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तेजस MK1 ‘क्रैश’ को लेकर HAL का बड़ा बयान, बताया मामूली तकनीकी गड़बड़ी

एचएएल ने अपने बयान में साफ कहा कि तेजस का कोई क्रैश नहीं हुआ है। कंपनी के अनुसार यह एक सामान्य तकनीकी समस्या थी, जो ग्राउंड पर हुई और इसे स्टैंडर्ड प्रक्रिया के तहत जांचा जा रहा है...

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📍नई दिल्ली/बेंगलुरु | 23 Feb, 2026, 7:40 PM

Tejas MK1 crash news: हाल ही में कथित एलसीए तेजस एमके1 फाइटर जेट के क्रेश को लेकर हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने कहा है कि तेजस का कोई क्रैश नहीं हुआ है। यह सिर्फ जमीन पर हुई एक मामूली तकनीकी समस्या थी, जिसे जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। कंपनी का कहना है कि ने कहा कि यह घटना उड़ान के दौरान नहीं, बल्कि जमीन पर हुई थी। यानी विमान हवा में नहीं गिरा, बल्कि ग्राउंड पर एक छोटी तकनीकी गड़बड़ी आई थी। (Tejas MK1 crash news)

Tejas MK1 crash news: क्या था पूरा मामला?

दरअसल, पिछले कुछ दिनों में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि इस साल फरवरी की शुरुआत में एक तेजस विमान रूटीन ट्रेनिंग सॉर्टी के बाद लैंडिंग रोल-आउट के दौरान संदिग्ध ब्रेक फेलियर का शिकार हो गया। विमान रनवे ओवरशूट कर डिच में चला गया। एयरफ्रेम को मेजर स्ट्रक्चरल डैमेज पहुंचा। हालांकि पायलेट ने सुरक्षित रूप से ईजेक्ट कर लिया और कोई गंभीर चोट नहीं आई।

रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि ब्रेक फेल होने की वजह से विमान कंट्रोल से बाहर हो गया। हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। फिर भी खबरें इतनी तेजी से फैलीं कि सोशल मीडिया और निवेशकों तक में चिंता दिखने लगी।

अब एचएएल ने इन सभी दावों को गलत बताते हुए कहा है कि यह घटना सिर्फ एक “माइनर टेक्निकल इंसिडेंट ऑन ग्राउंड” थी। यानी कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई थी। (Tejas MK1 crash news)

एचएएल ने क्या कहा अपने आधिकारिक बयान में

एचएएल ने अपने बयान में साफ कहा कि तेजस का कोई क्रैश नहीं हुआ है। कंपनी के अनुसार यह एक सामान्य तकनीकी समस्या थी, जो ग्राउंड पर हुई और इसे स्टैंडर्ड प्रक्रिया के तहत जांचा जा रहा है।

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कंपनी ने यह भी बताया कि एलसीए तेजस दुनिया के आधुनिक फाइटर विमानों में सबसे बेहतर सेफ्टी रिकॉर्ड रखने वाले विमानों में शामिल है। इसका मतलब यह है कि तेजस अब तक काफी सुरक्षित और भरोसेमंद प्लेटफॉर्म साबित हुआ है।

एचएएल ने यह भी कहा कि भारतीय वायुसेना के साथ मिलकर इस घटना की पूरी जांच की जा रही है और जल्द ही इसका समाधान निकाल लिया जाएगा। (Tejas MK1 crash news)

तेजस का सेफ्टी रिकॉर्ड कितना मजबूत है

तेजस भारत का पहला स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है। इसे कई सालों की रिसर्च और डेवलपमेंट के बाद तैयार किया गया है। अब तक यह हजारों घंटों की उड़ान पूरी कर चुका है।

अगर दुनिया के अन्य फाइटर जेट्स से तुलना करें, तो तेजस का सेफ्टी रिकॉर्ड काफी मजबूत माना जाता है। शुरुआती दौर में लगभग हर फाइटर जेट प्रोग्राम में तकनीकी दिक्कतें आती हैं। अमेरिका का एफ-16, फ्रांस का राफेल या स्वीडन का ग्रिपेन, सभी के साथ शुरुआती सालों में कई घटनाएं हुई थीं।

