📍नई दिल्ली | 8 Dec, 2025, 12:11 PM
Indian Defence Stocks: देश के रक्षा क्षेत्र में पिछले कुछ सालों में तेजी से वृद्धि हुई है, लेकिन इसके बावजूद कई बड़ी डिफेंस कंपनियों के शेयर हाल के दिनों में काफी गिरावट दिखा रहे हैं। चार प्रमुख डिफेंस स्टॉक्स अपने हाई लेवल से 30% तक नीचे आ चुके हैं। शेयर बाजार की इस कमजोरी ने निवेशकों का ध्यान फिर से इन कंपनियों की वास्तविक स्थिति और उनके बिजनेस परफॉर्मेंस की ओर खींचा है।
सबसे ज्यादा चर्चा मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स (Mazagon Dock Shipbuilders – MDL) की है। यह भारतीय नौसेना के लिए डिस्ट्रॉयर, फ्रिगेट और सबमरीन बनाने वाली सरकारी कंपनी है। सितंबर 2025 तक कंपनी के पास लगभग 27,415 करोड़ रुपये का मजबूत ऑर्डर बुक है। इसके बावजूद शेयर अपने 52 हफ्ते के अपने उच्चतम स्तर से करीब 30 फीसदी गिर चुका है। कंपनी की मार्जिन में गिरावट आई है क्योंकि कोस्ट गार्ड और MPV प्रोजेक्ट्स पर भारी प्रावधान करना पड़ा। (Indian Defence Stocks)
दूसरी कंपनी गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) भी अपने हाई से लगभग 29% नीचे है। यह कंपनी भारतीय नौसेना के लिए एडवांस वॉरशिप, पी-17 अल्फा फ्रिगेट, एंटी-सबमरीन शैलो वाटर क्राफ्ट और रिसर्च वेसल बनाती है। सितंबर 2025 तक GRSE के पास 20,200 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक है, और कंपनी ने इस साल मजबूत रेवेन्यू और मुनाफा दर्ज किया है। (Indian Defence Stocks)
तीसरी कंपनी जेन टेक्नोलॉजीज (Zen Technologies) है, जो ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम, सिम्युलेटर और रोबोटिक्स जैसी टेक्नोलॉजी बनाती है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद इसके उपकरणों की मांग बढ़ी थी, लेकिन नियमित ऑर्डर में देरी से इसकी आय में गिरावट हुई और शेयर अपने 52 हफ्ते के अपने उच्चतम स्तर से 45 फीसदी नीचे पहुंच गया है। (Indian Defence Stocks)
चौथी कंपनी पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज (Paras Defence) है। यह कंपनी ऑप्टिक्स, ओप्ट्रॉनिक्स, रॉकेट मोटर ट्यूब, कमांड कंसोल और स्पेस इक्विपमेंट बनाती है। बेहतर रेवेन्यू के बावजूद शेयर लगभग 26 फीसदी टूट गया है। (Indian Defence Stocks)

