📍जयपुर, राजस्थान | 3 Nov, 2025, 7:57 PM
Exercise Maru Jwala: राजस्थान के थार मरुस्थल में भारतीय सेना ने अपनी हाई-टेक वॉर एक्सरसाइज मरु ज्वाला शुरू की है। यह अभ्यास सेना की सुदर्शन चक्र कोर के तहत आने वाली शहबाज डिवीजन द्वारा किया जा रहा है। यह पहले से ही पश्चिमी मोर्चे पर चल रही ट्राई सर्विसेज एक्सरसाइज त्रिशूल का एक अहम हिस्सा है।
इस अभ्यास का उद्देश्य जमीन, हवा, समुद्र और डिजिटल क्षेत्र में संयुक्त सैन्य कार्रवाई की क्षमता को परखना है। सेना इस दौरान अपनी आधुनिक युद्ध प्रणाली, नई तकनीक और नेटवर्क आधारित हथियारों की क्षमता को परख रही है।
⚔️ Empowered by Technology. Driven by Reform. 🇮🇳
In Rajasthan, troops of the Shahbaaz Division under Sudarshan Chakra Corps are executing high-intensity Exercise Maru Jwala – a part of the Tri-Services mega drill #ExerciseTrishul.
The exercise showcases cutting-edge warfare —… pic.twitter.com/iE70GNyFDn— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) November 3, 2025
Exercise Maru Jwala: तकनीक और आत्मनिर्भरता पर जोर
इस अभ्यास की थीम “Empowered by Technology, Driven by Reform” यानी “तकनीक से सशक्त, सुधारों से प्रेरित” रखी गई है। इस अभ्यास को इस साल के “सुधार और तकनीकी आत्मनिर्भरता के वर्ष” से जोड़ा गया है। यह दिखाता है कि भारतीय सेना अब सिर्फ परंपरागत युद्ध के लिए नहीं, बल्कि भविष्य के मल्टी-डोमेन बैटल फील्ड के लिए भी पूरी तरह तैयार है।
‘मरु ज्वाला’ में सेना ने अनमैन्ड प्लेटफॉर्म्स, डिजिटल सेंसर नेटवर्क और नेटवर्क-बेस्ड फायरिंग सिस्टम्स का इस्तेमाल किया है। इन सिस्टम से रियल-टाइम निगरानी और सिचुएशनल अवेयरनेस बढ़ाई जा रही है, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत और सटीक कार्रवाई की जा सके।
थार की तपती रेत में तालमेल की परीक्षा
थार के कठिन और गर्म वातावरण में यह युद्धाभ्यास भारतीय सेना की असली ताकत की परीक्षा है। रेगिस्तानी इलाके में सेना के जवान दिन-रात युद्धाभ्यास कर रहे हैं, ताकि हर परिस्थिति में मुकाबले के लिए तैयार रहें। यह अभ्यास ऑपरेशनल सिनर्जी यानी तीनों सेनाओं के बीच तालमेल की जांच के लिए भी जरूरी है।
‘मरु ज्वाला’ में सेना के साथ भारतीय वायुसेना और भारतीय नौसेना का भी सहयोग शामिल है। इस दौरान ड्रोन और हेलीकॉप्टरों के जरिए टारगेट की पहचान और सटीक प्रहार की तकनीक का अभ्यास किया जा रहा है।
‘एक्सरसाइज मरु ज्वाला’ भारतीय सेना के उस प्रयास का हिस्सा है, जिसमें सेना को आत्मनिर्भर और भविष्य के युद्धों के लिए सक्षम बनाया जा रहा है। इस अभ्यास में इस्तेमाल की जा रही तकनीकें न केवल युद्ध की दक्षता बढ़ाती हैं, बल्कि भारतीय रक्षा उद्योग की क्षमता को भी प्रदर्शित करती हैं।

