📍नई दिल्ली | 4 Jan, 2026, 7:37 PM
Army Chief UAE-Sri Lanka Visit: भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी 5 से 8 जनवरी 2026 तक संयुक्त अरब अमीरात और श्रीलंका की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब भारत अपने मित्र देशों के साथ रक्षा सहयोग, सैन्य संपर्क और रणनीतिक समझ को और मजबूत करने पर लगातार काम कर रहा है।
Army Chief UAE-Sri Lanka Visit: 5 और 6 जनवरी को यूएई में सेना प्रमुख
पीआईबी की तरफ से जारी प्रेस सूचना के मुताबिक सेना प्रमुख की यात्रा की शुरुआत संयुक्त अरब अमीरात से होगी, जहां वे 5 और 6 जनवरी को विभिन्न सैन्य कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। यूएई पहुंचने पर उन्हें वहां की लैंड फोर्सेज की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। इसके बाद वे यूएई सिक्योरिटी फॉर्सेस के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और सेना के स्ट्रक्चर, भूमिका और क्षमताओं पर विस्तार से चर्चा होगी।
यूएई दौरे के दौरान जनरल उपेंद्र द्विवेदी कई अहम सैन्य ठिकानों का दौरा करेंगे और अधिकारियों व जवानों से बातचीत करेंगे। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इन मुलाकातों का उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच भरोसे और समझ को और मजबूत करना है। भारत और यूएई के बीच पहले से ही संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण और रक्षा सहयोग के कई कार्यक्रम चल रहे हैं। (Army Chief UAE-Sri Lanka Visit)
Army Chief UAE-Sri Lanka Visit: यूएई के साथ डेजर्ट साइक्लोन एक्सरसाइज
हाल ही में भारत और यूएई के बीच मिलिट्री एक्सरसाइज डेजर्ट साइक्लोन का दूसरा संस्करण भी खत्म हुआ है, जो 18 से 30 दिसंबर 2025 तक अबू धाबी के अल-हमरा ट्रेनिंग सिटी में हुआ था। इसमें भारतीय सेना की मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंट से 45 जवान और यूएई की ओर से 53 मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री बटालियन ने हिस्सा लिया था। इस एक्सरसाइज में दोनों सेनाओं ने बिल्डिंग क्लियरिंग, हेलीबॉर्न ऑपरेशंस, आईईडी अवेयरनेस, कैजुअल्टी इवैक्यूएशन, ड्रोन/काउंटर-ड्रोन टेक्नीक्स, जॉइंट असॉल्ट आदि का अभ्यास किया गया था। (Army Chief UAE-Sri Lanka Visit)
आकाश एयर डिफेंस पर हो सकती है चर्चा
वहीं, इस यात्रा के दौरान भारत के स्वदेशी डिफेंस इक्विपमेंट्स और सिस्टम्स में यूएई की बढ़ती रुचि पर भी चर्चा होने की संभावना है। खास तौर पर आकाश एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को लेकर बीते एक साल से दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है। अप्रैल 2025 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारत ने यूएई को आकाश एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम ऑफर किया था, जिसके बाद यूएई ने इसमें रुचि दिखाते हुए जुलाई 2025 में एलओआर यानी लेटर ऑफ रिक्वेस्ट जारी किया था। बता दें कि डिफेंस प्रोक्योरमेंट में एलओआर एक आधिकारिक दस्तावेज होता है, जिसे कोई देश दूसरे देश की सरकार को तब भेजता है, जब वह किसी रक्षा उपकरण, हथियार सिस्टम या मिलिट्री टेक्नोलॉजी को खरीदने में गंभीर रुचि दिखाता है। (Army Chief UAE-Sri Lanka Visit)
CHIEF OF THE ARMY STAFF VISITS UAE & SRI LANKA 🇮🇳
The General Upendra Dwivedi, Chief of the Army Staff (COAS), has proceeded on an official visit to the United Arab Emirates and Sri Lanka from 05–08 January 2026, reaffirming India’s commitment to strengthening defence cooperation… pic.twitter.com/3yemWe64sb— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) January 4, 2026
दरअसल इस समय यूएई हूती रिबेल्स से मिल रहे ड्रोन और मिसाइल खतरों से परेशान है। यूएई ड्रोन और मिसाइल खतरों से निपटने के लिए अपने एयर डिफेंस नेटवर्क को मजबूत करना चाहता है। ऐसे में आकाश सिस्टम को एक भरोसेमंद और किफायती विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। वहीं आकाश सिस्टम ने जिस तरह से ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया था, इससे यूएई का भरोसा बढ़ा है। माना जा रहा है कि सेना प्रमुख की इस यात्रा के दौरान आकाश पर चर्चा हो सकती है।
आकाश एयर डिफेंस सिस्टम भारत का स्वदेशी मध्यम दूरी का सतह-से-हवा में मार करने वाला मिसाइल सिस्टम है, जो फाइटर एयरक्राफ्ट, हेलिकॉप्टर, ड्रोन और क्रूज मिसाइल जैसे खतरों को मार गिराने में सक्षम है। भारतीय सेना और वायुसेना में यह सिस्टम पहले से तैनात है। (Army Chief UAE-Sri Lanka Visit)
यूएई दौरे का एक अहम कार्यक्रम यूएई नेशनल डिफेंस कॉलेज की यात्रा है। यहां जनरल उपेंद्र द्विवेदी कॉलेज के अधिकारियों को संबोधित करेंगे। इस दौरान सैन्य रणनीति, आधुनिक युद्ध की चुनौतियों और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर विचार साझा किए जाएंगे। यह कार्यक्रम दोनों देशों के बीच सैन्य शिक्षा और सोच के आदान-प्रदान को आगे बढ़ाने का प्रयास है।
