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लोंगेवाला से कच्छ के रन तक- 3400 किमी के सफर के बाद दिल्ली पहुंचा सेना का काफिला, भारत रणभूमि दर्शन एक्सपेडिशन का समापन

इस एक्सपेडिशन में करीब 35 सदस्यीय दल शामिल था, जिसमें भारतीय सेना के साथ नौसेना और सीमा सुरक्षा बल के जवान भी शामिल थे...

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📍नई दिल्ली | 25 Feb, 2026, 5:02 PM

Bharat Ranbhoomi Darshan Expedition: भारतीय सेना द्वारा आयोजित “भारत रणभूमि दर्शन एक्सपेडिशन 2026” का समापन नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में किया गया। इस एक्सपेडिशन को सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने फ्लैग-इन किया। इस मौके पर कई वरिष्ठ सैन्य और नागरिक अधिकारी मौजूद रहे।

यह एक्सपेडिशन 3 फरवरी को गुजरात के द्वारका से शुरू हुआ था और लगभग 3400 किलोमीटर की यात्रा तय करने के बाद दिल्ली पहुंचा। इस पूरी यात्रा का नेतृत्व भारतीय सेना की रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी ने किया। इस अभियान का उद्देश्य देश के ऐतिहासिक युद्ध स्थलों और सीमावर्ती इलाकों को लोगों तक पहुंचाना था।

इस एक्सपेडिशन के दौरान टीम ने गुजरात और राजस्थान के कई महत्वपूर्ण स्थानों का दौरा किया। इसमें भुज, रण ऑफ कच्छ, मुनाबाव, गदरा, लोंगेवाला, जैसलमेर, बीकानेर और अंबाला जैसे स्थान शामिल रहे। यह सभी इलाके भारत की सुरक्षा और सैन्य इतिहास से जुड़े हुए हैं।

यात्रा के दौरान सैनिकों ने कई ऐतिहासिक युद्ध स्थलों और स्मारकों पर जाकर देश के वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। खास तौर पर लोंगेवाला जैसे स्थानों पर टीम ने 1971 के युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को याद किया।

Bharat Ranbhoomi Darshan Expedition

इस एक्सपेडिशन में करीब 35 सदस्यीय दल शामिल था, जिसमें भारतीय सेना के साथ नौसेना और सीमा सुरक्षा बल के जवान भी शामिल थे।

पूरी यात्रा के दौरान यह काफिला सीमा क्षेत्रों की सड़कों और दुर्गम रास्तों से होकर गुजरा। इससे यह भी दिखाया गया कि सीमावर्ती इलाकों में कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार हुआ है। इन सड़कों का निर्माण सीमा सड़क संगठन यानी बीआरओ द्वारा किया गया है, जो सैन्य और नागरिक दोनों के लिए उपयोगी है।

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इस एक्सपेडिशन का एक अहम पहलू लोगों से जुड़ाव भी रहा। यात्रा के दौरान टीम ने वीर नारियों, पूर्व सैनिकों, एनसीसी कैडेट्स, छात्रों और स्थानीय लोगों से मुलाकात की। हर स्थान पर लोगों ने इस काफिले का स्वागत किया और सेना के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

यह पहल “रणभूमि दर्शन” कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसे भारतीय सेना और पर्यटन मंत्रालय मिलकर आगे बढ़ा रहे हैं। इसका मकसद देश के ऐतिहासिक युद्ध स्थलों को पर्यटन से जोड़ना और युवाओं को देश के सैन्य इतिहास से परिचित कराना है।

सेना प्रमुख ने इस अवसर पर कहा कि इस तरह के अभियान देश की विरासत को सुरक्षित रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी को देशसेवा के लिए प्रेरित करते हैं।

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    रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

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