📍नई दिल्ली | 1 Nov, 2025, 4:42 PM
Indian Army Raising Day 2025: भारतीय सेना ने शनिवार को अपनी दो अहम ब्रांच आर्मी एविएशन कॉर्प्स और इंटेलिजेंस कॉर्प्स की वर्षगांठ मनाई। इस मौके पर नई दिल्ली के नेशनल वॉर मेमोरियल में एक श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया, जिसमें शहीद सैनिकों को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए जिन्होंने देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान दिया।
कार्यक्रम में आर्मी एविएशन के डायरेक्टर जनरल और कर्नल कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल विनोद नाम्बियार और मेजर जनरल गोपाल वर्मा, एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री इंटेलिजेंस ने अधिकारियों और जवानों के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर दोनों अधिकारियों ने अपने-अपने कॉर्प्स के योगदान की सराहना की।

आर्मी एविएशन कॉर्प्स की स्थापना 1986 में हुई थी। यह अब सेना की एक आधुनिक और तकनीकी रूप से मजबूत ब्रांच बन चुकी है। यह युनिट बैटल फील्ड में सैनिकों की मोबिलिटी, रिकॉनिसेंस, घायल सैनिकों की अस्पताल पहुंचाने और मानवीय सहायता जैसे मिशन में अहम भूमिका निभाती है। वर्ष 2025 में इसके बेड़े में एएच-64ई अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर शामिल किए गए हैं, जिससे इसकी मारक और निगरानी क्षमता में बड़ा इजाफा हुआ है। साथ ही, रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम ने इसकी सर्विलांस और जानकारी जुटाने की क्षमता को और मजबूत किया है।
🚁 Saluting the Sky Heroes! 🇮🇳
On #ArmyAviationCorpsDay, the nation honours the unmatched courage and precision of aviators who soar beyond limits to guard India’s skies. Battle-tested in #OperationPawan and #OperationVijay, the Corps stands tall as a symbol of bravery,… pic.twitter.com/o7sf2UXHnW— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) November 1, 2025
वहीं इंटेलिजेंस कॉर्प्स की स्थापना 1940 में हुई थी। इंटेलिजेंस कॉर्प्स ने 83 सालों में देश की सुरक्षा और इंटेलिजेंस सिस्टम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसका आदर्श वाक्य सदा सतर्क इसकी पहचान है। यह युनिट सीमा सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी अभियानों, सीमा सुरक्षा, साइबर इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के क्षेत्र में प्रमुख भूमिका निभाती है।

भारतीय सेना ने इस मौके पर कहा कि दोनों यूनिट्स न केवल युद्ध के समय बल्कि, शांति के दौर में भी देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

