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ईरान के शाहेद की मार से बचने के लिए जेलेंस्की की शरण में ट्रंप! अमेरिका को चाहिए यूक्रेनी इंटरसेप्टर ड्रोन सिस्टम

यूक्रेन पिछले कई वर्षों से रूस के साथ चल रहे युद्ध में बड़ी संख्या में ड्रोन हमलों का सामना कर रहा है। रूस ने कई बार शाहेद ड्रोन का इस्तेमाल यूक्रेन के शहरों और ऊर्जा ढांचे पर हमला करने के लिए किया है...

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📍नई दिल्ली | 7 Mar, 2026, 12:02 AM

Ukraine interceptor drones: पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिकी रक्षा विभाग यानी पेंटागन अब ईरान के शाहेद ड्रोन से बचाव के लिए यूक्रेन की तकनीक का सहारा लेने पर विचार कर रहा है। रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका और कुछ खाड़ी देशों ने यूक्रेन से सस्ते इंटरसेप्टर ड्रोन खरीदने को लेकर बातचीत शुरू की है। इन ड्रोन का इस्तेमाल ईरान के शाहेद हमलावर ड्रोन को हवा में ही रोकने के लिए किया जाता है।

इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी पुष्टि की है कि अमेरिका ने उनसे मध्य पूर्व क्षेत्र में शाहेद ड्रोन से सुरक्षा के लिए विशेष सहयोग मांगा है। (Ukraine interceptor drones)

Ukraine interceptor drones: अमेरिका ने यूक्रेन से मांगा तकनीकी सहयोग

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि अमेरिका ने मध्य पूर्व में शाहेद ड्रोन के खिलाफ सुरक्षा में मदद के लिए यूक्रेन से अनुरोध किया है। जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं और यूक्रेनी विशेषज्ञों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए, ताकि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा सके।

उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन उन देशों की मदद करता है जो उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और उसके नागरिकों की रक्षा में सहयोग करते हैं।

यूक्रेन लंबे समय से रूस के खिलाफ युद्ध में ईरानी डिजाइन वाले शाहेद ड्रोन का सामना कर रहा है। इस दौरान यूक्रेन ने कम लागत वाले इंटरसेप्टर ड्रोन विकसित किए हैं जो इन ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर सकते हैं। (Ukraine interceptor drones)

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क्यों जरूरी पड़े यूक्रेनी इंटरसेप्टर ड्रोन

रिपोर्टों के अनुसार खाड़ी देशों ने अब तक ईरानी ड्रोन से बचाव के लिए महंगे मिसाइल सिस्टम का इस्तेमाल किया है। इनमें सबसे प्रमुख अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम की PAC-3 इंटरसेप्टर मिसाइलें शामिल हैं।

लेकिन इन मिसाइलों की कीमत बहुत अधिक होती है और लगातार हमलों के कारण इनका भंडार तेजी से कम हो रहा है।

दूसरी ओर ईरान के शाहेद ड्रोन अपेक्षाकृत सस्ते होते हैं। इनकी कीमत लगभग 30 हजार डॉलर के आसपास बताई जाती है, जबकि एक पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइल की कीमत लाखों डॉलर तक हो सकती है।

ऐसी स्थिति में कई देशों ने सस्ते विकल्पों की तलाश शुरू कर दी है। इसी वजह से यूक्रेन के इंटरसेप्टर ड्रोन को लेकर रुचि बढ़ी है। (Ukraine interceptor drones)

यूक्रेन के पास है ड्रोन युद्ध का अनुभव

यूक्रेन पिछले कई वर्षों से रूस के साथ चल रहे युद्ध में बड़ी संख्या में ड्रोन हमलों का सामना कर रहा है। रूस ने कई बार शाहेद ड्रोन का इस्तेमाल यूक्रेन के शहरों और ऊर्जा ढांचे पर हमला करने के लिए किया है।

इन हमलों से निपटने के लिए यूक्रेन ने सस्ते और बड़े पैमाने पर तैयार किए जाने वाले इंटरसेप्टर ड्रोन विकसित किए हैं। ये छोटे लेकिन तेज ड्रोन होते हैं जो हमलावर ड्रोन का पीछा करके उसे टक्कर मारते हैं या विस्फोट से नष्ट कर देते हैं।

यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार रूस ने पिछले वर्ष हजारों ड्रोन यूक्रेन पर दागे थे। इस लगातार खतरे के कारण यूक्रेन ने अपने ड्रोन रोधी सिस्टम को तेजी से विकसित किया है। (Ukraine interceptor drones)

