📍नई दिल्ली | 9 Dec, 2025, 8:37 PM
India Air Defence System: भारत ने दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सुरक्षा को और मजबूत करने की बड़ी तैयारी की है। रक्षा मंत्रालय अब स्वदेशी इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम (IADWS) तैनात करने की तैयारी कर रहा है। यह नया सिस्टम मिसाइल, ड्रोन, तेजी से आने वाले हवाई खतरों और दुश्मन के एयरक्राफ्ट से दिल्ली की रक्षा करेगा। यह पूरा सिस्टम स्वदेशी होगा और देश की सुरक्षा जरूरतों के अनुसार बनाया जा रहा है।
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक यह मल्टी-लेयर एयर डिफेंस सिस्टम क्विक रिएक्शन सरफेस-टू-एयर मिसाइल (QRSAM), वैरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (VSHORADS) पर बेस्ड होगा। ये मिसाइलें अलग-अलग दूरी पर आने वाले हवाई खतरों को रोकने के लिए बनाई गई हैं। इससे राजधानी के महत्वपूर्ण इलाकों पर दुश्मन के हमलों की संभावना काफी कम हो जाएगी।
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ हवाई हमले की कोशिश की थी। उसी घटना के बाद दिल्ली जैसे महत्वपूर्ण शहरों की सुरक्षा को और मजबूत करने पर जोर दिया गया था। पहले भारत अमेरिकी सिस्टम नेशनल एडवांस्ड सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम-II (NASAMS-II) लगाने पर विचार कर रहा था, जो वाशिंगटन डीसी और व्हाइट हाउस की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होता है। दोनों देशों के बीच बातचीत भी शुरू हुई थी, लेकिन अमेरिकी सिस्टम की कीमत बहुत अधिक होने के कारण भारत ने इस तरफ कदम नहीं बढ़ाया।
वहीं स्वदेशी सिस्टम की तैनाती की जिम्मेदारी भारतीय वायु सेना संभालेगी। वहीं, सिस्टम के डेवलपमेंट और इंटीग्रेशन का काम डीआरडीओ करेगा। डीआरडीओ पहले ही प्रोजेक्ट कुशा के तहत QRSAM, मीडियम रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल और कई अन्य मॉडर्न एयर डिफेंस सिस्टम बना चुका है। अब यही टेक्नोलॉजी दिल्ली की सुरक्षा में भी इस्तेमाल की जाएगी।
रक्षा सूत्रों का कहना है कि इस सिस्टम को तैयार करने के लिए नेटवर्किंग और कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम बेहद महत्वपूर्ण होंगे। इन सिस्टम्स की मदद से आने वाले खतरों को तुरंत पहचाना जाएगा और समय पर मिसाइल दागकर उन्हें रोका जा सकेगा। यह पूरा नेटवर्क दिल्ली और उसके आसपास की हवाई सुरक्षा को एक साथ जोड़कर काम करेगा।
भारत इस समय रूस से बाकी बचे एस-400 सुदर्शन मिसाइल सिस्टम की दो और स्क्वाड्रन लेने की प्रक्रिया में है। इसके अलावा रूस ने भारत को एस-500 सिस्टम पर भी प्रस्ताव दिया है। लेकिन दिल्ली की सुरक्षा के लिए जो रास्ता चुना गया है, वह पूरी तरह स्वदेशी है और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती देगा।

