📍नई दिल्ली | 15 Feb, 2026, 5:38 PM
HAMMER Missile India France: फ्रांस से होने वाली 114 राफेल डील की आहट के बीच फ्रेंच रक्षा मंत्री कैथरीन वॉट्रिन 17 फरवरी को भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करेंगी। दोनों देशों के रक्षा मंत्री बेंगलुरु में छठे भारत-फ्रांस एनुअल डिफेंस डॉयलॉग की सह-अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में न केवल एक अहम रक्षा सहयोग समझौते को अगले दस साल के लिए बढ़ाने की तैयारी है, बल्कि हैमर मिसाइल के संयुक्त निर्माण को लेकर समझौता ज्ञापन पर दस्तखत होने की उम्मीद है। यह फैसला भारत की सैन्य ताकत और रक्षा उत्पादन क्षमता दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
HAMMER Missile India France: दस साल के लिए बढ़ सकता है रक्षा समझौता
कैथरीन वॉट्रिन अक्टूबर 2025 में फ्रांस की रक्षा मंत्री बनी थीं। यह उनकी भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है। उनकी इस यात्रा के दौरान दोनों देश मौजूदा रक्षा सहयोग समझौते को फिर से दस वर्षों के लिए बढ़ाने पर सहमत हो सकते हैं। इसका मतलब यह है कि टेक्नोलॉजी, ट्रेनिंग, जॉइंट एक्सरसाइज, सैन्य उद्योग और रणनीतिक साझेदारी जैसे क्षेत्रों में सहयोग पहले से अधिक मजबूत होगा।
रक्षा मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस बैठक में दोनों देशों के रक्षा संबंधों के भविष्य की दिशा तय की जाएगी। दोनों देश रक्षा उत्पादन, तकनीकी साझेदारी और मिलिटरी कॉर्डिनेशन और मजबूत करने की योजना पर काम कर रहे हैं। (HAMMER Missile India France)
हैमर मिसाइल का भारत में निर्माण
बैठक में हैमर मिसाइल के जॉइंट प्रोडक्शन को लेकर भी एमओयू पर दस्तखत हो सकते हैं। हैमर, यानी हाईली एजाइल मॉड्यूलर म्यूनिशन एक्सटेंडेड रेंज, एक प्रिसिजन गाइडेड एयर-टू-ग्राउंड हथियार है। यानी यह जमीन पर मौजूद लक्ष्यों को बेहद सटीक तरीके से निशाना बना सकता है। इसकी मारक क्षमता लगभग 70 किलोमीटर तक है। यह पहले से ही भारतीय वायुसेना के राफेल लड़ाकू विमानों में इंटीग्रेटेड है और ऑपरेशन में इस्तेमाल किया जा रहा है। अगर इसका निर्माण भारत में शुरू होता है, तो इससे आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा और भविष्य में जरूरत पड़ने पर इसकी उपलब्धता आसान होगी।
यह मिसाइल खास तौर पर मजबूत और सुरक्षित ठिकानों पर हमला करने के लिए बनाई गई है। पहाड़ी इलाकों जैसे कठिन भूभाग में भी यह प्रभावी मानी जाती है। 36 राफेल विमानों की खरीद में यह हथियार शामिल नहीं था, लेकिन बाद में आपात खरीद प्रक्रिया के तहत इसे शामिल किया गया। अब अगर इसका निर्माण भारत में संयुक्त रूप से होता है, तो यह आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम होगा। (HAMMER Missile India France)
114 राफेल विमानों की चर्चा भी तेज
इसके अलावा भारत 114 अतिरिक्त राफेल लड़ाकू विमान खरीदने पर भी विचार कर रहा है। हालांकि इस बैठक में इसका औपचारिक ऐलान नहीं है, लेकिन इसे लेकर चर्चा तेज है। अगर यह सौदा आगे बढ़ता है तो इनमें से 96 विमानों का निर्माण भारत में ही किया जा सकता है, जबकि बाकी फ्लाई अवे कंडीशन में भारत आएंगे।
फ्रांस की कंपनी दसॉ एविएशन इस परियोजना में अहम भूमिका निभा सकती है। इसके अलावा इंजन निर्माता सफरान पहले से हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ जॉइंट वेंचर में हेलीकॉप्टर इंजन बना रही है। (HAMMER Missile India France)
टाटा एयरबस की हेलीकॉप्टर असेंबली लाइन
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों कर्नाटक के वेमगल में टाटा एयरबस की एच-125 लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर फाइनल असेंबली लाइन का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। यह परियोजना भी मेक इन इंडिया पहल के तहत आगे बढ़ाई जा रही है।
एच-125 हल्का उपयोगी हेलीकॉप्टर है, जिसका इस्तेमाल नागरिक और सुरक्षा दोनों उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। भारत में इसकी अंतिम असेंबली लाइन शुरू होना मेक इन इंडिया पहल के तहत एक बड़ा कदम माना जा रहा है। (HAMMER Missile India France)
सैन्य अधिकारियों की परस्पर तैनाती
बैठक में भारतीय सेना और फ्रांसीसी थल सेना के बीच अधिकारियों की परस्पर तैनाती की घोषणा भी हो सकती है। इसका उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच आपसी समझ, प्रशिक्षण और सामरिक तालमेल बेहतर बनाना है। इससे प्रशिक्षण और सामरिक अनुभव साझा करने में मदद मिलेगी। (HAMMER Missile India France)
लंबे समय से मजबूत रिश्ते
भारत और फ्रांस के संबंधों में रक्षा संबंध हमेशा से मजबूत रहे हैं। 2023 में प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के बैस्टिल डे परेड में मुख्य अतिथि थे। इसके बाद 2024 में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बने। जिसके बाद दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत हुए।
दोनों देश नियमित रूप से संयुक्त सैन्य अभ्यास भी करते हैं। थल सेना के साथ शक्ति अभ्यास, नौसेना के साथ वरुण अभ्यास और वायुसेना के साथ गरुड़ अभ्यास आयोजित किए जाते हैं। इन अभ्यासों से दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल और जॉइंट ऑपरेशनल कैपेबिलिटी मजबूत होती है।
हाल ही में भारत-यूरोपीय संघ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी समझौता भी हुआ है। इससे यूरोपीय देशों के साथ सामूहिक सहयोग बढ़ाने का रास्ता खुला है। फ्रांस इस दिशा में भारत का प्रमुख साझेदार है। (HAMMER Missile India France)

