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Indian Army IKIGAI: जापानी दर्शन अब सेना की रणनीति में! सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने दिया नया इकीगाई मंत्र

इकीगाई का सीधा अर्थ है जीवन जीने का कारण। इसे आसान भाषा में समझें तो यह वह वजह है, जिसके लिए कोई व्यक्ति हर सुबह उठता है और अपने दिन की शुरुआत करता है...

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📍नई दिल्ली | 18 Dec, 2025, 3:58 PM

Indian Army IKIGAI: आजकल “इकीगाई” (IKIGAI) शब्द काफी चर्चा में है। यह शब्द आम लोगों के जीवन दर्शन से लेकर मिलिट्री प्लेटफॉर्म्स तक सुनाई दे रहा है। जापान से निकला यह कॉन्सेप्ट अब भारत में भी चर्चा का विषय बन गया है, खासकर तब जब भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर इकीगाई से जुड़ा एक नया फ्रेमवर्क पेश किया। ऐसे में यह समझना जरूरी हो जाता है कि इकीगाई क्या है और इसका सेना से क्या संबंध है।

Indian Army IKIGAI: इकीगाई का यह है मतलब

इकीगाई एक जापानी शब्द है। यह दो शब्दों से मिलकर बना है। “इकी” का मतलब होता है जीवन और “गाई” का अर्थ होता है कारण या मूल्य। यानी इकीगाई का सीधा अर्थ है जीवन जीने का कारण। इसे आसान भाषा में समझें तो यह वह वजह है, जिसके लिए कोई व्यक्ति हर सुबह उठता है और अपने दिन की शुरुआत करता है।

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जापान में इकीगाई को बहुत साधारण तरीके से देखा जाता है। वहां इसे किसी बड़े लक्ष्य या ऊंचे पद से नहीं जोड़ा जाता। यह रोजमर्रा की छोटी-छोटी खुशियों से जुड़ा होता है, जैसे परिवार के साथ समय बिताना, पसंद का काम करना, बागवानी, संगीत या समाज के लिए कुछ करना। जापान के ओकिनावा इलाके में लोग लंबी और संतुलित जिंदगी जीते हैं और इसके पीछे इकीगाई को एक अहम वजह माना जाता है। (Indian Army IKIGAI)

Indian Army IKIGAI: पश्चिमी देशों के लिए यह है इकीगाई का अर्थ

वहीं, पश्चिमी देशों में इकीगाई को थोड़ा अलग तरीके से समझाया गया। वहां इसे चार सवालों के मेल के रूप में पेश किया गया। पहला, आपको क्या पसंद है। दूसरा, आप किस काम में अच्छे हैं। तीसरा, दुनिया को किस चीज की जरूरत है। और चौथा, किस काम से आप कमाई कर सकते हैं। इन चारों के बीच संतुलन को इकीगाई कहा गया। हालांकि जापान में इसका मूल अर्थ इससे कहीं ज्यादा सरल और निजी है। (Indian Army IKIGAI)

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Indian Army IKIGAI: सेना प्रमुख ने पेश किया नया इकीगाई फ्रेमवर्क

इकीगाई केवल निजी जीवन तक सीमित नहीं रहा। दिसंबर 2025 में जापान की मेजबानी में हुए लैंड फोर्सेस समिट के दौरान भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने इसी विचार से प्रेरित होकर एक नया इकीगाई फ्रेमवर्क पेश किया। यह फ्रेमवर्क इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में थल सेनाओं के बीच सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रस्तावित किया गया।

इस समिट में भारत के साथ-साथ जापान, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और फिलीपींस जैसे देशों के सेना प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा, रणनीतिक सहयोग और साझा चुनौतियों पर चर्चा हुई। इसी मंच पर जनरल द्विवेदी ने बताया कि जैसे इकीगाई व्यक्ति को जीवन का उद्देश्य देता है, वैसे ही यह नया इकीगाई फ्रेमवर्क सेनाओं को साझा उद्देश्य के साथ काम करने की दिशा दिखाता है। (Indian Army IKIGAI)

