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MISW 2025: IFC-IOR वर्कशॉप में बोले वाइस एडमिरल तरुण सोबती- हिंद महासागर को सुरक्षित रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी

एडमिरल सोबती ने भारतीय दर्शन ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सम्मेलन उसी भावना को दर्शाता है कि पूरा विश्व एक परिवार है और समुद्री सहयोग इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है...

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📍गुरुग्राम | 3 Nov, 2025, 7:07 PM

MISW 2025: गुरुग्राम में भारतीय नौसेना के इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर– इंडियन ओशन रीजन (IFC-IOR) द्वारा आयोजित तीसरे मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन शेयरिंग वर्कशॉप 2025 में बोलते हुए डिप्टी चीफ ऑफ नेवल स्टाफ ने कहा कि “हिंद महासागर क्षेत्र दुनिया की व्यापारिक जीवनरेखा है और इसे सुरक्षित रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।”

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उन्होंने कहा कि यह महासागर न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “यह हमारे लिए सिर्फ एक इलाका नहीं, बल्कि एक साझा परिवार की तरह है। एडमिरल सोबती ने भारतीय दर्शन ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सम्मेलन उसी भावना को दर्शाता है कि पूरा विश्व एक परिवार है और समुद्री सहयोग इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।

 MISW 2025
Indian Navy’s IFC-IOR hosts Maritime Information Sharing Workshop

एडमिरल सोबती ने कहा कि यह भारत के लिए गर्व की बात है कि इतने सारे देश एक साथ मिलकर समुद्री सुरक्षा और सहयोग के मुद्दों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने सभी देशों के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह सम्मेलन वैश्विक समुद्री समुदाय के बीच आपसी समझ और विश्वास को मजबूत करेगा।

MISW 2025: 29 देशों की भागीदारी

इस तीन दिवसीय सम्मेलन में 29 देशों के प्रतिनिधि और महासागर रिम एसोसिएशन (आईओआरए), जिबूती कोड ऑफ कंडक्ट/जेद्दा अमेंडमेंट और बिम्सटेक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। वाइस एडमिरल सोबती ने कहा कि इन संगठनों ने समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने और सदस्य देशों के बीच भरोसेमंद संबंध स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई है।

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उन्होंने बताया कि भारत बिम्सटेक और DCOC-JA यानी जिबूती कोड ऑफ कंडक्ट/जेद्दा अमेंडमेंट दोनों का संस्थापक सदस्य है और हिंद महासागर क्षेत्र में ब्लू इकोनॉमी, सहयोग और शांति बनाए रखने के लिए लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

MISW 2025: Indian Navy's IFC-IOR hosts Maritime Information Sharing Workshop
Indian Navy’s IFC-IOR hosts Maritime Information Sharing Workshop

समुद्री सुरक्षा पर बढ़ता खतरा

वाइस एडमिरल सोबती ने अपने संबोधन में हाल के सालों में बढ़ीं समुद्री चुनौतियों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि समुद्री डकैती, हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध फिशिंग और पर्यावरणीय खतरे लगातार बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हाल ही में मध्य पूर्व में हुई घटनाओं ने यह दिखा दिया है कि समुद्री व्यापार मार्ग कितने संवेदनशील हैं। गैर-राज्य तत्वों द्वारा किए गए हमलों ने यह दिखा दिया है कि वैश्विक शिपिंग लेन कितनी असुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि गल्फ ऑफ एडन में दोबारा बढ़ती समुद्री डकैती की घटनाओं ने इस खतरे को और गंभीर बना दिया है।

उन्होंने कहा कि इन घटनाओं की वजह से जहाजों को अपने मार्ग बदलने पड़े, जिससे मौसम संबंधित हादसे बढ़े और माल की डिलीवरी में देरी हुई। उन्होंने कहा कि यह हालात दिखाते हैं कि दुनिया भर के मैरीटाइम सिक्योरिटी सिस्टम एक-दूसरे से कितने जुड़े हुए हैं।

IFC-IOR बना सहयोग का मजबूत केंद्र

वाइस एडमिरल सोबती ने कहा कि भारतीय नौसेना का इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर– इंडियन ओशन रीजन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि 2018 में शुरू हुआ यह केंद्र अब पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में जानकारी साझा करने और तुरंत प्रतिक्रिया देने का मुख्य केंद्र बन गया है।

उन्होंने बताया कि आज इस केंद्र से 15 साझेदार देशों के लायजन ऑफिसर्स जुड़े हैं, और यह केंद्र 75 से अधिक अंतरराष्ट्रीय समुद्री एजेंसियों के साथ काम कर रहा है। यह नेटवर्क अब रीयल टाइम में सूचनाएं साझा करने और घटनाओं पर समन्वित कार्रवाई में सक्षम है। इस नेटवर्क के जरिए समुद्री सुरक्षा घटनाओं, डकैती और आपातकालीन अभियानों में रीयल टाइम प्रतिक्रिया संभव हो पाती है।

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भारत का विजन- महासागर

वाइस एडमिरल तरुण सोबती ने कहा कि भारत का समुद्री नीति “महासागर” जिसका पूरा नाम है “म्यूचुअल एंड होलिस्टिक एडवांसमेंट फॉर सिक्युरिटी एंड ग्रोथ अक्रोस रीजंस” यानी साझा सुरक्षा और विकास के लिए सामूहिक प्रगति, यह सभी देशों की साझा सुरक्षा और विकास की भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि समुद्री स्थिरता से जुड़ी हुई हैं। यह सिर्फ भारत नहीं, बल्कि इस क्षेत्र के हर देश के लिए सच है।

मंत्रा सॉफ्टवेयर पर टेबल-टॉप एक्सरसाइज

सम्मेलन के दौरान एक टेबल-टॉप एक्सरसाइज भी आयोजित की जा रही है, जिसमें भारतीय नौसेना के बनाए मंत्रा सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके जरिए वास्तविक समुद्री परिदृश्यों का अभ्यास करके यह देखा जाएगा कि विभिन्न देशों के सुरक्षा बल किस तरह से प्रतिक्रिया दे सकते हैं।

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    रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

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