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पहली बार भारतीय नौसेना के हाथों में CTF-154 की कमांड, 47 देशों के बीच बढ़ा भारत का कद

यह पहली बार है जब भारतीय नौसेना ने सीएमएफ के किसी टास्क फोर्स का कमांड संभाला है। इससे पहले यह जिम्मेदारी अमेरिका, जॉर्डन, मिस्र, श्रीलंका और इटली जैसे देशों के पास रही है...

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📍नई दिल्ली/मनामा (बहरीन) | 12 Feb, 2026, 1:34 PM

Indian Navy CTF-154 Command: 12 फरवरी 2026। भारतीय नौसेना ने समुद्री सुरक्षा को लेकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बहरीन स्थित मनामा स्थित कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेस (सीएमएफ) मुख्यालय में भारतीय नौसेना ने पहली बार कंबाइंड टास्क फोर्स (सीटीएफ) 154 का कमांड संभाला। इस कदम को भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका से देख कर जोड़ा जा रहा है, हिंद महासागर क्षेत्र और उससे आगे समुद्री सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भी बड़ा संकेत है।

यह कमांड ट्रांसफर समारोह बहरीन में नेवल सपोर्ट एक्टिविटी बेस पर आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता अमेरिकी नौसेना के वाइस एडमिरल कर्ट ए. रेंशॉ ने की, जो सीएमएफ, यूएस नेवल सेंट्रल कमांड और यूएस फिफ्थ फ्लीट के कमांडर भी हैं। इटली की नौसेना के कमोडोर एंड्रिया बिएली ने शौर्य चक्र से सम्मानित भारतीय नौसेना के कमोडोर मिलिंद एम. मोकरशीको औपचारिक रूप से कमांड सौंपा। (Indian Navy CTF-154 Command)

Indian Navy CTF-154 Command: क्या है कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेस?

सीएमएफ दुनिया की सबसे बड़ी बहुराष्ट्रीय नौसैनिक साझेदारी मानी जाती है। इसमें 46-47 देश शामिल हैं। इसका मुख्यालय बहरीन में है और इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्रों में सुरक्षा, स्थिरता और कानून आधारित व्यवस्था को बनाए रखना है। यह करीब 32 लाख वर्ग मील समुद्री क्षेत्र में काम करती है, जहां दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्ग मौजूद हैं।

सीएमएफ के तहत पांच टास्क फोर्स काम करती हैं। इनमें सीटीएफ 150, 151, 152 और 153 मुख्य रूप से ऑपरेशनल जिम्मेदारियां निभाती हैं, जैसे समुद्री सुरक्षा, पाइरेसी रोकना और रेड सी या अरब सागर में निगरानी। वहीं सीटीएफ 154 खास तौर पर ट्रेनिंग और कैपेसिटी बिल्डिंग पर फोकस करती है। (Indian Navy CTF-154 Command)

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सीटीएफ-154 क्या करता है?

सीटीएफ-154 की स्थापना मई 2023 में की गई थी। इसका मुख्य काम सदस्य देशों की समुद्री सुरक्षा क्षमता को बढ़ाना है। यह मिडिल ईस्ट और आसपास के क्षेत्रों में ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित करता है। इसके पांच प्रमुख क्षेत्र हैं – समुद्री क्षेत्र की निगरानी, समुद्री कानून की समझ, अवैध गतिविधियों पर रोकथाम, समुद्री बचाव और सहायता अभियान और लीडरशिप डेवलपमेंट है।

यह टास्क फोर्स नियमित रूप से मैरीटाइम सिक्योरिटी एन्हांसमेंट ट्रेनिंग यानी एमसेट कार्यक्रम आयोजित करती है। इसके अलावा कम्पास रोज, नॉर्दर्न रेडीनेस और सदर्न रेडीनेस जैसी एक्सरसाइज भी कराई जाती हैं। इन अभ्यासों में विभिन्न देशों के नौसैनिक अधिकारी हिस्सा लेते हैं और संयुक्त रूप से प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। (Indian Navy CTF-154 Command)

कौन हैं कमोडोर मिलिंद मोकरशी?

सीटीएफ-154 का कमांड संभालने वाले कमोडोर मिलिंद एम. मोकरशी भारतीय नौसेना के अनुभवी अधिकारी हैं। उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2015 में जब यमन में संघर्ष चल रहा था, उस समय ऑपरेशन राहत के दौरान उन्होंने अपने जहाज आईएनएस सुमित्रा के जरिए 1600 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला था। कठिन परिस्थितियों में साहस और नेतृत्व के लिए उन्हें यह सम्मान मिला था।

अब वे बहुराष्ट्रीय स्टाफ के साथ मिलकर सीटीएफ-154 का नेतृत्व करेंगे। उनके नेतृत्व में प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।

कमांड ट्रांसफर समारोह के दौरान वाइस एडमिरल रेंशॉ ने भारतीय नौसेना को जिम्मेदारी संभालने पर बधाई दी। कमोडोर मोकरशी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत क्षेत्रीय सुरक्षा, सहयोग और नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि संयुक्त प्रशिक्षण और सहयोग के जरिए समुद्री स्थिरता को मजबूत किया जाएगा। (Indian Navy CTF-154 Command)

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Indian Navy CTF-154 Command

भारत के लिए क्यों है अहम?

यह पहली बार है जब भारतीय नौसेना ने सीएमएफ के किसी टास्क फोर्स का कमांड संभाला है। इससे पहले यह जिम्मेदारी अमेरिका, जॉर्डन, मिस्र, श्रीलंका और इटली जैसे देशों के पास रही है। भारत को यह अवसर मिलना इस बात का संकेत है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय भारतीय नौसेना की प्रोफेशनल कैपेसिटी और अनुभव पर भरोसा करता है।

हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है। समुद्री मार्गों की सुरक्षा, व्यापार की निरंतरता और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भारत सक्रिय भूमिका निभा रहा है। ऐसे में सीटीएफ-154 का कमांड संभालना भारत की रणनीतिक स्थिति को और मजबूत करता है। (Indian Navy CTF-154 Command)

बहरीन यात्रा में क्राउन प्रिंस से की मुलाकात

इस कार्यक्रम से पहले भारतीय नौसेना के डिप्टी चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ वाइस एडमिरल तरुण सोबती ने बहरीन के क्राउन प्रिंस से मुलाकात की। इस बैठक में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग, सूचना साझा करने और संयुक्त प्रशिक्षण जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

भारतीय नौसेना ने संकेत दिया है कि वह अपने कार्यकाल के दौरान हाई-इम्पैक्ट ट्रेनिंग प्रोग्राम्स को आगे बढ़ाएगी। सदस्य देशों के साथ मिलकर समुद्री जागरूकता, कानून के पालन और आपसी विश्वास को मजबूत किया जाएगा।

समुद्री डकैती, अवैध तस्करी और अनियमित प्रवासन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। सीटीएफ-154 के जरिए भारत इन प्रयासों को और संगठित रूप देने में भूमिका निभाएगा। (Indian Navy CTF-154 Command)

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