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Lieutenant General Sadhna S Nair: दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र पहुंची सेना चिकित्सा सेवा और आर्मी मेडिकल कॉर्प्स की वरिष्ठ कर्नल कमांडेंट, बढ़ाया जवानों का हौसला

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📍नई दिल्ली | 19 Nov, 2024, 1:48 PM

Lieutenant General Sadhna S Nair: सेना चिकित्सा सेवा (DGMS) और आर्मी मेडिकल कॉर्प्स (AMC) की वरिष्ठ कर्नल कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल साधना एस. नायर ने 18 नवंबर 2024 को सियाचिन बेस कैंप और अग्रिम क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने देश के सबसे उंचे युद्धक्षेत्र में तैनात जवानों का हालचाल पूछा और वहां की चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया।

Lieutenant General Sadhna S Nair: Senior Colonel Commandant of Army Medical Corps Boosts Morale at the World's Highest Battlefield

सैनिकों के साथ संवाद

लेफ्टिनेंट जनरल साधना एस. नायर ने सियाचिन बेस कैंप पर तैनात सैनिकों से मुलाकात की और उनकी कठिन परिस्थितियों में निःस्वार्थ सेवा के लिए उनकी सराहना की। उन्होंने कहा, “सियाचिन के दुर्गम और चुनौतीपूर्ण हालातों में आपकी सेवा देश के लिए गर्व की बात है।”

चिकित्सा सुविधाओं का निरीक्षण

अपने दौरे के दौरान, उन्होंने सियाचिन बेस कैंप और पार्टापुर में स्थापित नए मिलिट्री हॉस्पिटल (MH) की चिकित्सा सेवाओं और लॉजिस्टिक्स का निरीक्षण किया। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि सैनिकों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं और देखभाल मिले। इसके साथ ही उन्होंने आर्मी मेडिकल कॉर्प्स, आर्मी डेंटल कॉर्प्स (ADC) और मिलिट्री नर्सिंग स्टाफ की सराहना की, जो कठिन परिस्थितियों में सैनिकों के स्वास्थ्य और मनोबल को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

शहीदों को श्रद्धांजलि

सियाचिन युद्ध स्मारक पर पहुंचकर लेफ्टिनेंट जनरल साधना एस. नायर ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने वहां पुष्पचक्र अर्पित करते हुए कहा कि इन वीर सैनिकों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके इस बलिदान ने  न केवल सेना बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है।

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Lieutenant General Sadhna S Nair: Senior Colonel Commandant of Army Medical Corps Boosts Morale at the World's Highest Battlefield

चुनौतियों का सामना करने का जज़्बा

सियाचिन ग्लेशियर पर तैनात सैनिकों का जीवन बेहद कठिन है। -50 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे तापमान और ऑक्सीजन की कमी के बावजूद, ये सैनिक देश की सीमाओं की सुरक्षा में डटे रहते हैं। इस चुनौतीपूर्ण माहौल में चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है। लेफ्टिनेंट जनरल नायर ने इन सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में प्रयासों को और तेज करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

आर्मी मेडिकल कॉर्प्स की भूमिका

लेफ्टिनेंट जनरल नायर ने आर्मी मेडिकल कॉर्प्स के जवानों की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी सेवाएं सैनिकों के स्वास्थ्य को बनाए रखने और उनकी मानसिक मजबूती बढ़ाने में अहम हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चिकित्सा सेवाओं में नवाचार और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल सियाचिन जैसे दुर्गम क्षेत्रों में तैनात सैनिकों के लिए वरदान साबित हो रहा है।

महिलाओं की अग्रणी भूमिका

लेफ्टिनेंट जनरल साधना एस. नायर का यह दौरा इस बात का प्रमाण है कि भारतीय सेना में महिलाएं आज हर चुनौती को स्वीकार कर रही हैं और नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं। उनके इस दौरे ने न केवल सैनिकों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि यह भी दिखाया कि सेना में महिला अधिकारियों का योगदान कितना महत्वपूर्ण है।

समर्पण और प्रेरणा का प्रतीक

सियाचिन का दौरा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि सैनिकों के समर्पण और बलिदान को मान्यता देने का एक कदम था। लेफ्टिनेंट जनरल नायर का यह दौरा उन सभी के लिए प्रेरणा है जो किसी भी रूप में देश की सेवा कर रहे हैं। सियाचिन के दुर्गम क्षेत्रों में सैनिकों की सेवा और आर्मी मेडिकल कॉर्प्स की भूमिका देश के लिए एक गौरवशाली अध्याय है। लेफ्टिनेंट जनरल साधना एस. नायर का दौरा इन साहसी सैनिकों के प्रति देश की कृतज्ञता और सम्मान को दर्शाता है। उनके इस दौरे ने यह स्पष्ट कर दिया कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, भारतीय सेना का हर सदस्य देश की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह समर्पित है।

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    हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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