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पीएम मोदी के जेरूसलम दौरे में भारत को मिल सकती है आयरन डोम आयरन बीम की सौगात! सुदर्शन चक्र शील्ड होगी मजबूत

इस यात्रा के दौरान इजराइल के मल्टी-लेयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम के चार बड़े हिस्सों पर सहयोग की संभावना है। इनमें एरो मिसाइल डिफेंस सिस्टम, डेविड्स स्लिंग, आयरन डोम और आयरन बीम शामिल है...

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📍नई दिल्ली/जेरूसलम | 25 Feb, 2026, 6:12 PM

Israel India Defence Deal 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 फरवरी को दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर इजराइल पहुंचे हुए हैं। यह इजराइल की उनकी दूसरी यात्रा है। बेन गुरियन एयरपोर्ट पर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुद उनका स्वागत किया। इस दौरान गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी भरी मुलाकात हुई। यह स्वागत प्रोटोकॉल से अलग माना गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जेरूसलम यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच बड़े रक्षा समझौते होने की उम्मीद है, जिनकी कुल कीमत लगभग 8 से 10 अरब डॉलर तक बताई जा रही है। इन समझौतों में मिसाइल, ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों पर खास फोकस है। (Israel India Defence Deal 2026)

यात्रा के पहले दिन प्रधानमंत्री मोदी ने इजराइली संसद केनेस्सेट में संबोधन दिया, जहां बहुत कम विदेशी नेताओं को बोलने का मौका मिलता है। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से मुलाकात की और यद वशेम होलोकॉस्ट मेमोरियल का दौरा किया। इस दौरान दोनों देशों के बीच इनोवेशन समिट और संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित हुई। (Israel India Defence Deal 2026)

Israel India Defence Deal 2026: रक्षा समझौतों पर खास फोकस

इस यात्रा का सबसे ज्यादा फोकस भारत और इजराइल के बीच रक्षा सहयोग को लेकर है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन समझौतों की कुल कीमत लगभग 8.6 से 10 अरब डॉलर के बीच बताई जा रही है। इन डील्स में एयर डिफेंस, मिसाइल, ड्रोन और एडवांस टेक्नोलॉजी से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं।

इन समझौतों के तहत भारत को मल्टी लेयर एयर डिफेंस सिस्टम मजबूत करने में मदद मिलेगी। इसमें आयरन डोम, डेविड स्लिंग और एरो जैसे सिस्टम शामिल हैं। इसके साथ ही आयरन बीम लेजर सिस्टम भी चर्चा में है, जो लेजर आधारित तकनीक से दुश्मन के टारगेट को नष्ट करने की क्षमता रखता है।

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यह घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब हाल के सालों में युद्ध के तरीके तेजी से बदले हैं। 2023 से 2025 के बीच हुए मिडिल ईस्ट युद्ध में इजराइल के एयर डिफेंस सिस्टम ने अपनी ताकत साबित की थी। वहीं मई 2025 में भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान ड्रोन, मिसाइल और साइबर हमलों से जुड़े खतरे भी सामने आए थे। इसी अनुभव के आधार पर भारत अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। (Israel India Defence Deal 2026)

मल्टी लेयर एयर डिफेंस सिस्टम की तैयारी

इस यात्रा के दौरान इजराइल के मल्टी-लेयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम के चार बड़े हिस्सों पर सहयोग की संभावना है। इनमें एरो मिसाइल डिफेंस सिस्टम, डेविड्स स्लिंग, आयरन डोम और आयरन बीम शामिल है, जो लेजर आधारित तकनीक से दुश्मन के टारगेट को नष्ट करने की क्षमता रखता है। इनमें से आयरन डोम और आयरन बीम पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि अभी तक इन कंपनियों की तरफ से किसी अंतिम समझौते की औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है।

वहीं, भारत पहले से ही रूस के एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम, आकाश और बाराक जैसे सिस्टम का इस्तेमाल कर रहा है। इजराइल के साथ सहयोग से इन सभी सिस्टम को बेहतर तरीके से जोड़ने और उनकी क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इससे भारत लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल, मध्यम दूरी के रॉकेट और क्रूज मिसाइल के साथ-साथ कम दूरी के खतरों से भी निपट सकेगा।

