📍नई दिल्ली | 4 Dec, 2025, 10:51 PM
India Russia defence projects: भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग को नई मजबूती देने के लिए इस सप्ताह होने वाली उच्च स्तरीय बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की दो दिवसीय भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई बड़े डिफेंस प्रोजेक्ट्स पर चर्चा होने जा रही है। इन प्रोजेक्ट्स में भारतीय वायुसेना के सु-30एमकेआई लड़ाकू विमानों का दूसरा बड़ा ओवरहॉल, लंबी दूरी तक वार करने वाली आर-37 एयर-टू-एयर मिसाइल, एस-400 और एस-500 एयर डिफेंस सिस्टम, चक्र-III एसएसएन सबमरीन और ब्रह्मोस एनजी जैसी नई मिसाइलों का डेवलपमेंट शामिल है। ये चर्चाएं ऐसे समय हो रही हैं जब भारत और रूस दोनों अपने रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
India Russia defence projects: सुखोई-30 लड़ाकू विमानों का दूसरा ओवरहॉल
रक्षा सूत्रों के मुताबिक, सुखोई-30 लड़ाकू विमानों का दूसरा ओवरहॉल भारतीय वायुसेना की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। इस ओवरहॉल का उद्देश्य इन विमानों की क्षमता को आधुनिक बनाना है। भारत के पास ऐसे कुल 272 सु-30एमकेआई लड़ाकू विमान हैं, जिनमें से लगभग 100 विमानों को रूस के साथ साझेदारी में अपग्रेड किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट भारतीय एजेंसियों द्वारा किए जा रहे 84 विमानों के स्वदेशी अपग्रेड से अलग होगा। सु-30एमकेआई भारतीय वायुसेना की रीढ़ माने जाते हैं, इसलिए उनकी आधुनिक क्षमता बनाए रखना बेहद जरूरी है। (India Russia defence projects)
आर-37 एयर-टू-एयर मिसाइल
इसी सूची में आर-37 एयर-टू-एयर मिसाइल भी शामिल है। यह मिसाइल 200 किलोमीटर से भी ज्यादा दूरी तक मार कर सकती है। सूत्रों के अनुसार भारत 300 से अधिक आर-37 मिसाइलें खरीदने पर विचार कर रहा है, जिससे वायुसेना की क्षमता में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी। यह मिसाइलें चीन और पाकिस्तान की ओर से ऑपरेट किए जा रहे लंबी दूरी की मिसाइलों से मुकाबले की क्षमता देती हैं। इस मिसाइल की रेंज और सटीकता से एयर-डॉमिनेंस में बढ़ोतरी मिलती है। (India Russia defence projects)
🇮🇳🇷🇺 Raksha Mantri & Russian Defence Minister co-chair 22nd India–Russia Defence Commission in New Delhi
Raksha Mantri Rajnath Singh and Russian Defence Minister Andrei Belousov co-chaired the 22nd IRIGC-M&MTC meeting at Manekshaw Centre, reaffirming that India–Russia ties rest… pic.twitter.com/JobqktxjJT— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) December 4, 2025
एस-400/एस-500 एयर डिफेंस सिस्टम
इसके अलावा रूस के एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम की चर्चा भी पुतिन की यात्रा के दौरान प्रमुख मुद्दों में शामिल है। भारत-रूस समझौते के तहत भारत को कुल पांच एस-400 स्क्वाड्रन मिलने हैं, जिनमें से तीन पहले ही भारत को मिल चुके हैं। बाकी दो स्क्वाड्रन अगले वित्त वर्ष तक मिल जाएंगे। एस-400 ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर में अपनी उपयोगिता को साबित किया है। भारत इसकी 280 से अधिक मिसाइलों का ऑर्डर भी देने की तैयारी कर रहा है। (India Russia defence projects)
