📍नई दिल्ली | 24 Mar, 2026, 12:56 PM
Leh-Manali Snow Clearance: लद्दाख को हिमाचल प्रदेश से जोड़ने वाले अहम लेह-सर्चू-मनाली मार्ग को खोलने की शुरुआत शुरू हो गई है। बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन यानी बीआरओ ने नेशनल हाईवे-03 पर स्नो क्लियरेंस ऑपरेशन शुरू कर दिया है। यह सड़क हर साल भारी बर्फबारी के कारण करीब चार से पांच महीने तक बंद रहती है, जिससे इलाके की कनेक्टिविटी पूरी तरह प्रभावित हो जाती है।
Leh-Manali Snow Clearance: बीआरओ का प्रोजेक्ट हिमांक कर रहा ऑपरेशन
बीआरओ के प्रोजेक्ट हिमांक के तहत यह अभियान चलाया जा रहा है। यह प्रोजेक्ट लद्दाख जैसे ऊंचाई वाले और कठिन इलाकों में सड़क निर्माण और रखरखाव का काम करता है। इस बार भी टीमों ने कठिन मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच बर्फ हटाने का काम शुरू किया है, ताकि सड़क को जल्द से जल्द खोला जा सके।
यह 251.5 किलोमीटर लंबा रास्ता लेह से सरचू तक जाता है और इसमें तीन प्रमुख हाई एल्टीट्यूड पास शामिल हैं। इनमें तंगलंग ला, लाचुंग ला और नकी ला जैसे दर्रे आते हैं, जिनकी ऊंचाई 15 हजार फीट से ज्यादा है। इन इलाकों में सर्दियों के दौरान भारी बर्फ जमा हो जाती है, जिससे सड़क पूरी तरह बंद हो जाती है।
यह सड़क कई दूर-दराज के गांव और बॉर्डर के पास स्थित कैंप के लिए लाइफ लाइन है। सर्चू समेत करीब 9 गांव इस मार्ग पर निर्भर हैं, जहां लगभग 5 से 6 हजार लोग रहते हैं। सड़क बंद होने से इन इलाकों में जरूरी सामान और सेवाओं की आपूर्ति प्रभावित होती है।
सेना के लिए भी महत्वपूर्ण
यह सड़क भारतीय सेना के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। लद्दाख में तैनात सैनिकों तक रसद, उपकरण और जरूरी सामग्री पहुंचाने में यह मार्ग अहम भूमिका निभाता है। सड़क बंद होने पर सेना की सप्लाई लाइन प्रभावित होती है, इसलिए इसे समय पर खोलना जरूरी होता है।
इस ऑपरेशन को बीआरओ की 111 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी, जो 753 बॉर्डर रोड्स टास्क फोर्स के तहत काम करती है, अंजाम दे रही है। टीमों के पास भारी स्नो कटिंग मशीनें और अनुभवी ऑपरेटर्स हैं। ये टीमें लगातार दिन-रात काम कर रही हैं ताकि रास्ते को जल्द से जल्द साफ किया जा सके।
स्नो क्लियरेंस का काम आसान नहीं होता। ऊंचाई, ठंड और खराब मौसम के बीच काम करना चुनौतीपूर्ण होता है। इसके बावजूद बीआरओ की टीमें इस मिशन को पूरा करने में जुटी हुई हैं और रास्ते को फिर से चालू करने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।




