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सिडनी पहुंचा भारतीय नौसेना का स्टेल्थ फ्रिगेट INS नीलगिरी, ऑस्ट्रेलिया इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में लेगा हिस्सा

आईएनएस नीलगिरी ने सिडनी पहुंचने से पहले एक्सरसाइज काकाडू के पहले चरण को पूरा किया। यह एक बहुराष्ट्रीय समुद्री अभ्यास है, जिसमें कई देशों की नौसेनाएं शामिल होती हैं...

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📍नई दिल्ली | 24 Mar, 2026, 10:35 PM

INS Nilgiri Sydney IFR 2026: भारतीय नौसेना का स्वदेशी स्टेल्थ फ्रिगेट आईएनएस नीलगिरी 21 मार्च को ऑस्ट्रेलिया के सिडनी पहुंच गया है। यह युद्धपोत रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी के इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 में हिस्सा लेने के लिए वहां पहुंचा है। यह आयोजन ऑस्ट्रेलियन नौसेना की 125वीं वर्षगांठ के मौके पर किया जा रहा है।

आईएनएस नीलगिरी ने सिडनी पहुंचने से पहले एक्सरसाइज काकाडू के पहले चरण को पूरा किया। यह एक बहुराष्ट्रीय समुद्री अभ्यास है, जिसमें कई देशों की नौसेनाएं शामिल होती हैं।

INS Nilgiri Sydney IFR 2026: भारत का प्रतिनिधित्व करेगा नीलगिरी

इस इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में आईएनएस नीलगिरी भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व करेगा। यह जहाज प्रोजेक्ट पी-17ए के तहत बना भारत का आधुनिक स्टेल्थ फ्रिगेट है, जिसे स्वदेशी तकनीक से तैयार किया गया है।

इस तैनाती को भारतीय नौसेना के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है, क्योंकि यह जहाज विदेश में अपनी ऑपरेशनल मौजूदगी दर्ज करा रहा है।

सिडनी हार्बर में 19 देशों के 31 युद्धपोतों के साथ यह फ्लीट रिव्यू आयोजित हो रहा है, जो पिछले 10 साल का सबसे बड़ा समुद्री कार्यक्रम है।

आईएनएस नीलगिरी की खूबियां

प्रोजेक्ट 17ए के तहत निर्मित आईएनएस नीलगिरी भारतीय नौसेना का पहला स्वदेशी स्टेल्थ फ्रिगेट है। मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा निर्मित यह जहाज 2025 में कमीशन हुआ। इसका पूर्ण विस्थापन 6,670 टन, लंबाई 149 मीटर, चौड़ाई 17.8 मीटर और ड्राफ्ट 5.22 मीटर है। यह कॉम्बाइंड डीजल एंड गैस प्रोपल्शन सिस्टम से लैस है, जिसमें दो एचएएल-जीई एलएम2500 गैस टरबाइन (प्रत्येक 30,200 किलोवॉट) और दो मैन डीजल इंजन शामिल हैं। इसकी अधिकतम गति 32 नॉट्स (59 किमी/घंटा) है और 28 नॉट्स पर 5,500 नॉटिकल मील की रेंज तय कर सकता है।

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जहाज की स्टेल्थ डिजाइन रडार-अब्जॉर्बिंग कोटिंग और कंपोजिट मटेरियल से बनी है, जो इसे दुश्मन के रडार से लगभग अदृश्य बनाती है। हथियार प्रणाली में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल (8 लॉन्चर), बाराक-8 सर्फेस-टू-एयर मिसाइल (32 वर्टिकल लॉन्च सेल्स), 127 मिमी मुख्य तोप, दो 30 मिमी एके-630 क्लोज-इन वेपन सिस्टम, टॉरपीडो ट्यूब और आरबीयू-12000 रॉकेट लॉन्चर शामिल हैं। एक केए-28 या एमएच-60R हेलीकॉप्टर के लिए हैंगर और लैंडिंग डेक है। कुल 226 नाविकों की क्षमता के साथ यह बहु-उद्देशीय युद्धपोत एंटी-एयर, एंटी-सर्फेस और एंटी-सबमरीन युद्ध में माहिर है।

भारत-ऑस्ट्रेलिया नौसेना सहयोग पर जोर

इस यात्रा को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते समुद्री सहयोग के रूप में देखा जा रहा है। दोनों देशों की नौसेनाएं इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में मिलकर काम कर रही हैं और इस तरह के आयोजन आपसी समझ और तालमेल को मजबूत करते हैं।

फरवरी 2026 में विशाखापत्तनम के विजाग में हुए फ्लीट रिव्यू में ऑस्ट्रेलिया की नौसेना ने भी हिस्सा लिया था। उस समय एचएमएएस वारामुंगा नाम का युद्धपोत भारत आया था। (INS Nilgiri Sydney IFR 2026)

भारतीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद

इस कार्यक्रम में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाइस एडमिरल संजय भल्ला कर रहे हैं, जो पूर्वी नौसेना कमान के प्रमुख हैं। वहीं रियर एडमिरल आलोक आनंद फ्लीट कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व करेंगे।

यह सम्मेलन नौसेना प्रमुखों और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बातचीत का एक अहम मंच होता है, जहां विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाती है। (INS Nilgiri Sydney IFR 2026)

पोर्ट कॉल के दौरान कई गतिविधियां

आईएनएस नीलगिरी के सिडनी पहुंचने के बाद कई तरह की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसमें प्रोफेशनल डिस्कशन, एक्सरसाइज प्लानिंग, विशेषज्ञों के बीच बातचीत और खेल से जुड़े कार्यक्रम शामिल हैं।

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इन गतिविधियों का उद्देश्य अलग-अलग देशों की नौसेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और समझ विकसित करना है। (INS Nilgiri Sydney IFR 2026)

इंडो-पैसिफिक में बढ़ती भूमिका

आईएनएस नीलगिरी की तैनाती दक्षिणी गोलार्ध और वेस्टर्न पैसिफिक क्षेत्र में भारत की बढ़ती मौजूदगी को दिखाती है। इस दौरान यह जहाज कई विदेशी नौसेनाओं के साथ काम कर रहा है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि भारत क्षेत्र में सुरक्षित और सहयोगात्मक समुद्री व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। (INS Nilgiri Sydney IFR 2026)

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