Tag: Indian Defence Policy

DAC meeting: डीएसी बैठक टली, अब 29 दिसंबर को होगी अहम मीटिंग, इमरजेंसी प्रॉक्यूरमेंट की डेडलाइन 15 जनवरी तक बढ़ी

आमतौर पर एक ईपी ट्रांच 3 से 6 महीने या फिर एक साल के लिए लागू रहती है। लेकिन अगर बातचीत चल रही हो और सौदे अधूरे हों, तो इसकी अवधि बढ़ाई भी जा सकती है...

Defence Emergency Procurement: जानिए क्यों अधर में लटक सकते हैं अरबों के रक्षा सौदे? समझिए इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट का क्या है पूरा खेल

भारत में इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट यानी आपातकालीन रक्षा खरीद की व्यवस्था का इस्तेमाल पिछले कुछ सालों में धीरे-धीरे बढ़ी है। साल 2014 से 2016 के बीच यह व्यवस्था बहुत सीमित थी और अधिकतर मामलों में खरीद सीधे रक्षा मंत्रालय के स्तर पर देखी जाती थी...

Ban Lifted on Defence Firms: सरकार ने ब्लैकलिस्टेड विदेशी डिफेंस कंपनियों से हटाने शुरू किए प्रतिबंध! यह है वजह

प्रतिबंधित कंपनियों में राइनमेटल, एसटी किनेटिक्स, रोल्स-रॉयस और कई अन्य प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। इनमें से कई फर्मों ने आधिकारिक रूप से भारत से बैन हटाने की गुजारिश भी की है...

Explainer: चीन की बड़ी चुनौती के बावजूद तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर क्यों नहीं बनाएगा भारत? जानिए सरकार के फैसले की बड़ी वजह

Indian Navy Aircraft Carrier: भारतीय नौसेना की तीन एयरक्राफ्ट कैरियर को ऑपरेट करने की योजना को सरकार ने खारिज...

Finally justice to 1965 War Veteran: Punjab and Haryana High court comes to his rescue, pulls up Indian Army for Unnecessary litigation

Finally justice to 1965 War Veteran: Pulling the Indian Army for its unnecessary litigation, the Punjab and Haryana High...