HomeDefence NewsRed Fort Car Blast: दिल्ली कार ब्लास्ट में कहीं जम्मू-कश्मीर के डॉक्टरों...

Red Fort Car Blast: दिल्ली कार ब्लास्ट में कहीं जम्मू-कश्मीर के डॉक्टरों से जुड़े आतंकी मॉड्यूल का हाथ तो नहीं? फरीदाबाद से बरामद हुआ था 350 किलो विस्फोटक

दिल्ली ब्लास्ट में खुलासा हुआ है कि धमाका HR26-7674 आई20 में कार हुआ था। यह गाड़ी सलमान नदीम खान के नाम रजिस्टर्ड हैI ब्लास्ट में कम से कम 8 गााड़ियों को जबरदस्त नुकसान हुआ है...

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US

📍नई दिल्ली | 10 Nov, 2025, 10:35 PM

Red Fort Car Blast: दिल्ली में सोमवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब लाल किले के गेट नंबर-1 के पास खड़ी एक कार में अचानक तेज धमाका हो गया। इस विस्फोट में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 14 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दिल्ली ब्लास्ट में खुलासा हुआ है कि धमाका HR26CE7674 आई20 में कार हुआ था। यह गाड़ी मोहम्मद सलमान के नाम रजिस्टर्ड हैI ब्लास्ट में कम से कम 8 गााड़ियों को जबरदस्त नुकसान हुआ है। घटना शाम करीब 6 बजकर 55 मिनट पर हुई, जिसकी तेज आवाज दूर तक सुनाई दी और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। एनएसजी और एनआईए समेत फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी मौके पर पहुंच गई है और जांच शुरू कर दी गई है।

Red Fort Car Blast: लाल किले के पास कार ब्लास्ट में 10 की मौत, NIA-NSG ने संभाली जांच

इससे पहले फरीदाबाद में सोमवार को एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें जम्मू-कश्मीर के दो डॉक्टरों की शामिल होने की बात सामने आई है। पुलिस ने करीब 350 किलो आरडीएक्स, एके-47 राइफल और बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है। यह आतंकी नेटवर्क पूरे भारत में हमलों की योजना बना रहा था। सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह गजवात-ए-उल-हिंद (ISIS का लोकल मॉड्यूल) से जुड़ा था, जो देशभर में बड़े पैमाने पर आतंकी हमलों की साजिश रच रहा था।

एनआईए संभाल सकती है जांच

इस मामले की जांच अब नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी को सौंपी जा सकती है। जांच एजेंसियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के दो डॉक्टर डॉ. आदिल अहमद राठर और डॉ. मुफाजिल शकील ने स्थानीय युवाओं को कट्टरपंथ की ओर झुकाने का काम किया। पुलिस ने डॉ. राठर को यूपी के सहारनपुर से गिरफ्तार किया, जहां वह एक अस्पताल में कार्यरत थे। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही फरीदाबाद के एक फ्लैट में छापा मारा गया, जहां से विस्फोटक और हथियार मिले।

यह भी पढ़ें:  Delhi Terror Plots: क्या पकड़े जाने के डर से कर दिया ब्लास्ट? 30 दिन में सुरक्षा एजेसियों ने नाकाम की 8 बड़ी आतंकी साजिशें

AQIS Terror India: दक्षिण भारत में बड़े हमले की साजिश रह रहा है अल-कायदा! ऑनलाइन रैडिकलाइजेशन को बना रहा हथियार

कैसे हुआ खुलासा

यह जांच उस समय शुरू हुई जब 27 अक्टूबर को श्रीनगर में जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में पोस्टर लगाए गए। सीसीटीवी फुटेज में डॉ. आदिल राठर को पोस्टर लगाते देखा गया था। बाद में उनसे पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिलीं, जिनके आधार पर हरियाणा और उत्तर प्रदेश में छापेमारी की गई। फरीदाबाद में डॉ. मुफाजिल शकील के ठिकाने से 300 किलो से ज्यादा विस्फोटक, एके-47 राइफल और अन्य बम बनाने का सामान मिला। इस बरामदगी ने पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।

