📍नई दिल्ली/कोलंबो | 8 Jan, 2026, 1:45 PM
COAS Sri Lanka Visit: भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने श्रीलंका की टॉप डिफेंस लीडरशिप से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और सैन्य-से-सैन्य संबंधों को आगे बढ़ाने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब हिंद महासागर क्षेत्र और दक्षिण एशिया में सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां लगातार बदल रही हैं और भारत-श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों के बीच आपसी तालमेल को और मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने श्रीलंका के उप रक्षा मंत्री मेजर जनरल अरुणा जयसेकरा और रक्षा सचिव एयर वाइस मार्शल संपत थुयाकोंथा से मुलाकात की। बातचीत का फोकस द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और बढ़ाने, जॉइंट मिलिट्री ट्रेनिंग बढ़ाने और क्षेत्र के मौजूदा भू-रणनीतिक हालात पर विचार-विमर्श करने पर रहा। (COAS Sri Lanka Visit)
#GeneralUpendraDwivedi, #COAS held discussions with Major General Aruna Jayasekara (Retd), Deputy Minister of Defence & Air Vice Marshal Sampath Thuyacontha (Retd), Secretary of Defence, Sri Lanka.
The interaction focused on strengthening bilateral defence cooperation, enhancing… pic.twitter.com/bDztogdfqL
— ADG PI – INDIAN ARMY (@adgpi) January 8, 2026
भारतीय सेना ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत और श्रीलंका के बीच रक्षा संबंध केवल औपचारिक नहीं, बल्कि भरोसे, साझा हितों और लंबे समय से चले आ रहे सहयोग पर आधारित हैं। बातचीत में इस बात पर जोर दिया गया कि बदलते सुरक्षा माहौल में दोनों देशों की सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय और नियमित संवाद बेहद जरूरी है। (COAS Sri Lanka Visit)

COAS Sri Lanka Visit: मिलिट्री ट्रेनिंग और आपसी तालमेल पर खास जोर
बैठक के दौरान जॉइंट मिलिट्री ट्रेनिंग को और विस्तार देने पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों के अधिकारी इस बात पर सहमत दिखे कि साझा अभ्यास और ट्रेनिंग एक्सचेंज से न केवल प्रोफेशनल स्किल्स में सुधार होता है, बल्कि एक-दूसरे की कार्यशैली को समझने में भी मदद मिलती है। इससे किसी भी आपात स्थिति में मिलकर काम करना आसान हो जाता है।
इसके साथ ही, ह्यूमैनिटेरियन असिस्टेंस एंड डिजास्टर रिलीफ यानी मानवीय सहायता और आपदा राहत के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी बात हुई। श्रीलंका और भारत दोनों ही देश प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित होते रहे हैं। ऐसे में सेनाओं की भूमिका राहत और बचाव कार्यों में अहम होती है। दोनों पक्षों ने माना कि इस क्षेत्र में साझा योजना और अभ्यास से आम लोगों तक तेजी से मदद पहुँचाई जा सकती है। (COAS Sri Lanka Visit)

आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता का असर
यह उच्चस्तरीय मुलाकात भारत-श्रीलंका आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता के ठीक बाद हुई, जो 8 जनवरी को नई दिल्ली स्थित इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ मुख्यालय में आयोजित की गई थी। इस वार्ता में भी दोनों सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी यानी आपसी तालमेल बढ़ाने, रक्षा संबंधों को मजबूत करने और दीर्घकालिक साझेदारी पर चर्चा हुई थी।
इन बैठकों से साफ संकेत मिलता है कि भारत और श्रीलंका अपनी सेनाओं के बीच सहयोग को केवल वर्तमान जरूरतों तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए एक मजबूत ढांचा तैयार कर रहे हैं। (COAS Sri Lanka Visit)
आईपीकेएफ के शहीदों को श्रद्धांजलि
श्रीलंका दौरे के दौरान जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कोलंबो स्थित आईपीकेएफ वॉर मेमोरियल पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। यह स्मारक उन भारतीय सैनिकों की याद में बनाया गया है, जिन्होंने 1987 से 1990 के बीच ऑपरेशन पवन के दौरान श्रीलंका में शांति स्थापना के प्रयासों में अपने प्राण न्योछावर किए थे।
भारतीय सेना के अतिरिक्त महानिदेशालय जनसंपर्क (एडीजीपीआई) के अनुसार, यह समारोह शांति, स्थिरता और क्षेत्रीय सद्भाव के लिए बलिदान देने वाले जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर था। आईपीकेएफ वॉर मेमोरियल आज भी भारतीय सेना के साहस, अनुशासन और पेशेवर प्रतिबद्धता की याद दिलाता है। (COAS Sri Lanka Visit)
क्षेत्रीय शांति और स्थिरता पर दिया जोर
बैठक में दोनों पक्षों ने इस बात को दोहराया कि भारत और श्रीलंका क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे। हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों और बदलते सुरक्षा समीकरणों के बीच यह साझेदारी और भी अहम हो जाती है।
रक्षा सहयोग, मिलिट्री ट्रेनिंग, आपदा राहत और रणनीतिक संवाद जैसे क्षेत्रों में लगातार संपर्क बनाए रखने से दोनों देशों को न केवल आपसी लाभ मिलेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में स्थिरता को भी बल मिलेगा। (COAS Sri Lanka Visit)