ऐसे में तेजस के साथ अगर कोई छोटी तकनीकी समस्या सामने आती है, तो उसे सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा माना जाता है। (Tejas MK1 crash news)

हालांकि रिपोर्ट्स के दावों के मुताबिक यह तेजस के साथ तीसरा हादसा है। मार्च 2024 में जैसलमेर के पास ट्रेनिंग के दौरान तेजस विमान का एक हादसा हुआ था, हालांकि राहत की बात यह रही कि पायलट पूरी तरह सुरक्षित रहा। इसके बाद नवंबर 2025 में दुबई एयरशो के दौरान एक और दुर्घटना हुई, जहां डिस्प्ले के समय विमान क्रैश हो गया। उस घटना में कंट्रोल लॉस या ज्यादा जी-फोर्स की वजह से ब्लैकआउट की आशंका जताई गई थी और इस हादसे में पायलट शहीद हो गया था। (Tejas MK1 crash news)

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वायुसेना और एचएएल कैसे कर रहे हैं जांच

हर फाइटर जेट में किसी भी तरह की तकनीकी समस्या आने पर एक तय प्रक्रिया होती है। इसे “स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर” कहा जाता है। इसके तहत पूरे सिस्टम की जांच की जाती है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं कोई बड़ी समस्या तो नहीं है।

एचएएल और भारतीय वायुसेना मिलकर इस घटना की जांच कर रहे हैं। इसमें विमान के सिस्टम, ब्रेकिंग मैकेनिज्म, कंट्रोल सिस्टम और अन्य तकनीकी पहलुओं को देखा जा रहा है। ताकि भविष्य में ऐसी कोई भी समस्या दोबारा न आए और विमान पूरी तरह सुरक्षित तरीके से ऑपरेशन करता रहे। (Tejas MK1 crash news)

तेजस प्रोग्राम क्यों है इतना महत्वपूर्ण

तेजस सिर्फ एक फाइटर जेट नहीं है, बल्कि यह भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता का बड़ा प्रतीक है। यह प्रोग्राम “आत्मनिर्भर भारत” मिशन का अहम हिस्सा है।

भारतीय वायुसेना के पास फिलहाल 30 से ज्यादा तेजस एमके1 विमान हैं, जो अलग-अलग स्क्वाड्रन में सेवा दे रहे हैं। आने वाले समय में तेजस एमके1ए और एमके2 जैसे एडवांस्ड वर्जन भी शामिल होने वाले हैं।

भारत ने तेजस एमके1ए के लिए 180 विमानों का बड़ा ऑर्डर दिया है। ऐसे में इस प्रोग्राम का सफल होना देश की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। (Tejas MK1 crash news)

शेयर बाजार पर भी पड़ा असर

इस घटना का असर सिर्फ रक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा। शेयर बाजार में भी इसका असर देखने को मिला। मीडिया में खबरें सामने आने के बाद एचएएल के शेयरों पर तुरंत असर दिखा और दिन की शुरुआत में इसमें करीब 4 से 5 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। ट्रेडिंग के दौरान शेयर का इंट्राडे लो करीब 3,976 रुपये तक चला गया। बाद में हल्की रिकवरी जरूर देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद शेयर 4,024 से 4,031 रुपये के दायरे में ही ट्रेड करता रहा। कुल मिलाकर लगभग 3.5 से 5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इस उतार-चढ़ाव का असर कंपनी के मार्केट कैप पर भी पड़ा, जो घटकर करीब 2.68 लाख करोड़ रुपये के आसपास आ गया।

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हालांकि एचएएल के स्पष्टीकरण के बाद स्थिति कुछ हद तक सामान्य हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट ज्यादा प्रतिक्रिया (ओवर रिएक्शन) का परिणाम थी। (Tejas MK1 crash news)

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी नए या आधुनिक फाइटर जेट में छोटे-मोटे तकनीकी मुद्दे आना सामान्य बात है। असली बात यह होती है कि उन्हें कितनी तेजी से पहचाना और ठीक किया जाता है।

तेजस के मामले में अच्छी बात यह है कि एचएएल और भारतीय वायुसेना दोनों मिलकर तुरंत कार्रवाई कर रहे हैं। इससे यह साफ होता है कि सिस्टम मजबूत है और सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जा रहा। (Tejas MK1 crash news)

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  • News Desk

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