📍नई दिल्ली | 2 Oct, 2025, 8:51 PM
Amir Khan Muttaqi visit India: अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी अगले हफ्ते भारत का दौरा करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, मुत्ताकी 9 और 10 अक्टूबर को नई दिल्ली में रहेंगे और इस दौरान कई अहम बैठकों में हिस्सा लेंगे। माना जा रहा है कि यह दौरा भारत और तालिबान के बीच बढ़ते कूटनीतिक रिश्तों में एक अहम पड़ाव साबित हो सकता है।
अगस्त में नहीं मिली थी यात्रा की अनुमति
दरअसल, मुत्ताकी की पहले अगस्त 2025 के आखिरी हफ्ते में दिल्ली आने की योजना थी, लेकिन उस समय उन्हें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से यात्रा प्रतिबंध छूट नहीं मिल पाई थी। अब जब यह औपचारिकता पूरी हो गई है, तो उनका यह दिल्ली दौरा तय हुआ है।
2021 के बाद बदले हालात
2021 में तालिबान के अफगानिस्तान की सत्ता संभालने के बाद से भारत और काबुल के बीच रिश्तों में बड़ा बदलाव आया है। हालांकि भारत ने अब तक तालिबान शासन को औपचारिक मान्यता नहीं दी है, लेकिन मानवीय सहायता भेजने से लेकर काबुल में अपना दूतावास फिर से खोलने तक, कई स्तरों पर दोनों देशों के बीच बातचीत और संपर्क जारी है।
इस्लामाबाद-काबुल रिश्तों में तनाव
Amir Khan Muttaqi visit India का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब काबुल और इस्लामाबाद के बीच रिश्ते लगातार खराब हो रहे हैं। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के आतंकियों को पनाह देने का आरोप लगाया है। हाल ही में पाकिस्तान ने अफगान सीमा पर हवाई हमले भी किए, जिनका तालिबान ने कड़ा विरोध किया। ड्यूरंड लाइन पर हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।
विदेश सचिव गए थे तालिबान
इससे पहले जनवरी 2025 में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने दुबई में तालिबान के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी से मुलाकात की थी। यह 2021 के बाद बड़े स्तर दूसरा द्विपक्षीय संपर्क था। चर्चा में अफगानिस्तान की सुरक्षा, विकास परियोजनाएं, मानवीय सहायता और ईरान के चाबहार पोर्ट के माध्यम से व्यापार बढ़ाने पर फोकस रहा। तालिबान ने भारत को “महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और आर्थिक साझेदार” बताया। यह पाकिस्तान-तालिबान तनाव (जैसे पाकिस्तानी हवाई हमलों) के बीच हुआ, जिससे भारत को फायदा मिला।
इसके बाद मई 2025 में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मुत्तकी से फोन पर बात की थी। जयशंकर ने अफगानिस्तान के लिए “बोल्ड मूव्स” और प्रत्यक्ष मानवीय सहायता बढ़ाने का संकेत दिया था। वहीं, तालिबान ने अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की थी।
नई दिल्ली में तालिबान के कई अधिकारी
पिछले कुछ महीनों में तालिबान के कई वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली आ चुके हैं। पिछले महीने ही अफगानिस्तान के दवा और खाद्य उप मंत्री हमदुल्लाह जाहिद फार्मास्यूटिकल्स और हेल्थकेयर की एक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए भारत आए थे। इसके अलावा, एक और वरिष्ठ तालिबान अधिकारी, जो सुरक्षा और रणनीतिक मामलों को देखते हैं, सितंबर में लगभग एक महीने तक दिल्ली में रहे और भारतीय अधिकारियों के साथ बातचीत करते रहे।
वहीं, भारत ने अफगानिस्तान को लगातार मानवीय मदद भेजी है। पिछले साल आए भूकंप के बाद भी भारत ने लगातार मदद पहुंचाई। इसके साथ ही, भारत ने मुंबई और हैदराबाद में अफगानिस्तान के कॉन्सुलेट्स तालिबान अधिकारियों को सौंप दिए हैं। हालांकि, नई दिल्ली स्थित अफगान दूतावास अब भी अशरफ गनी सरकार के प्रतिनिधि चार्ज डी’अफेयर्स मोहम्मद इब्राहिम खिल के पास है। सूत्रों का कहना है कि मुत्ताकी की इस यात्रा के दौरान नई दिल्ली स्थित अफगान दूतावास को भी तालिबान अधिकारियों को सौंपे जाने की संभावना पर चर्चा हो सकती है।
Amir Khan Muttaqi visit India
मुत्ताकी 2021 से तालिबान सरकार में विदेश मंत्रालय संभाल रहे हैं और उनकी यह यात्रा भारत-अफगान रिश्तों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खास बात यह है कि ऐसे समय में जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव चरम पर है, Amir Khan Muttaqi visit India तालिबान के विदेश मंत्री का भारत आना कूटनीतिक समीकरणों में नई हलचल ला सकता है।
Afghanistan FM Amir Khan Muttaqi visit India: Afghanistan’s Foreign Minister Amir Khan Muttaqi is scheduled to visit New Delhi on October 9-10, 2025, marking a key development in India-Afghanistan relations under the Taliban regime. This visit comes at a time of rising Kabul-Islamabad tensions over the Durand Line and Pakistan’s cross-border strikes. India, which has not formally recognized the Taliban government, continues to engage through humanitarian aid, embassy operations, and dialogue. Sources indicate discussions may also cover handing over Afghanistan’s New Delhi embassy to Taliban diplomats, signaling deeper engagement between New Delhi and Kabul despite complex regional challenges.

