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जानें क्या है भारतीय नौसेना की कंटीन्यूटी ड्रिल? MILAN 2026 में जीता विदेशी मेहमानों का दिल

कंटीन्यूटी ड्रिल में आम तौर पर 24 या उससे अधिक नाविक एक साथ शामिल होते हैं। वे .22 राइफल राइफल के साथ बेयोनेट लगाकर अभ्यास करते हैं...

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📍विशाखापत्तनम | 20 Feb, 2026, 12:13 AM

Indian Navy Continuity Drill: विशाखापत्तनम के आरके बीच पर गुरुवार की शाम एक अलग ही नजारा देखने को मिला। मिलन एक्सरसाइज 2026 के उद्घाटन के मौके पर आयोजित इंटरनेशनल सिटी परेड में हजारों लोग जुटे। समुद्र के किनारे जब भारतीय नौसेना की कंटीन्यूटी ड्रिल शुरू हुई, तो कुछ ही पलों में वहां खड़े दर्शक तालियों और उत्साह से पूरा माहौल गूंज उठा।

Indian Navy Continuity Drill: क्या होती है कंटीन्यूटी ड्रिल?

कंटीन्यूटी ड्रिल भारतीय नौसेना की एक विशेष वेपन ड्रिल है। इसे साधारण मार्च या सामान्य परेड से अलग माना जाता है। इसमें सेलर्स राइफल के साथ बेहद सटीक और एकसमान मूवमेंट करते हैं। खास बात यह है कि ड्रिल शुरू होने के बाद बीच में कोई मौखिक कमांड नहीं दी जाती। पूरी ड्रिल बिना रुके और लगातार चलती रहती है। इसी वजह से इसे “कंटीन्यूटी” यानी निरंतरता की ड्रिल कहा जाता है।

इस ड्रिल में आम तौर पर 24 या उससे अधिक नाविक एक साथ शामिल होते हैं। वे .22 राइफल राइफल के साथ बेयोनेट लगाकर अभ्यास करते हैं। सभी सेलर्स इतने करीब खड़े होते हैं कि एक छोटी सी गलती भी पूरी ड्रिल को बिगाड़ सकती है। लेकिन जब यह टीम ड्रिल करती है, तो हर मूवमेंट ऐसा लगता है जैसे एक ही शरीर काम कर रहा हो। (Indian Navy Continuity Drill)

राइफल के जमीन पर पड़ने की आवाज, जूतों की एकसमान थाप और हथियारों की क्लिक की ध्वनि एक अलग ही ताल बनाती है। इसीलिए कई बार इसे “ड्रिल विद थ्रिल” भी कहा जाता है। इसमें रोमांच और अनुशासन दोनों साथ दिखाई देते हैं। (Indian Navy Continuity Drill)

आरके बीच पर क्यों बना आकर्षण का केंद्र?

विशाखापत्तनम पूर्वी नौसैनिक कमान का मुख्यालय है। यहां नौसेना की कई महत्वपूर्ण यूनिट्स तैनात हैं। ऐसे में जब इंटरनेशनल सिटी परेड आयोजित हुई, तो नौसेना की कंटीन्यूटी ड्रिल स्वाभाविक रूप से सबसे बड़ा आकर्षण बन गई।

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मिलन 2026 में 74 देशों के प्रतिनिधिमंडल और नौसेनाएं हिस्सा ले रही हैं। ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय नौसेना की यह प्रस्तुति देश की प्रोफेशनल क्षमता और ट्रेनिंग का प्रदर्शन थी। विदेशी प्रतिनिधि भी इस ड्रिल को बड़े ध्यान से देखते नजर आए। (Indian Navy Continuity Drill)

मैन्यूवर ने दर्शकों को कर दिया रोमांचित

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि के आगमन से हुई। वंदे मातरम और राष्ट्रीय गान के साथ वातावरण देशभक्ति से भर गया। इसके बाद बैनर फ्लाईपास्ट और एरियल डेमो ने आसमान में रोमांच पैदा कर दिया। फाइटर जेट्स और हेलीकॉप्टरों ने बे ऑफ बंगाल के ऊपर सिंक्रोनाइज्ड मैन्यूवर किए। एमएच-60आर हेलीकॉप्टर का ब्रेकआउट मैन्यूवर और बम बर्स्ट डेमो ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

डोर्नियर, कोस्ट गार्ड एयरक्राफ्ट और पी-8आई मैरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट के फ्लाईपास्ट ने नौसेना की हवाई ताकत दिखाई। सर्च एंड रेस्क्यू डेमो, स्लिथरिंग ऑपरेशन और मरीन कमांडोज के कॉम्बैट मैन्यूवर ने ऑपरेशनल तैयारियों की झलक दी। (Indian Navy Continuity Drill)

अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है दुनिया

परेड के दौरान नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने कहा कि मिलन 2026 एक ऐतिहासिक आयोजन है। उन्होंने 74 देशों से आए प्रतिनिधियों का स्वागत किया और आंध्र प्रदेश सरकार तथा विशाखापत्तनम के लोगों का धन्यवाद किया।

उन्होंने कहा कि यह आयोजन सिर्फ सैन्य प्रदर्शन नहीं, बल्कि दोस्ती और सहयोग का प्रतीक है। जब अलग-अलग देशों की नौसेनाएं एक मंच पर आती हैं, तो आपसी भरोसा बढ़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और भारतीय नौसेना समुद्रों को सुरक्षित, मुक्त और खुला रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। (Indian Navy Continuity Drill)

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एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि आज दुनिया अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। कई तरह की चुनौतियां सामने हैं। ऐसे समय में भारत और भारतीय नौसेना अपने साझेदार देशों के साथ मिलकर समुद्रों को सुरक्षित, मुक्त और सबके लिए खुला रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के उस विचार का उल्लेख किया कि जब वैश्विक समुद्रों में हलचल होती है, तो दुनिया एक स्थिर और भरोसेमंद प्रकाशस्तंभ की ओर देखती है। भारत उस भूमिका को निभाने के लिए तैयार है। (Indian Navy Continuity Drill)

एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि मिलन जैसे आयोजन इसलिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये अलग-अलग देशों की नौसेनाओं को एक साथ लाते हैं। चाहे समुद्र में संयुक्त अभ्यास हो या आज की तरह सिटी परेड में साथ कदम मिलाना, ऐसे कार्यक्रम आपसी विश्वास और तालमेल को मजबूत करते हैं। (Indian Navy Continuity Drill)

रोशनी से जगमगा उठे युद्धपोत

जैसे ही सूरज ढलने लगा, समुद्र में लंगर डाले युद्धपोत रोशनी से जगमगा उठे। एंकरज पर खड़े जहाजों की इल्यूमिनेशन ने समुद्र को चमकते शहर में बदल दिया। इसके बाद फायरवर्क्स, लेजर शो और ड्रोन शो ने आसमान को रंगों से भर दिया। (Indian Navy Continuity Drill)

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    हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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