📍नई दिल्ली | 17 Dec, 2024, 4:25 PM
Indian Army: राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज (MFFR) में एक दर्दनाक घटना में 199वीं मीडियम रेजिमेंट के हवलदार (गनर) चंद्र प्रकाश पटेल का निधन हो गया। यह हादसा 15 दिसंबर की रात को उस समय हुआ जब वह ऑर्टिलरी डिप्लॉयमेंट ट्रेनिंग के दौरान अपनी ड्यूटी कर रहे थे।
रक्षा अधिकारियों के अनुसार, 31 वर्षीय हवलदार चंद्र प्रकाश पटेल गन बैटरी में डिटैचमेंट कमांडर के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे थे। हादसा रात करीब 9:40 बजे तब हुआ जब पटेल एक आर्टिलरी गन को टोइंग वाहन से जोड़ रहे थे। इसी दौरान वाहन ने रैंप पर संतुलन खो दिया और पीछे की ओर फिसल गया, जिससे पटेल गंभीर रूप से घायल हो गए।
Indian Army: तत्काल इलाज के बावजूद नहीं बच सकी जान
घटना के तुरंत बाद हवलदार पटेल को सेना के एंबुलेंस के जरिए नजदीकी फील्ड अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। सेना ने घटना की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश दिया है। चूंकि यह घटना एक ऑपरेशनल अभ्यास के दौरान हुई, इसलिए इसे “बैटल कैजुअल्टी” के रूप में दर्ज किया गया है।
13 साल की सेवा और अटूट समर्पण
हवलदार चंद्र प्रकाश पटेल का सेना में 13 साल का लंबा अनुभव था। अपने समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के लिए वह अपने साथियों और अधिकारियों के बीच बेहद सम्मानित थे। वह उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के नारायणपुर गांव के रहने वाले थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी और 3 साल का बेटा है।
डिटैचमेंट कमांडर के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका
सेना अधिकारियों ने बताया कि हवलदार पटेल की भूमिका अभ्यास के दौरान बेहद महत्वपूर्ण थी। डिटैचमेंट कमांडर के रूप में उनका काम आर्टिलरी गन और अन्य उपकरणों की सही तैनाती सुनिश्चित करना था। ऐसे प्रशिक्षण अभ्यास सेना की युद्ध-तैयारी का अहम हिस्सा होते हैं, जहां सैनिकों की जिम्मेदारी और कुशलता का परीक्षण होता है।
सेना ने जताया शोक
भारतीय सेना ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। सेना ने हवलदार पटेल के परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट करते हुए कहा कि उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। सेना अधिकारियों ने यह भी बताया कि हवलदार पटेल जैसे समर्पित जवान ही देश की सीमाओं की सुरक्षा का मजबूत आधार हैं।
“हवलदार चंद्र प्रकाश पटेल की अकाल मृत्यु हमारे सैनिकों द्वारा अभ्यास और युद्ध-तैयारी के दौरान झेले जाने वाले कठिन संघर्षों की याद दिलाती है। उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा,” एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने कहा।
परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन
सेना और उनके यूनिट के अधिकारियों ने हवलदार पटेल के परिवार को हर संभव मदद और सहयोग का आश्वासन दिया है। उनके अंतिम संस्कार के लिए परिवार को सम्मानपूर्वक व्यवस्था की जाएगी और सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।
सैन्य अभ्यास: युद्ध-तैयारी का एक अहम हिस्सा
राजस्थान का महाजन फील्ड फायरिंग रेंज भारतीय सेना के सबसे महत्वपूर्ण प्रशिक्षण क्षेत्रों में से एक है। यहां समय-समय पर विभिन्न प्रशिक्षण अभ्यास किए जाते हैं, ताकि सैनिकों को वास्तविक युद्ध परिस्थितियों के अनुरूप तैयार किया जा सके। इन अभ्यासों में तोपों की तैनाती, फायरिंग अभ्यास और युद्ध रणनीति का परीक्षण किया जाता है।
लेकिन ऐसे कठिन अभ्यास जोखिमों से भी भरे होते हैं। चाहे तापमान की मार हो या भारी उपकरणों के साथ काम करना, सैनिक हमेशा चुनौतियों का सामना करते हुए अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं।
गांव और परिवार में शोक की लहर
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर स्थित उनके गांव नारायणपुर में जब इस घटना की खबर पहुंची, तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। गांववाले उनके साहस और बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। उनके परिवार और करीबियों ने बताया कि हवलदार पटेल हमेशा से ही सेना में जाकर देश की सेवा करना चाहते थे और उन्होंने अपने सपने को पूरा किया।