पुलिस के अनुसार, इस मॉड्यूल का उद्देश्य अपना अलग आतंकी संगठन बनाना था, जिसे तंजीम कहा जा रहा है। यह संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी समूहों के सहयोग से काम करना चाहता था।

आतंकी नेटवर्क और गिरफ्तारियां

इस पूरे नेटवर्क में जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से जुड़े लोग शामिल थे। पुलिस ने इस कार्रवाई में 7 आतंकियों को गिरफ्तार किया है, इनमें दो डॉक्टर, एक मौलवी और कई अन्य स्थानीय व्यक्ति शामिल हैं। पुलिस को छापेमारी के दौरान 2900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है, जो बम और आईईडी बनाने में इस्तेमाल की जा सकती थी। इसके अलावा कई हथियार भी मिले हैं, जिनमें दो पिस्तौल (चीनी स्टार और बेरेटा), एके-56 राइफल, एके क्रिन्कोव राइफल, और बड़ी मात्रा में गोलियां व कारतूस शामिल हैं।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं- डॉ. अदील (वानपोरा, कुलगाम), डॉ. मुझम्मिल अहमद गनाई (कोइल, पुलवामा), मौलवी इरफान अहमद (इमाम, शोपियां), आरिफ निसार डार, यासिर-उल-अशरफ, मकसूद अहमद डार (नौगाम, श्रीनगर) और जमीर अहमद अहांगर (वाकुरा, गांदरबल)।

यह भी पढ़ें:  Project Dantak: भूटान के दौरे पर बीआरओ के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल रघु श्रीनिवासन, किंग और प्रधानमंत्री से की मुलाकात

जांच एजेंसियों ने घटनास्थल से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, विस्फोटक रसायन, तार, बैटरियां, रिमोट, टाइमर, और धातु की प्लेटें भी जब्त की हैं।

एनएसजी टीम कर रही है जांच

फरीदाबाद और दिल्ली के आसपास के इलाकों में मिली विस्फोटक सामग्री की जांच के लिए नेशनल सिक्योरिटी गार्ड की बम डिस्पोज़ल टीम मौके पर पहुंच गई है। इस टीम में 7 से 8 कमांडो शामिल हैं, जो ब्लास्ट रेजिड्यू की जांच करेंगे ताकि यह पता चल सके कि क्या इसमें हाई-एंड विस्फोटक जैसे अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल हुआ था।

अगर इसके निशान मिलते हैं तो यह आतंकी साजिश के सबूतों को और पुख्ता करेगा और फरीदाबाद मॉड्यूल के अन्य लिंक भी स्पष्ट होंगे। टीम साइट से डेटोनेटर और बम बनाने के उपकरणों की भी जांच कर रही है।

रेड फोर्ट ब्लास्ट की जांच भी तेज

इसी बीच, दिल्ली के लाल किला क्षेत्र में कार ब्लास्ट की घटना के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने मौके का दौरा किया और कहा कि “सभी कोणों से जांच की जा रही है।” सूत्रों के अनुसार, रेड फोर्ट ब्लास्ट में आतंकी कनेक्शन से इनकार नहीं किया जा सकता। जांच एजेंसियां अब दोनों घटनाओं फरीदाबाद विस्फोटक बरामदगी और रेड फोर्ट कार ब्लास्ट के बीच संभावित कड़ी की जांच कर रही हैं।

यह भी पढ़ें:  GPS Spoofing Delhi Blast Link: क्या एक ही साजिश से जुड़े हैं दिल्ली ब्लास्ट और जीपीएस स्पूफिंग के तार? क्या भारत पर हुआ हाइब्रिड टेररिज्म अटैक?

Author

  • News Desk

    रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US
News Desk
News Desk
रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

Most Popular