इस सहयोग के तहत टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर भी जोर दिया गया है, जिससे भारत में ही इन सिस्टम का उत्पादन और विकास किया जा सके। यह आत्मनिर्भर भारत पहल के अनुरूप है। (Israel India Defence Deal 2026)

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मिसाइल और हथियारों पर समझौते

इसके अलावा हमलावर हथियारों के क्षेत्र में भी कई समझौते सामने आ सकते हैं। इनमें स्पाइस 1000 गाइडेड बम, रैम्पेज एयर-टू-ग्राउंड मिसाइल, आइस ब्रेकर नेवल क्रूज मिसाइल और एयर लोरा सुपरसोनिक मिसाइल शामिल हैं। इन हथियारों की खासियत यह है कि ये लंबी दूरी से सटीक निशाना लगाने में सक्षम हैं।

इसके अलावा स्पाइक एंटी टैंक मिसाइल भी इस सहयोग का हिस्सा है, जो जमीन पर मौजूद टारगेट को नष्ट करने में इस्तेमाल होती है। (Israel India Defence Deal 2026)

ड्रोन और निगरानी क्षमता में बढ़ोतरी

ड्रोन युद्ध के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच बड़े समझौते की उम्मीद है। इजराइल की कई कंपनियां इस क्षेत्र में काम कर रही हैं और अलग-अलग तकनीक पेश कर रही हैं। इनमें हर्मीस 900 ड्रोन को लेकर बड़ा समझौता होने की संभावना जताई जा रही है, जो निगरानी और ऑपरेशन दोनों में अहम भूमिका निभा सकता है। भारत में इसे “दृष्टि 10 स्टारलाइनर” के नाम से डेवलप किया जा रहा है।

यह ड्रोन लंबी दूरी तक निगरानी करने और कई तरह के मिशन को अंजाम देने में सक्षम है। इससे सीमा पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी। (Israel India Defence Deal 2026)

एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज से बाहर से हमला

रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत ऐसी क्षमता भी विकसित करना चाहता है, जिससे वह दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज से बाहर रहकर हमला कर सके। इज़राइल ने जून 2025 में ईरान के खिलाफ इसी तरह की रणनीति का इस्तेमाल किया था।

इजराइल से भारत को 34 फीसदी रक्षा निर्यात

भारत और इजराइल के बीच रक्षा संबंध पहले से ही मजबूत रहे हैं। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के अनुसार, 2020 से 2024 के बीच इजराइल के कुल रक्षा निर्यात का लगभग 34 फीसदी हिस्सा भारत को गया। इसी अवधि में दोनों देशों के बीच करीब 20.5 अरब डॉलर के रक्षा सौदे हुए।

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2012 से 2017 के बीच दोनों देशों के रक्षा सौदों में तेजी से बढ़ोतरी हुई थी, जिसमें बाराक एयर डिफेंस सिस्टम का बड़ा समझौता भी शामिल था। इसके बाद 2017 से 2023 के बीच यह रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी, क्योंकि भारत ने “मेक इन इंडिया” पर ज्यादा ध्यान देना शुरू किया। (Israel India Defence Deal 2026)

हालांकि 2024 के बाद स्थिति फिर बदलने लगी, जब इजराइली कंपनियों ने भारत में निवेश बढ़ाया और यहां अपनी सहायक कंपनियां स्थापित कीं। अब दोनों देश केवल खरीद तक सीमित नहीं रहकर संयुक्त उत्पादन और लंबी अवधि की साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

इस यात्रा के दौरान साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने की योजना है। इन क्षेत्रों में संयुक्त प्रोजेक्ट्स और जॉइंट वेंचर शुरू किए जा सकते हैं।

कुल मिलाकर, यह दौरा भारत और इजराइल के बीच रक्षा और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है, जिसमें आधुनिक युद्ध की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं। (Israel India Defence Deal 2026)

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