📍नई दिल्ली | 19 Mar, 2026, 9:33 PM
India Pakistan Relations: अमेरिका की एक ताजा खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत और पाकिस्तान दोनों ही अब युद्ध नहीं चाहते हैं, लेकिन आतंकवादी गतिविधियां ऐसी परिस्थितियां बना रही हैं, जिससे कभी भी तनाव बढ़ सकता है।
यह रिपोर्ट अमेरिका के डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस (डीएनआई) की सालाना थ्रेट असेसमेंट रिपोर्ट है, जिसे हाल ही में जारी किया गया। इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि दोनों देश फिलहाल टकराव से बचना चाहते हैं, लेकिन जमीनी हालात पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं।
India Pakistan Relations: आतंकी हमले बन सकते हैं बड़े संकट की वजह
रिपोर्ट में खास तौर पर पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम इलाके में हुए आतंकी हमले का जिक्र किया गया है। इस हमले ने यह दिखाया कि कैसे एक आतंकी घटना दोनों देशों के बीच बड़े टकराव की वजह बन सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे हमले माहौल को अचानक बिगाड़ सकते हैं और दोनों देशों को आमने-सामने ला सकते हैं। यानी भले ही सरकारें युद्ध नहीं चाहतीं, लेकिन आतंकवादी संगठन हालात को खराब कर सकते हैं। (India Pakistan Relations)
परमाणु टकराव का खतरा अभी भी मौजूद
अमेरिकी रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में अभी भी परमाणु टकराव का खतरा बना हुआ है। दोनों देश परमाणु हथियार रखते हैं और पहले भी कई बार आमने-सामने आ चुके हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि जब भी दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता है, तो हालात तेजी से बिगड़ सकते हैं। ऐसे में परमाणु युद्ध का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। (India Pakistan Relations)
पिछले तनाव में अमेरिका की भूमिका का जिक्र
रिपोर्ट में पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच हुए तनाव का भी जिक्र किया गया है। इसमें कहा गया कि उस समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल से हालात को शांत करने में मदद मिली थी। जिसका मतलब है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस क्षेत्र के हालात पर नजर रखी जाती है और जरूरत पड़ने पर दखल दिया जाता है।
रिपोर्ट में दोनों देशों की सैन्य क्षमताओं पर भी बात की गई है। इसमें कहा गया है कि भारत नई और लंबी दूरी तक मार करने वाले परमाणु डिलीवरी सिस्टम पर काम कर रहा है।
वहीं पाकिस्तान भी अपने मिसाइल सिस्टम को लगातार बेहतर बना रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ऐसी मिसाइल तकनीक विकसित कर रहा है, जिससे वह दक्षिण एशिया से बाहर तक निशाना साध सके। (India Pakistan Relations)
आईसीबीएम को लेकर चिंता
अमेरिकी रिपोर्ट में यह भी आशंका जताई गई है कि पाकिस्तान इंटर-कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल यानी आईसीबीएम बनाने की दिशा में काम कर सकता है। यह ऐसी मिसाइल होती है जिसकी रेंज 5,500 किलोमीटर से ज्यादा होती है। अगर ऐसा होता है, तो यह क्षेत्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से भी अहम मामला बन सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सिर्फ भारत और पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि कई अन्य देश भी अपने हथियारों को आधुनिक बना रहे हैं। चीन, उत्तर कोरिया, रूस और पाकिस्तान जैसे देश नई तकनीक पर काम कर रहे हैं।
इन देशों में ऐसे सिस्टम डेवलप किए जा रहे हैं, जिनकी रेंज ज्यादा है और जिन्हें पकड़ना या रोकना पहले से ज्यादा मुश्किल हो सकता है। (India Pakistan Relations)
नई तकनीक से बढ़ी चुनौती
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आजकल ऐसी टेक्नोलॉजी विकसित हो रही है, जिसे डुअल-यूज टेक्नोलॉजी कहा जाता है। इसका मतलब है कि इनका इस्तेमाल नागरिक और सैन्य दोनों कामों में हो सकता है।
ऐसी तकनीक के कारण यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि कौन-सी चीज सैन्य इस्तेमाल के लिए बनाई जा रही है और कौन-सी सामान्य इस्तेमाल के लिए। (India Pakistan Relations)
ड्रग्स और केमिकल सप्लाई पर भी चिंता
इस रिपोर्ट में अवैध ड्रग्स के कारोबार का भी जिक्र किया गया है। इसमें कहा गया है कि चीन और भारत फेंटेनाइल जैसे खतरनाक ड्रग्स के प्रीकर्सर केमिकल और मशीनों के प्रमुख सोर्स बने हुए हैं।
हालांकि रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत ने इस दिशा में अपनी कार्रवाई तेज की है। भारत ने काउंटर-नार्कोटिक्स यानी नशे के खिलाफ अभियान को मजबूत किया है। (India Pakistan Relations)
भारत-अमेरिका सहयोग बढ़ाने के संकेत
जनवरी 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य भारतीय अधिकारियों ने अमेरिका के साथ इस मुद्दे पर सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई थी। इससे यह संकेत मिलता है कि दोनों देश इस समस्या को मिलकर हल करना चाहते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, कार्रवाई के बावजूद ड्रग तस्कर नए तरीके अपनाकर कानून से बच निकल रहे हैं। खासकर मेक्सिको के तस्कर गलत लेबल लगाकर या बिना नियंत्रण वाले केमिकल खरीदकर सिस्टम को चकमा दे रहे हैं। (India Pakistan Relations)

