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Army convoy accident in Ladakh: लद्दाख के गलवान में सेना के काफिले पर गिरा बोल्डर, एक अफसर और एक जवान शहीद, तीन अधिकारी गंभीर रूप से जख्मी

हादसे में 14 हॉर्स (सिंध हॉर्स) रेजिमेंट के लेफ्टिनेंट कर्नल मणकोटिया और नायक दलजीत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई...

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हादसे में 14 हॉर्स (सिंध हॉर्स) रेजिमेंट के लेफ्टिनेंट कर्नल मणकोटिया और नायक दलजीत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में शामिल हैं: मेजर मयंक शुभम 14 हॉर्स (सिंध हॉर्स), मेजर अमित दीक्षित और कैप्टन गौरव (60 आर्मर्ड रेजिमेंट)। ये सभी अधिकारी 60 आर्मर्ड रेजिमेंट के वाहन में सवार थे...

📍लेह | 30 Jul, 2025, 3:28 PM

Army convoy accident in Ladakh: लद्दाख के दुर्गम और संवेदनशील गलवान इलाके में बुधवार सुबह सेना के एक काफिले के साथ एक बड़ा हादसा हो गया। सुबह लगभग 11:30 बजे (1130 घंटे), जब भारतीय सेना का काफिला दरबुक से चोंगताश की ओर नियमित प्रशिक्षण गतिविधि के लिए जा रहा था, तभी अचानक चारबाग (गलवान) इलाके में एक खड़ी चट्टान से एक विशालकाय बोल्डर अचानक सीधे एक सैन्य वाहन पर आ गिरा।

Army Convoy Accident in Ladakh: Boulder Crash in Galwan Kills Officer and Jawan, Three Others Critically Injured
Lieutenant Colonel Bhanu Pratap Singh and Lance Dafadar Daljeet Singh (Pic by 14 Corps)

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हादसे में 14 हॉर्स (सिंध हॉर्स) रेजिमेंट के लेफ्टिनेंट कर्नल भानु प्रताप सिंह मणकोटिया और नायक दलजीत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में शामिल हैं: मेजर मयंक शुभम 14 हॉर्स (सिंध हॉर्स), मेजर अमित दीक्षित और कैप्टन गौरव (60 आर्मर्ड रेजिमेंट)। ये सभी अधिकारी 60 आर्मर्ड रेजिमेंट के वाहन में सवार थे।

यह इलाका अपनी कठोर भौगोलिक परिस्थितियों, संकरी घाटियों और लैंडस्लाइड के लिए जाना जाता है। 60 आर्मर्ड रेजिमेंट, जो उच्च ऊंचाई और युद्ध स्थितियों के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित होती है, उस समय इस इलाके से गुजर रही थी।

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हादसे के तुरंत बाद साथ चल रही सेना की टुकड़ियों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को हेलीकॉप्टर की मदद से लेह के 153 जनरल हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। सेना के मुताबिक, तीनों की हालत गंभीर बनी हुई है, और उन्हें विशेष चिकित्सा निगरानी में रखा गया है।

Army Convoy Accident in Ladakh: Boulder Crash in Galwan Kills Officer and Jawan, Three Others Critically Injured
Photo by Sources

भारतीय सेना और स्थानीय प्रशासन ने हादसे के बाद प्रभावित इलाके में फिर से सड़क खोलने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इंजीनियरिंग टीमों को मौके पर तैनात किया है। चारों ओर फैली बड़ी-बड़ी चट्टानों और संकरी सड़क के कारण राहत कार्य चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन सेना की दक्षता और तत्परता के चलते घायलों को समय पर इलाज मिल सका।

उनके साथ काम कर चुके एक अफसर ने बताया, “मणकोटिया मेरे बहुत ही प्रिय मित्र थे। हम दोनों ने साथ में IMTRAT में सेवा दी थी। यह खबर सुनकर मैं पूरी तरह स्तब्ध हूं। वे एक ऐसे अफसर थे जो जिम्मेदारी, मेहनत और अच्छे व्यवहार की मिसाल थे। वे इस बात का साक्षात उदाहरण थे कि एक सैन्य अधिकारी को कैसा होना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, “लेफ्टिनेंट कर्नल बीपीएस मणकोटिया एक चौथी पीढ़ी के सैन्य अधिकारी थे। उन्होंने एनडीए, आईएमए और उसके बाद के सभी कोर्सेज में टॉप किया था। सिर्फ पिछले साल ही उन्हें डिफेंस सर्विस स्टाफ कॉलेज (DSSC) में अपने सर्विस क्रम में पहले स्थान पर रहने के लिए मानेकशॉ मेडल से भी सम्मानित किया गया था।”

लद्दाख जैसे सीमावर्ती और ऊंचाई वाले इलाकों में केवल दुश्मन की चुनौती नहीं, बल्कि प्रकृति भी सैनिकों के लिए एक बड़ा खतरा है। विशेषकर मानसून के मौसम में यहां भूस्खलन और चट्टानों के गिरने की घटनाएं आम हो जाती हैं, जो सेना की नियमित आवाजाही और ऑपरेशनल गतिविधियों के लिए गंभीर खतरा बनती हैं।

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सेना और प्रशासन ने इस घटना के बाद नागरिकों और सैन्य वाहनों को चेतावनी जारी की है कि वे इस तरह के इलाकों में सावधानीपूर्वक यात्रा करें और मौसम की स्थिति को देखते हुए ही आगे बढ़ें। घटनास्थल पर जांच अभी जारी है और विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।

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  • News Desk

    रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

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