तेज रफ्तार वाले इंटरसेप्टर ड्रोन

यूक्रेन के कुछ इंटरसेप्टर ड्रोन की अधिकतम रफ्तार लगभग 250 किलोमीटर प्रति घंटे तक बताई जाती है। इसके मुकाबले शाहेद ड्रोन की अधिकतम गति लगभग 185 किलोमीटर प्रति घंटे होती है।

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इस वजह से ये इंटरसेप्टर ड्रोन हमलावर ड्रोन को पकड़कर नष्ट करने में सक्षम होते हैं।

कुछ ड्रोन कंप्यूटर विजन तकनीक का इस्तेमाल करते हैं, जिससे वे लक्ष्य को पहचान कर उस पर हमला कर सकते हैं। वहीं कुछ ड्रोन को जमीन से ऑपरेटर द्वारा नियंत्रित किया जाता है। (Ukraine interceptor drones)

यूक्रेन के प्रमुख इंटरसेप्टर ड्रोन

यूक्रेन में कई कंपनियां इस तरह के इंटरसेप्टर ड्रोन बना रही हैं। इनमें कुछ प्रमुख ड्रोन सिस्टम भी शामिल हैं जो पहले से तैनात किए जा चुके हैं।

इनमें से एक मेरोप्स इंटरसेप्टर ड्रोन है, जो फिक्स्ड-विंग डिजाइन वाला ड्रोन है। इसके अलावा यूक्रेनी कंपनी वाइल्ड हॉर्नेट्स द्वारा बनाया गया स्टिंग क्वाडकॉप्टर ड्रोन भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

इसके अलावा जनरल चेरी नाम की कंपनी भी तेज गति वाले “शाहेद हंटर” इंटरसेप्टर ड्रोन तैयार करती है।

इन ड्रोन की कीमत आमतौर पर कुछ हजार डॉलर के आसपास बताई जाती है, इसलिए इन्हें बड़ी संख्या में इस्तेमाल किया जा सकता है। (Ukraine interceptor drones)

खाड़ी देशों की बढ़ती चिंता

हाल के दिनों में मध्य पूर्व में ईरान और उसके सहयोगी समूहों द्वारा ड्रोन हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। इन हमलों का लक्ष्य कई बार सैन्य और रणनीतिक ठिकाने भी रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार शाहेद ड्रोन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें आसानी से छिपाया जा सकता है और इन्हें अलग-अलग स्थानों से लॉन्च किया जा सकता है।

इस वजह से पारंपरिक मिसाइल रक्षा प्रणाली के लिए इनका पता लगाना और इन्हें रोकना मुश्किल हो जाता है। (Ukraine interceptor drones)

पेंटागन की टीम ने किया यूक्रेन का दौरा

अमेरिकी रक्षा विभाग की काउंटर-ड्रोन टास्क फोर्स के अधिकारियों ने हाल ही में यूक्रेन का दौरा किया था। इस दौरे का उद्देश्य यह समझना था कि यूक्रेन किस तरह ड्रोन हमलों से अपने शहरों और सैन्य ठिकानों की रक्षा कर रहा है।

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इस टास्क फोर्स का नेतृत्व ब्रिगेडियर जनरल मैट रॉस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन ने ड्रोन हमलों से बचाव के लिए एक एकीकृत नेटवर्क विकसित किया है, जिसमें कई तरह के सेंसर और निगरानी प्रणाली शामिल हैं।

यह नेटवर्क ध्वनि, रडार और अन्य तकनीकों के माध्यम से आने वाले ड्रोन का पता लगाने में मदद करता है। इसके बाद इंटरसेप्टर सिस्टम को सक्रिय किया जाता है। (Ukraine interceptor drones)

मध्य पूर्व में ड्रोन खतरे को लेकर चिंता

अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए ड्रोन खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन हमलों की खबरें भी सामने आई थीं।

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक युद्ध में ड्रोन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और इनसे निपटने के लिए नई तकनीक विकसित करना जरूरी हो गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन के पास इस तरह के युद्ध का सबसे अधिक अनुभव है क्योंकि वहां लंबे समय से ड्रोन हमले हो रहे हैं। इसी वजह से कई देश यूक्रेन की एंटी-ड्रोन तकनीक में रुचि दिखा रहे हैं। (Ukraine interceptor drones)

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