सेना के संदर्भ में इकीगाई एक एक्रोनिम है, यानी हर अक्षर का एक अलग मतलब है। इसमें सेनाओं के बीच आपसी तालमेल, सूचना साझा करना, जॉइंट ट्रेनिंग, मानवीय सहायता, तकनीकी सहयोग, सुरक्षा साझेदारी और लॉजिस्टिक्स सहयोग जैसे पहलू शामिल हैं। इसका मकसद यह है कि अलग-अलग देशों की थल सेनाएं मिलकर क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखें। (Indian Army IKIGAI)

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Ikigai meaning and Indian Army IKIGAI framework

IKIGAI फ्रेमवर्क के कंपोनेंट्स

I – Interoperability and Information Sharing: सेनाओं के बीच कंपैटिबिलिटी और इंटेलिजेंस शेयरिंग।
K – Knowledge and Professional Military Education: नॉलेज शेयरिंग और प्रोफेशनल ट्रेनिंग/एजुकेशन।
I – International Humanitarian Assistance and Disaster Relief (HADR): अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवीय मदद और डिजास्टर रिलीफ (जैसे भूकंप, बाढ़ में सहायता)।
G – Generative Technological Partnerships: उभरती टेक्नोलॉजी (जैसे AI, ड्रोन) में पार्टनरशिप।
A – Assurance for Security Partnerships: सिक्योरिटी पार्टनरशिप्स में विश्वास और गारंटी।
I – Integrated Logistics and Sustainment: इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स और सपोर्ट सिस्टम (सप्लाई चेन मजबूत करना)।

जनरल द्विवेदी ने इस फ्रेमवर्क को तीन बुनियादी आधारों पर रखा। पहला, साझा चुनौतियों की पहचान। दूसरा, समान सिद्धांतों पर सहमति। और तीसरा, मिलकर ठोस कदम उठाना। यह विचार इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के बीच सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित है।

क्वाड समूह के सदस्य देश शामिल

यह समिट इसलिए भी अहम मानी गई क्योंकि इसमें क्वाड समूह के सदस्य देशों की भागीदारी रही। क्वाड में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। इन देशों के बीच समुद्री और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर पहले से ही सहयोग चल रहा है। लैंड फोर्सेस समिट में हुई चर्चा ने थल सेनाओं के स्तर पर भी सहयोग को नई दिशा दी।

भारतीय सेना की ओर से यह संदेश साफ था कि भारत एक मुक्त, खुला और इन्क्लूसिव इंडो-पैसिफिक क्षेत्र का समर्थन करता है। इसके लिए समान सोच वाले देशों के साथ मिलकर काम करना जरूरी है। इकीगाई फ्रेमवर्क इसी सहयोग को एक स्ट्रक्चर्ड रूप देता है। (Indian Army IKIGAI)

इकीगाई का मूल भाव है “उद्देश्य”

इस तरह देखा जाए तो इकीगाई का मूल भाव “उद्देश्य” है। व्यक्तिगत जीवन में यह खुशी और संतुलन देता है, जबकि सैन्य संदर्भ में यह सहयोग, साझा जिम्मेदारी और स्थिरता का रास्ता दिखाता है। जापान की संस्कृति से निकला यह विचार अब अंतरराष्ट्रीय सिक्योरिटी डॉयलॉग का हिस्सा बन चुका है।

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इकीगाई आज केवल एक जीवन दर्शन नहीं, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों में अपनाया जाने वाला एक ब्रॉड आइडिया बन गया है। चाहे आम इंसान की रोजमर्रा की जिंदगी हो या देशों की सेनाओं के बीच रणनीतिक सहयोग, इकीगाई का अर्थ हर जगह उद्देश्य और संतुलन से जुड़ा हुआ है। (Indian Army IKIGAI)

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  • Indian Army IKIGAI: जापानी दर्शन अब सेना की रणनीति में! सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने दिया नया इकीगाई मंत्र

    हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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