📍नई दिल्ली | 12 Dec, 2025, 7:43 PM
Operation Sagar Bandhu Update: श्रीलंका में आए विनाशकारी चक्रवात दित्वाह ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई है। इस तूफान ने सड़कों, पुलों और कई इलाकों के बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह से नुकसान पहुंचाया। जिसके बाद भारत ने अपनी नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी के तहत प्रभावित लोगों की मदद के लिए ऑपरेशन सागर बंधु शुरू किया है। इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना की एक विशेष इंजीनियर टास्क फोर्स को तुरंत एयरलिफ्ट करके श्रीलंका भेजा गया। वहां पहुंचते ही टीम ने प्रभावित इलाकों में राहत और पुनर्निर्माण का काम शुरू कर दिया है।
इस टीम में 48 विशेषज्ञ सैनिक शामिल हैं, जिन्हें भारतीय वायुसेना के सी-17 ग्लोबमास्टर विमान से एयरलिफ्ट किया गया। टास्क फोर्स ने श्रीलंका पहुंचते ही उन इलाकों में काम शुरू कर दिया है, जहां चक्रवात के कारण संपर्क टूट गया था और लोगों को तुरंत राहत की जरूरत थी।
यह इंजीनियर टास्क फोर्स में ब्रिजिंग एक्सपर्ट, हैवी मशीनरी ऑपरेटर, वॉटरमैनशिप स्पेशलिस्ट, ड्रोन ऑपरेटर, हाइड्रोग्राफिक और टोपोग्राफिक सर्वे टीम, और रिमोटली कंट्रोल्ड बोट ऑपरेटर शामिल हैं। टीम के साथ बड़ी मात्रा में तकनीकी उपकरण भी भेजे गए हैं ताकि राहत अभियान तेजी लाई जा सके।
टास्क फोर्स के पास इस समय चार सेट बैली ब्रिज मौजूद हैं। इन ब्रिज किट्स को भारतीय वायुसेना ने सीधे श्रीलंका एयरलिफ्ट किया। ये मॉड्यूलर ब्रिज हैं, जिन्हें किसी भी साइट के हिसाब से तुरंत तैयार किया जा सकता है। चक्रवात के बाद सबसे ज्यादा जरूरत टूटी सड़कों और पुलों को जोड़ने की है, और यही काम यह बैली ब्रिज तेजी से पूरा कर सकते हैं।
🇮🇳🇱🇰 Operation #SagarBandhu | Indian Army Engineer Task Force on Mission in Sri Lanka…
A 48-member Indian Army Engineer Task Force has been airlifted to Sri Lanka to restore roads and bridges damaged by Cyclone Ditwah. The team, equipped with Bailey bridges, heavy-payload… pic.twitter.com/ExBzzquFsm— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) December 12, 2025
इसके अलावा टीम के पास न्यूमैटिक बोट्स, हाई-पावर आउटबोर्ड मोटर्स, हेस्को बैग्स, हैवी पेलोड ड्रोन, रिमोटली ऑपरेटेड बोट्स, वॉटर प्यूरीफिकेशन यूनिट, जनरेटर, और मोबाइल फ्लड लाइट्स भी मौजूद हैं। इन उपकरणों की मदद से बचाव कार्य रात-दिन चल रहा है।
भारतीय सेना की यह टीम अपने साथ खाने, ईंधन, मेडिकल किट, टूल्स और स्पेयर पार्ट्स लेकर गई है, ताकि ग्राउंड पर किसी रुकावट का सामना न करना पड़े। श्रीलंका की सेना और रोड डेवलपमेंट अथॉरिटी के अधिकारियों ने भारतीय टीम के साथ मिलकर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त इलाकों की पहचान की है।
🇮🇳🇱🇰 What Sri Lankans Are Saying… Indian Army’s on Ground Relief
Local Sri Lankans are praising the Indian Army’s efforts, deployed under Operation Sagar Bandhu, for restoring critical connectivity after Cyclone Ditwah.#SagarBandhu #IndianArmy #SriLanka #CycloneDitwah… pic.twitter.com/H8v4bBbYOw— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) December 12, 2025
किलिनोच्ची इलाके में एक बड़ा पुल चक्रवात के पानी में पूरी तरह बह गया था। यह पुल दैनिक आवाजाही के लिए बेहद जरूरी था। भारतीय टीम ने यहां पहले दिन से ही काम शुरू कर दिया। ब्रिज साइट तैयार की गई, भूमि समतल की गई और ब्रिज लॉन्चिंग के लिए रोलर और लॉन्चिंग नोज लगाई गई। मॉड्यूलर बैली ब्रिज की खासियत यह है कि इसे मौके पर ही आवश्यक लंबाई के अनुसार तैयार किया जा सकता है।
इसके साथ ही मुल्लैतिवु, परंतन और मानर क्षेत्रों में भी ब्रिज सर्वे किए जा रहे हैं। अगले कुछ दिनों में यहां और दो से तीन बैली ब्रिज लगने की तैयारी है। इन पुलों के बनते ही कई गांवों का संपर्क फिर से बहाल हो जाएगा, जिससे राहत सामग्री और मेडिकल टीम आसानी से पहुंच सकेंगी।
ऑपरेशन सागर बंधु श्रीलंका के लिए एक बड़ी राहत है। चक्रवात दित्वाह की वजह से कई जगहों पर पानी भर गया, सड़कें टूट गईं और हजारों लोग फंसे रह गए। ऐसे में भारत का यह साथ दोनों देशों के बीच गहरे रिश्तों को और मजबूत कर रहा है।
भारतीय अधिकारियों का कहना है कि यह मिशन सिर्फ राहत अभियान नहीं, बल्कि भारत और श्रीलंका के बीच भरोसे और दोस्ती का संदेश भी है। जब भी कोई संकट आता है, भारत हमेशा सबसे पहले मदद के लिए हाथ बढ़ाता है।


