HomeIndian ArmyVayu Samanvay-II: पाकिस्तान से सटे रेगिस्तान में भारतीय सेना ने की बड़ी...

Vayu Samanvay-II: पाकिस्तान से सटे रेगिस्तान में भारतीय सेना ने की बड़ी ड्रोन और काउंटर-ड्रोन एक्सरसाइज, देखें वीडियो

इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य ड्रोन और काउंटर-ड्रोन अभियानों (यानि दुश्मन के ड्रोन को पहचानना और रोकना) के लिए नई तकनीकों और तरीकों को परखना था...

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US

📍मुंबई | 1 Nov, 2025, 6:14 PM

Vayu Samanvay-II: भारतीय सेना ने बड़े स्तर का ड्रोन और काउंटर-ड्रोन एक्सरसाइज वायु समन्वय–II का आयोजन किया। यह अभ्यास 28 से 29 अक्टूबर के बीच रेगिस्तानी इलाके में आयोजित किया गयाा था। इस एक्सरसाइज का आयोजन भारतीय सेना की दक्षिणी कमान ने किया था। अभ्यास में ऑपरेशन सिंदूर और अन्य ऑपरेशंस में इस्तेमाल की गई ड्रोन तकनीकों की क्षमता को भी परखा गया।

Malabar Exercise 2025: अमेरिका के 50 फीसदी टैरिफ के बावजूद गुआम में मालाबार नेवल एक्सरसाइज में हिस्सा लेगा भारत

दो दिन तक चले इस अभ्यास का उद्देश्य भारतीय सेना की नई पीढ़ी की युद्ध प्रणाली की तैयारियों को परखना था। इसमें एरियल और ग्राउंड एसेट्स को इंटीग्रेट करके मल्टी-डोमेन कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स के माध्यम से विभिन्न ऑपरेशनल यूनिट्स को जोड़ा गया। यह पूरा अभ्यास इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और मुश्किल परिस्थितियों में किया गया, जिससे यह एक्सरसाइज और ज्यादा वास्तविक और चुनौतीपूर्ण बन गई।

इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य ड्रोन और काउंटर-ड्रोन अभियानों (यानि दुश्मन के ड्रोन को पहचानना और रोकना) के लिए नई तकनीकों और तरीकों को परखना था, ताकि भारतीय सेना उभरते हवाई खतरों का बेहतर तरीके से सामना कर सके। रेगिस्तान के कठिन मौसम और इलाके ने सैनिकों को असली हालात में अभ्यास करने का मौका दिया। इसमें जमीन और हवा से हेलिकॉप्टर, ड्रोन, और अन्य आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर सेना ने दिखाया कि वे मिलकर युद्ध को लड़ सकते हैं और एक-दूसरे को सपोर्ट कर सकते हैं।

वायु समन्वय–II ने भारतीय सेना की अलग-अलग शाखाओं के बीच बेहतर तालमेल और संयुक्त काम करने की क्षमता को दिखाया। इस दौरान सैनिकों ने “आत्मनिर्भर भारत” अभियान के तहत देश में बनी तकनीकों का इस्तेमाल किया। “स्वावलंबनेन विजयः, नवोन्मेषे जयः” के मंत्र को साकार करते हुए यह अभ्यास भारत की रक्षा क्षेत्र में तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम है।

यह भी पढ़ें:  L-70 FCR Drone Detector: भारतीय सेना की 50 साल पुरानी ये एतिहासिक गन बनेगी और दमदार, अब 'सूंघ-सूंघ' कर माइक्रो और स्वॉर्म ड्रोनों का करेगी विनाश

Vayu Samanvay-II

दक्षिणी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने इस अभ्यास की सफलता की प्रशंसा करते हुए कहा कि वायु समन्वय–II से मिली सीखें सेना में ड्रोन और काउंटर-ड्रोन प्रणालियों को और तेजी से डेवलप करने में मदद करेंगी।

भारतीय सेना के अनुसार, यह अभ्यास आधुनिक तकनीक को अपनाने और मल्टी डोमेन वॉरफेयर की तैयारी को मजबूत करने के लिए किया गया। इस अभ्यास में विभिन्न प्रकार के स्वदेशी ड्रोन, आर्टिलरी, इलेक्ट्रॉनिक फ्यूज, और काउंटर-ड्रोन इक्विपमेंट का प्रदर्शन हुआ, जिसे भारतीय उद्योग और सेना के सहयोग से डेवलप किया गया है।

Author

  • News Desk

    रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US
News Desk
News Desk
रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

Most Popular