बता दें कि यूएई लैंड फोर्सेस के कमांडर मेजर जनरल यूसुफ मायूफ सईद अल हल्लामी का भारत दौरा इसी कड़ी का हिस्सा था। वे 27 और 28 अक्टूबर तक दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर भारत आए थे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और यूएई के बीच रक्षा सहयोग, सैन्य संवाद और आपसी समझ को आगे बढ़ाना था। दौरे के दौरान यूएई लैंड फोर्सेस के कमांडर को भारतीय सेना की ओर से ऑपरेशन सिंदूर पर विस्तृत ब्रीफिंग भी दी गई थी। (Army Chief UAE-Sri Lanka Visit)
Army Chief UAE-Sri Lanka Visit: 7 और 8 जनवरी को श्रीलंका दौरे पर
यूएई यात्रा के बाद सेना प्रमुख 7 और 8 जनवरी को श्रीलंका का दौरा करेंगे। श्रीलंका पहुंचने पर उन्हें श्रीलंका सेना की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। इसके बाद वे श्रीलंका की सीनियर मिलिट्री और सिविल लीडरशिप से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में श्रीलंका सेना के कमांडर, रक्षा उप मंत्री और रक्षा सचिव शामिल होंगे। इन बैठकों में श्रीलंका सेना के कमांडर, रक्षा उप मंत्री और रक्षा सचिव शामिल होंगे। बातचीत के दौरान प्रशिक्षण सहयोग, क्षमता निर्माण और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। (Army Chief UAE-Sri Lanka Visit)
Army Chief UAE-Sri Lanka Visit: आईपीकेएफ वॉर मेमोरियल जाएंगे चीफ
अपने श्रीलंका दौरे के दौरान जनरल उपेंद्र द्विवेदी डिफेंस सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज में अधिकारियों को संबोधित करेंगे। इसके अलावा वे बुट्टाला स्थित आर्मी वॉर कॉलेज भी जाएंगे, जहां वे ट्रेनी अफसरों और जवानों से बातचीत करेंगे। इसके अलावा सेना प्रमुख श्रीलंका में इंडियन पीस कीपिंग फोर्स के शहीद जवानों की याद में बने आईपीकेएफ वॉर मेमोरियल पर भी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
भारत और श्रीलंका के बीच लंबे समय से डिफेंस ट्रेनिंग और मिलिट्री एजुकेशन को लेकर सहयोग जारी है। जहां श्रीलंका के कैडेट्स यहां एनडीए, आईएमए और ओटीए में ट्रेनिंग करते हैं। श्रीलंकाई आर्मी के कैडेट्स यहां प्री-कमीशनिंग ट्रेनिंग करते हैं।
खुद श्रीलंका सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल लसांथा रोद्रिगो खुद आईएमए के पूर्व कैडेट रहे हैं और 1990 में कमीशन हुए थे। वहीं पिछले साल वे पासिंग आउट परेड में रिव्यूइंग ऑफिसर भी बने थे। बता दें कि श्रीलंका सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल बीकेजीएम लसांथा रोद्रिगो पिछले साल 11 से 14 जून तक भारत दौरे पर रहे थे। (Army Chief UAE-Sri Lanka Visit)
पिछले साल हुई थी एक्सरसाइज मित्र शक्ति
पिछले साल 10 से 23 नवंबर 2025 तक कर्नाटक के बेलगावी स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में भारत और श्रीलंका की सेनाओं के बीच मित्र शक्ति एक्सरसाइज हुई थी। यह इस अभ्यास का 11वां संस्करण था। इस संस्करण में भारतीय सेना की ओर से करीब 170 जवान शामिल हुए, जिनमें मुख्य रूप से राजपूत रेजिमेंट के सैनिक थे, जबकि भारतीय वायुसेना के 20 पर्सनल भी अभ्यास का हिस्सा बने। वहीं श्रीलंका की ओर से गजबा रेजिमेंट के 135 जवान और श्रीलंका एयर फोर्स के 10 पर्सनल ने इसमें भाग लिया। यह भारत और श्रीलंका की थल सेनाओं के बीच होने वाली प्रमुख द्विपक्षीय आर्मी एक्सरसाइज है, जो साल 2012 से लगातार हो रही है। इसका मकसद दोनों सेनाओं के बीच आपसी समझ बढ़ाना और आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की साझा तैयारी को मजबूत करना है। (Army Chief UAE-Sri Lanka Visit)
मित्र शक्ति अभ्यास का फोकस काउंटर टेररिज्म, सब-कन्वेंशनल ऑपरेशंस, संयुक्त राष्ट्र पीसकीपिंग मिशन, ड्रोन और काउंटर-ड्रोन ऑपरेशंस, और हेलीकॉप्टर ऑपरेशंस जैसे अहम क्षेत्रों पर रहता है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा भारत की “नेबरहुड फर्स्ट” नीति और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति व स्थिरता बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा है। भारत लगातार मित्र देशों के साथ मिलकर क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। (Army Chief UAE-Sri Lanka Visit)
यूएई और श्रीलंका दोनों ही भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम हैं। यूएई पश्चिम एशिया में भारत का बड़ा रक्षा और रणनीतिक साझेदार है, जबकि श्रीलंका हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सुरक्षा दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इन दोनों देशों के साथ सैन्य सहयोग बढ़ाना भारत की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जाता है। (Army Chief UAE-Sri Lanka Visit)



