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पहली बार प्राइवेट कंपनी ने किया पिनाका MBRL का सफल ट्रायल, पोखरण में 24 रॉकेट्स दाग कर दिखाई ताकत

पिनाका सिस्टम भारतीय सेना के लिए एक महत्वपूर्ण हथियार माना जाता है। सेना लगातार अपनी पिनाका रेजिमेंट्स की संख्या बढ़ा रही है। इन रेजिमेंट्स को देश की सीमाओं, खासकर संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जा रहा है...

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📍पोखरण, राजस्थान | 18 Mar, 2026, 8:47 PM

Pinaka Rocket Trials: नागपुर स्थित सोलर इंडस्ट्रीज ने राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में पिनाका एक्सटेंडेड रेंज रॉकेट्स का सफल परीक्षण किया है। यह पहली बार है जब किसी प्राइवेट कंपनी ने प्रोडक्शन लेवल पर पिनाका रॉकेट्स का प्रूफ ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया है।

कंपनी के मुताबिक, इस परीक्षण में कुल 24 एन्हांस्ड पिनाका रॉकेट्स को फायर किया गया। इन सभी रॉकेट्स ने अपने निर्धारित टारगेट को सटीकता के साथ भेदा। ट्रायल के दौरान रॉकेट्स की एक्यूरेसी, कंसिस्टेंसी और लेथैलिटी यानी घातक क्षमता का परीक्षण किया गया, जिसमें उन्होंने बेहतर प्रदर्शन दिखाया। (Pinaka Rocket Trials)

Pinaka Rocket Trials: फील्ड कंडीशंस में शानदार प्रदर्शन

यह परीक्षण पोखरण के कठिन फील्ड कंडीशंस में किया गया, जहां तेज गर्मी, धूल और हवा जैसी परिस्थितियां मौजूद रहती हैं। इन सभी चुनौतियों के बावजूद रॉकेट्स ने अपने टारगेट को सटीक तरीके से हिट किया। कंपनी ने बताया कि रॉकेट्स का प्रदर्शन “एक्सेप्शनली गुड” रहा।

इस ट्रायल को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह प्रोडक्शन लॉट्स का परीक्षण था, यानी बड़े पैमाने पर बनाए गए रॉकेट्स को फील्ड में परखा गया। (Pinaka Rocket Trials)

क्या है पिनाका रॉकेट सिस्टम

पिनाका भारत का स्वदेशी मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है, जिसे डीआरडीओ ने डेवलप किया है। यह सिस्टम एक साथ कई रॉकेट फायर करने की क्षमता रखता है, जिससे दुश्मन के बड़े इलाके को कम समय में निशाना बनाया जा सकता है।

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पिनाका के शुरुआती वर्जन की रेंज करीब 40 किलोमीटर तक थी, लेकिन अब इसके एक्सटेंडेड रेंज और एन्हांस्ड वर्जन में यह दूरी बढ़कर लगभग 75 से 90 किलोमीटर तक पहुंच गई है। कुछ गाइडेड वर्जन में यह रेंज 120 किलोमीटर तक भी बताई जाती है।

एक पिनाका लॉन्चर बहुत कम समय में कई रॉकेट दाग सकता है, जिससे युद्ध के मैदान में तेजी से जवाबी कार्रवाई संभव होती है। इसकी सटीकता भी बेहतर मानी जाती है, जिससे लक्ष्य को सही तरीके से निशाना बनाया जा सकता है। (Pinaka Rocket Trials)

प्राइवेट सेक्टर की बढ़ती भागीदारी

अब तक पिनाका रॉकेट्स का उत्पादन मुख्य रूप से सरकारी कंपनियों द्वारा किया जाता था, लेकिन अब प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। सोलर इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी ने डीआरडीओ से टेक्नोलॉजी ट्रांसफर लेकर इन रॉकेट्स का निर्माण किया है।

कंपनी पहले भी परीक्षण कर चुकी है, लेकिन यह पहली बार है जब प्रोडक्शन स्तर के रॉकेट्स का सफल परीक्षण किया गया है। इससे यह साफ हो गया है कि प्राइवेट कंपनियां भी रक्षा उत्पादन में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

सोलर इंडस्ट्रीज को रक्षा मंत्रालय से करीब 6,084 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। इस ऑर्डर के तहत कंपनी को पिनाका एन्हांस्ड रेंज रॉकेट्स और एरिया डिनायल म्युनिशन्स की सप्लाई करनी है।

एरिया डिनायल म्युनिशन्स ऐसे हथियार होते हैं, जिनका उपयोग बड़े इलाके में दुश्मन की गतिविधियों को रोकने के लिए किया जाता है। इस ट्रायल के सफल होने के बाद अब बड़े पैमाने पर रॉकेट्स की सप्लाई का रास्ता साफ हो गया है। (Pinaka Rocket Trials)

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पिनाका रेजिमेंट्स की संख्या बढ़ा रही भारतीय सेना  

पिनाका सिस्टम भारतीय सेना के लिए एक महत्वपूर्ण हथियार माना जाता है। सेना लगातार अपनी पिनाका रेजिमेंट्स की संख्या बढ़ा रही है। इन रेजिमेंट्स को देश की सीमाओं, खासकर संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जा रहा है।

पिनाका की मदद से सेना लंबी दूरी से दुश्मन के ठिकानों पर हमला कर सकती है। इसमें दुश्मन की आर्टिलरी, कमांड सेंटर और सप्लाई लाइन जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्य शामिल होते हैं। (Pinaka Rocket Trials)

आत्मनिर्भर भारत को मिला बढ़ावा

इस परीक्षण को आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया पहल के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। रक्षा क्षेत्र में प्राइवेट कंपनियों की बढ़ती भागीदारी से देश की उत्पादन क्षमता मजबूत हो रही है।

सोलर इंडस्ट्रीज पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रिय है। कंपनी ने पिनाका रॉकेट्स का निर्यात भी शुरू कर दिया है, जिससे भारत के रक्षा निर्यात को बढ़ावा मिला है। (Pinaka Rocket Trials)

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  • News Desk

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