📍नई दिल्ली | 7 Jan, 2026, 8:05 PM
Vande Mataram 150 Years: भारत के राष्ट्रगीत “वंदे मातरम” के 150 साल पूरे होने के अवसर पर भारतीय सेना देशभर में विशेष मिलिट्री बैंड कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। यह आयोजन राष्ट्रव्यापी समारोहों के दूसरे चरण का हिस्सा है, जिसमें सेना 19 जनवरी से 26 जनवरी तक देश के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर गरिमामय बैंड परफॉर्मेंस प्रस्तुत करेगी। इस पहल का उद्देश्य वंदे मातरम के ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व को सम्मान देना और आम नागरिकों के बीच देशभक्ति और एकता की भावना को मजबूत करना है।
सेना के मुताबिक, इन कार्यक्रमों के जरिए स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े उस गीत को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा, जिसने देश की आजादी की लड़ाई में लोगों को एकजुट किया था। वंदे मातरम की रचना 1875 में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी और यह गीत लंबे समय तक आजादी के आंदोलन की पहचान बना रहा। संविधान सभा ने 1950 में इसे राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया था। (Vande Mataram 150 Years)
Vande Mataram 150 Years: 18 शहरों में परफॉरमेंस
दूसरे चरण के इस आयोजन के तहत सेना के विभिन्न कमांड्स के मिलिट्री बैंड बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, लद्दाख और राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली सहित कई राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों में प्रस्तुति देंगे। पटना, गया, रांची, लखनऊ, प्रयागराज, देहरादून, रायपुर, गोपालपुर, बेंगलुरु, जबलपुर, मुंबई, पुणे, हैदराबाद, जयपुर और शिमला जैसे शहरों के साथ कारगिल और नईहाटी जैसे ऐतिहासिक महत्व वाले स्थान भी इस कार्यक्रम का हिस्सा होंगे। (Vande Mataram 150 Years)
नई दिल्ली स्थित इंडिया गेट पर 18 जनवरी को सेना के आर्मी सिम्फनी बैंड द्वारा एक विशेष प्रस्तुति निर्धारित की गई है। यह कार्यक्रम वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में होने वाले आयोजनों का प्रमुख आकर्षण माना जा रहा है। इसके बाद 19 से 26 जनवरी तक अलग-अलग स्थानों पर नियमित बैंड परफॉर्मेंस होंगी।
सेना के अधिकारियों के अनुसार, हर बैंड परफॉर्मेंस की अवधि लगभग 45 मिनट होगी और ये कार्यक्रम दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे के बीच आयोजित किए जाएंगे, ताकि आम लोग बड़ी संख्या में इसमें शामिल हो सकें। इन प्रस्तुतियों में वंदे मातरम के साथ अन्य देशभक्ति धुनें भी बजाई जाएंगी, जिन्हें सेना के अनुभवी म्यूजिशियन प्रस्तुत करेंगे। (Vande Mataram 150 Years)
यह आयोजन गणतंत्र दिवस सप्ताह के दौरान रखा गया है, जिससे इसका राष्ट्रीय महत्व और भी बढ़ जाता है। सेना का मानना है कि इस तरह के खुले सार्वजनिक कार्यक्रम न केवल सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देते हैं, बल्कि सशस्त्र बलों और नागरिकों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को भी मजबूत करते हैं। वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर यह पहल देशभर में एक साझा राष्ट्रीय भावना को जीवंत रूप देने का प्रयास है। (Vande Mataram 150 Years)


