...

अब MNS वेटरंस को भी मिलेगा पूरा हक! सरकार ने बदले एक्स-सर्विसमेन री-एम्प्लॉयमेंट रूल्स

संशोधित नियम 2(c)(i) में अब स्पष्ट लिखा गया है कि जो भी व्यक्ति नियमित आर्मी, नेवी, एयर फोर्स या मिलिट्री नर्सिंग सर्विस में किसी भी रैंक पर सेवा कर चुका है, वह एक्स-सर्विसमेन की परिभाषा में आएगा...

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US

📍नई दिल्ली | 10 Feb, 2026, 4:43 PM

Military Nursing Service: केंद्र सरकार ने एक्स-सर्विसमेन (री-एम्प्लॉयमेंट इन सेंट्रल सिविल सर्विसेज एंड पोस्ट्स) अमेंडमेंट रूल्स 2026 को नोटिफाई कर दिया है। यह अधिसूचना 9 फरवरी को जारी हुई और उसी दिन से लागू हो गई। यह संशोधन संविधान के आर्टिकल 309 के तहत किया गया है, जिसके जरिए सरकार सिविल सेवाओं से जुड़े नियम बना या बदल सकती है।

इस बदलाव का सबसे अहम पहलू यह है कि अब मिलिट्री नर्सिंग सर्विस के कर्मियों को भी साफ तौर पर एक्स-सर्विसमेन की श्रेणी में शामिल कर लिया गया है। पहले नियमों में इस बात को लेकर अस्पष्टता थी कि क्या मिलिट्री नर्सिंग सर्विस अधिकारी अन्य वेटरन्स की तरह री-एम्प्लॉयमेंट के लाभ पाने के हकदार हैं या नहीं। अब यह संशोधन उस अस्पष्टता को पूरी तरह खत्म कर देता है। (Military Nursing Service)

Military Nursing Service: पहले क्या था नियम

मूल नियम 1979 में बनाए गए थे। उनमें एक्स-सर्विसमेन की परिभाषा दी गई थी, जिसमें नियमित सेना, नौसेना और वायुसेना में सेवा कर चुके कर्मियों को शामिल किया गया था। लेकिन मिलिट्री नर्सिंग सर्विस का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिखा गया था।

हालांकि मिलिट्री नर्सिंग सर्विस सेना का हिस्सा हैं, फिर भी कई मामलों में यह सवाल उठता रहा कि क्या इनके अधिकारी री-एम्प्लॉयमेंट के लाभों के पात्र हैं। कुछ जगहों पर लाभ दिए गए, तो कहीं नियमों की व्याख्या अलग तरीके से हुई। इससे कई मिलिट्री नर्सिंग सर्विस पूर्व कर्मियों को सिविल नौकरियों में आवेदन के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ा। (Military Nursing Service)

यह भी पढ़ें:  भारत बनेगा एयरोस्पेस मैन्यूफैक्चरिंग का हब, सितंबर 2026 तक सी-295 का फ्लाइंग मॉडल होगा रोलआउट

नए नियम क्या कहते हैं

संशोधित नियम 2(c)(i) में अब स्पष्ट लिखा गया है कि जो भी व्यक्ति नियमित आर्मी, नेवी, एयर फोर्स या मिलिट्री नर्सिंग सर्विस में किसी भी रैंक पर सेवा कर चुका है, वह एक्स-सर्विसमेन की परिभाषा में आएगा।

यह नियम उन सभी पर लागू होगा जिन्होंने कम से कम छह महीने की लगातार सेवा की हो और जिन्हें अनुशासनहीनता या अयोग्यता के कारण नहीं हटाया गया हो।

सरकार का कहना है कि यह कदम रिहैबिलिटेशन और सेकंड करियर के अवसरों को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। (Military Nursing Service)

अब मिलिट्री नर्सिंग सर्विस कर्मियों को क्या मिलेगा

इस संशोधन के बाद मिलिट्री नर्सिंग सर्विस के पूर्व कर्मियों को वही लाभ मिलेंगे जो अन्य एक्स-सर्विसमेन को मिलते हैं। सेंट्रल गवर्नमेंट की ग्रुप ‘सी’ नौकरियों में 10 फीसदी और ग्रुप ‘डी’ में 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान पहले से है। अब मिलिट्री नर्सिंग सर्विस कर्मी भी इन कोटा का लाभ ले सकेंगे।

इसके अलावा आयु सीमा में राहत मिलेगी। नियम के अनुसार, उम्मीदवार अपनी वास्तविक उम्र में से सैन्य सेवा के वर्षों के साथ अतिरिक्त तीन साल घटा सकता है। इससे उम्र अधिक होने पर भी आवेदन का मौका मिलेगा।

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन और स्टाफ सिलेक्शन कमीशन में भी उन्हें अन्य वेटरन्स की तरह समान दर्जा मिलेगा। (Military Nursing Service)

किसे होगा फायदा

इस बदलाव से हजारों मिलिट्री नर्सिंग सर्विस वेटरन्स को फायदा मिलने की उम्मीद है। खासकर वे अधिकारी जो रिटायरमेंट के बाद हेल्थकेयर, एडमिनिस्ट्रेशन या अन्य सिविल क्षेत्रों में करियर बनाना चाहते हैं, अब उन्हें स्पष्ट कानूनी आधार मिलेगा।

यह भी पढ़ें:  114 राफेल जेट डील पर बड़ा फैसला! मैक्रों का भारत दौरा भारतीय वायुसेना के लिए बन सकता है गेमचेंजर

रक्षा मंत्रालय और डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग का मानना है कि इससे महिला रक्षा कर्मियों को भी बराबरी का अवसर मिलेगा, क्योंकि मिलिट्री नर्सिंग सर्विस में अधिकांश अधिकारी महिलाएं होती हैं। (Military Nursing Service)

क्यों अहम है यह कदम

सशस्त्र बलों में सेवा देने वाले कर्मियों का अनुभव और अनुशासन सिविल प्रशासन में भी उपयोगी माना जाता है। सरकार लंबे समय से वेटरन्स के पुनर्वास और रोजगार को लेकर योजनाएं चला रही है।

यह संशोधन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल नीति स्पष्ट हुई है, बल्कि एक बड़े वर्ग को औपचारिक रूप से मान्यता भी मिली है।

जो भी मिलिट्री नर्सिंग सर्विस वेटरन सिविल सेवाओं में आवेदन करना चाहते हैं, वे आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन और डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग की वेबसाइट पर नियम देख सकते हैं।

जरूरत पड़ने पर वे डायरेक्टरेट जनरल रिसेटलमेंट या डिपार्टमेंट ऑफ एक्स-सर्विसमेन वेलफेयर से भी संपर्क कर सकते हैं। (Military Nursing Service)

Author

  • News Desk

    रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US
News Desk
News Desk
रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

Most Popular