इसी के साथ एस-500 सिस्टम पर बातचीत शुरू होने की भी संभावना है। एस-500 अभी रूस का सबसे आधुनिक एयर और मिसाइल डिफेंस सिस्टम है, जिसे हाइपरसोनिक खतरों को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है। भारत ने इससे जुड़ी तकनीक और सहयोग में रुचि दिखाई है।
VSHORADS पर भी चर्चा
बैठक में वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस प्रणाली (VSHORADS) पर भी चर्चा हो सकती है। भारत पहले ही कुछ सिस्टम्स खरीद चुका है और अब नई जरूरतों के आधार पर और यूनिट्स लेने पर विचार कर रहा है। इन प्रणालियों का उपयोग हेलीकॉप्टर, ड्रोन, कम-ऊंचाई वाले हवाई खतरों को रोकने के लिए किया जाता है। (India Russia defence projects)
ब्रह्मोस एनजी भी शामिल
इसके अलावा बातचीत के एजेंडे ब्रह्मोस मिसाइल का नया वेरिएंट ब्रह्मोस एनजी भी शामिल होगा। ब्रह्मोस एनजी मौजूदा ब्रह्मोस से हल्की और छोटी मिसाइल है, जिसे सुखोई-30 सहित लगभग हर लड़ाकू विमान पर लगाया जा सकेगा। सूत्र बताते हैं कि यह मिसाइल 400 किलोमीटर से अधिक दूरी तक निशाना साध सकेगी, और इससे भारतीय वायुसेना की स्ट्राइक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। लंबी दूरी वाली ब्रह्मोस मिसाइल के अपग्रेड वर्जन पर भी चर्चा जारी है, जो मौजूदा क्षमता से तीन गुना ज्यादा दूरी तक हमला करने में सक्षम होंगे। (India Russia defence projects)
🇮🇳🇷🇺 JUST IN: President Vladimir Putin lands in New Delhi at 6:30 PM IST for a State Visit
Here are the 5 key takeaways 👇
1️⃣ Putin arrives for the 23rd India–Russia Annual Summit — his first India visit since 2021 and since the Ukraine conflict. PM Modi hosts him for a private… pic.twitter.com/pzu0K9ANhb— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) December 4, 2025
चक्र-III की लीज पर चर्चा
इसी यात्रा के दौरान भारत और रूस के बीच तीसरी न्यूक्लियर-पावर्ड अटैक सबमरीन (SSN) के लीज समझौते पर भी चर्चा हो रही है। चक्र-III नाम की यह अकुला-क्लास सबमरीन लगभग 3 अरब डॉलर की लागत से भारत को दी जा रही है। यह 2025 तक भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल हो सकती है। सबमरीन को इंडियन कम्यूनिकेशन सिस्टम और सेंसर से लैस किया जाएगा। सूत्र बताते हैं कि भारत चक्र-II की लीज अवधि भी बढ़ाने पर विचार कर रहा है, क्योंकि नई सबमरीन आने में समय लगेगा। (India Russia defence projects)

रूस के साथ अगर इन प्रोजेक्ट की डील होती है, तो इससे न केवल भारत की सैन्य क्षमता बढ़ेगी, बल्कि दोनों देशों की लंबी साझेदारी को भी मजबूती मिलेगी। रूस, पहले से ही भारत का सबसे बड़ा रणनीतिक रक्षा साझेदार है, वहीं, इस यात्रा के साथ फिर से भारत के लिए केंद्रीय भूमिका निभाता दिखाई दे रहा है। दोनों देशों के बीच हाइपरसोनिक मिसाइल, एयर-टू-एयर मिसाइल और पनडुब्बी तकनीक पर भी गहरी बातचीत चल रही है।
भारत और रूस के बीच यह रक्षा सहयोग दोनों देशों के लिए बेहद अहम है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक तनाव, क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियां और नई तकनीकी प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। पुतिन की इस यात्रा से पहले की गई तैयारियों और बैठकों से संकेत मिलता है कि आने वाले समय में भारत-रूस रक्षा साझेदारी और गहरी होगी। (India Russia defence projects)

