📍बीजिंग | 30 Oct, 2025, 5:26 PM
China Moon Mission: चीन ने अपने आगामी अंतरिक्ष कार्यक्रम के तहत पाकिस्तान के एक अंतरिक्ष यात्री को अपने स्पेस मिशन में शामिल करने की घोषणा की है। चाइना मैन्ड स्पेस एजेंसी ने बताया कि दो पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री चीन के साथ ट्रेनिंग लेंगे, जिनमें से एक को शॉर्ट-ड्यूरेशन स्पेस फ्लाइट मिशन पर भेजा जाएगा। यह पहली बार है जब पाकिस्तान का कोई अंतरिक्ष यात्री किसी दूसरे देश के मानवयुक्त मिशन का हिस्सा बनेगा।
चाइना मैन्ड स्पेस एजेंसी के प्रवक्ता झांग जिंगबो ने कहा कि दोनों देशों के बीच यह सहयोग विज्ञान और तकनीकी साझेदारी का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री मिशन में “पेलोड स्पेशलिस्ट” के रूप में काम करेगा। यह कार्यक्रम चीन के मौजूदा अंतरिक्ष स्टेशन “तियांगोंग” का हिस्सा है।
चीन ने साथ ही यह भी पुष्टि की है कि उसका “मैंड मून मिशन” 2030 तक तय समय पर पूरा होगा। चाइना मैन्ड स्पेस एजेंसी ने कहा कि वह अगले कुछ वर्षों में चांद पर मानव भेजने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। एजेंसी के अनुसार, इस मिशन के लिए कई अहम ट्रायल्स चल रहे हैं, जिनमें “थर्मल टेस्टिंग”, “लान्यू लूनर लैंडर”, और “लॉन्ग मार्च-10 रॉकेट” की टेस्टिंग शामिल है।
चाइना मैन्ड स्पेस एजेंसी के प्रवक्ता झांग जिंगबो ने बताया कि “मंगझोउ” नामक मानवयुक्त अंतरिक्ष यान और मून लैंडिंग सूट्स पर भी तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य 2030 तक चीन के अंतरिक्ष यात्रियों को चांद की सतह पर उतारने का है और यह योजना सही दिशा में आगे बढ़ रही है।”
चीन के “तियांगोंग” स्पेस स्टेशन पर भी गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। यहां छह-छह महीने की अवधि के लिए अंतरिक्ष यात्री रहते हैं और वैज्ञानिक प्रयोगों के साथ-साथ तकनीकी रखरखाव भी करते हैं। चाइना मैन्ड स्पेस एजेंसी ने गुरुवार को नए अंतरिक्ष दल की घोषणा की, जिसमें झांग लू, वू फेई और झांग होंगझांग शामिल हैं। यह टीम शुक्रवार रात 11:44 बजे जियूक्वान सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से उड़ान भरेगी। झांग लू पहले शेनझोउ-15 मिशन का हिस्सा रह चुके हैं, जबकि बाकी दो अंतरिक्ष यात्री पहली बार अंतरिक्ष में जाएंगे।
इस मिशन के तहत चार चूहों को भी अंतरिक्ष में भेजा जाएगा, ताकि यह अध्ययन किया जा सके कि शून्य गुरुत्वाकर्षण और अकेलेपन का जीवों पर क्या असर पड़ता है।
चीन ने अपने “तियांगोंग” स्पेस स्टेशन बनाने का काम 2011 में शुरू किया था, जब उसे अमेरिकी सुरक्षा चिंताओं के चलते इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया था। आज “तियांगोंग” चीन का पूरी तरह से डेवलपप्ड ऑर्बिटल स्टेशन है, जहां से वह चांद और अन्य ग्रहों के लिए भविष्य की उड़ानों की तैयारी कर रहा है।
चाइना मैन्ड स्पेस एजेंसी ने कहा कि “मैन्ड मून प्रोग्राम” चीन के लिए राष्ट्रीय गौरव का विषय है और यह पूरी तरह घरेलू तकनीक से ऑपरेट होगा। आने वाले महीनों में लॉन्ग मार्च-10 रॉकेट की तकनीकी उड़ानें और परीक्षण जारी रहेंगे। इस एलान के साथ ही चीन ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि वह अंतरिक्ष क्षेत्र में अमेरिका और रूस जैसे देशों की बराबरी करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।
