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IFR-Milan 2026: विशाखापत्तनम में खुला मिलन विलेज, 70 से ज्यादा देशों की नौसेनाएं हो रहीं शामिल

मिलन विलेज में नौसेना से जुड़े स्मृति चिन्हों के स्टॉल भी लगाए गए हैं। इसके अलावा देशभर के हस्तशिल्प और हैंडलूम उत्पाद यहां प्रदर्शित किए गए हैं...

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📍विशाखापत्तनम | 16 Feb, 2026, 3:27 PM

IFR-Milan 2026: विशाखापत्तनम इन दिनों अंतरराष्ट्रीय समुद्री गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है। दुनिया की कई नौसेनाएं यहां एक साथ जुटी हैं, क्योंकि भारतीय नौसेना का प्रमुख बहुपक्षीय अभ्यास मिलन 2026 शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में 15 फरवरी को ईस्टर्न नेवल कमांड परिसर में “मिलन विलेज” का उद्घाटन किया गया। यह जगह खास तौर पर अलग-अलग देशों से आए नौसैनिकों और मेहमानों के लिए बनाई गई है, ताकि वे एक-दूसरे को बेहतर तरीके से जान सकें।

इस कार्यक्रम का उद्घाटन वाइस एडमिरल संजय भल्ला ने किया। उन्होंने गांव जैसी इस खास व्यवस्था का दौरा किया और विदेशी नौसैनिकों से बातचीत भी की। मिलन विलेज को इस तरह तैयार किया गया है कि यहां 70 से अधिक देशों से आए प्रतिनिधि और नौसैनिक एक दोस्ताना माहौल में एक-दूसरे से जुड़ सकें।

इस विलेज की सबसे बड़ी खासियत इसका सांस्कृतिक स्वरूप है। यहां भारत की विविध परंपराओं और विरासत की झलक देखने को मिल रही है। लाइव सिंगिंग परफॉर्मेंस, पारंपरिक लोक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जा रही हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए विदेशी मेहमानों को भारत की कला और संस्कृति से रूबरू कराया जा रहा है।

मिलन विलेज में नौसेना से जुड़े स्मृति चिन्हों के स्टॉल भी लगाए गए हैं। इसके अलावा देशभर के हस्तशिल्प और हैंडलूम उत्पाद यहां प्रदर्शित किए गए हैं। आगंतुकों के लिए अलग-अलग राज्यों के स्वादिष्ट भारतीय व्यंजन भी उपलब्ध हैं, जिससे उन्हें भारत के विविध स्वाद का अनुभव हो सके।

वाइस एडमिरल संजय भल्ला ने अपने संबोधन में कहा कि मिलन विलेज भाईचारे और सांस्कृतिक जुड़ाव की भावना को दर्शाता है, जो प्रोफेशनल नेवल कोआपरेशन को और मजबूत करता है। उन्होंने यह भी बताया कि विशाखापत्तनम में एक के बाद एक इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (आईएफआर) 2026, मिलन 2026 और इंडियन ओशन नेवल सिम्पोजियम (आईओएनएस) जैसे आयोजन होना भारत की समुद्री पहुंच और सहयोग की बड़ी मिसाल है।

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यह विलेज केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि आपसी भरोसा और दोस्ती बढ़ाने का माध्यम है। जब अलग-अलग देशों के सैनिक साथ बैठते हैं, बात करते हैं और एक-दूसरे की संस्कृति को समझते हैं, तो भविष्य में साथ काम करना और आसान हो जाता है।

मिलन 2026 का आयोजन 15 से 25 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान समुद्र में भी संयुक्त अभ्यास होंगे, जिनमें पनडुब्बी रोधी अभ्यास, हवाई सुरक्षा, खोज और बचाव अभियान जैसे कई ऑपरेशन शामिल हैं।

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    रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

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