📍नई दिल्ली / जैसलमेर | 30 Jan, 2026, 8:07 PM
Vayushakti 2026 Indian Air Force: भारतीय वायुसेना फरवरी 2026 में एक बार फिर अपनी जबरदस्त फायर पावर और ऑपरेशनल तैयारी का प्रदर्शन करने जा रही है। इसके लिए वायुसेना ने अपने सबसे बड़े एयर पावर एक्सरसाइज ‘वायुशक्ति-2026’ की तैयारी शुरू कर दी है। इस एक्सरसाइज को लेकर नोटम भी जारी किया जा चुका है। जिसके मुताबिक वेस्टर्न फ्रंट, यानी पाकिस्तान सीमा से सटे राजस्थान के पोखरण में बड़े स्तर पर हवाई गतिविधियां होने वाली हैं।
एक्सरसाइज ‘वायुशक्ति-2026’ में दिन और रात, दोनों समय लाइव फायरिंग, एयर-टू-ग्राउंड स्ट्राइक, एयर-टू-एयर मिशन, एयर डिफेंस और जॉइंट ऑपरेशन्स का अभ्यास किया जाएगा।
Vayushakti 2026 Indian Air Force: पोखरण फिर बनेगा वायुसेना की ताकत का गवाह
राजस्थान का पोखरण इलाका पहले भी भारत की सैन्य ताकत का गवाह रहा है। अब एक बार फिर रेगिस्तान का यह इलाका भारतीय वायुसेना की ताकत और तैयारी का केंद्र बनने जा रहा है। पाकिस्तान सीमा से सटे इलाकों के खुले आसमान में जब दर्जनों फाइटर जेट एक साथ उड़ान भरेंगे और अपने हथियारों का प्रदर्शन करेंगे, तो यह नजारा सिर्फ सैन्य अभ्यास नहीं, बल्कि भारत की हवाई शक्ति का प्रतीक होगा। (Vayushakti 2026 Indian Air Force)
तीन चरणों में एक्सरसाइज
नोटम-इन के मुताबिक, भारतीय वायुसेना की यह एक्सरसाइज तीन चरणों में आयोजित की जाएगी। पहला चरण 9 फरवरी से 14 फरवरी 2026 तक चलेगा, दूसरा चरण 16 फरवरी से 19 फरवरी तक और तीसरा व अंतिम चरण 20 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक निर्धारित किया गया है।
शुरुआती दो चरणों में ग्राउंड से 30,000 फीट तक हवाई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके बाद तीसरे चरण में यह सीमा हटा दी गई है। यानी आखिरी चरण में वायुसेना पूरी ऊंचाई और पूरी क्षमता के साथ अपने हथियारों और प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर सकती है। आमतौर पर ऐसा तभी किया जाता है, जब बड़े पैमाने पर कॉम्बैट सिमुलेशन और लॉन्ग-रेंज स्ट्राइक का अभ्यास होता हो। (Vayushakti 2026 Indian Air Force)
क्यों खास है वायुशक्ति एक्सरसाइज
वायुशक्ति भारतीय वायुसेना की सबसे प्रतिष्ठित फायर पावर एक्सरसाइज मानी जाती है। इसे हर कुछ वर्षों में आयोजित किया जाता है, ताकि वायुसेना अपनी युद्धक तैयारियों को न सिर्फ परखे, बल्कि देश और दुनिया को भी दिखा सके।
पिछली वायुशक्ति एक्सरसाइज में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस, मिराज-2000 और मिग-29 जैसे फाइटर जेट्स ने लाइव हथियारों के साथ अपने टारगेट्स को निशाना बनाया था। ऑपरेशन सिंदूर के बाद आयोजित वायुशक्ति 2026 का संस्करण इससे भी बड़ा और ज्यादा व्यापक माना जा रहा है। (Vayushakti 2026 Indian Air Force)
वेस्टर्न फ्रंट पर फोकस क्यों
हाल के वर्षों में भारत के सामने दो-फ्रंट चैलेंज लगातार चर्चा में रहा है। एक तरफ पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान, तो दूसरी तरफ उत्तरी सीमा पर चीन। ऐसे में वायुसेना की रणनीति यह है कि वह दोनों मोर्चों पर एक साथ जवाब देने में सक्षम रहे।
वायुशक्ति-2026 के जरिए वायुसेना वेस्टर्न फ्रंट पर अपनी रैपिड रिस्पॉन्स, डीप-स्ट्राइक और प्रिसिजन अटैक क्षमताओं को परखेगी। इस अभ्यास के जरिए पाकिस्तान को यह संदेश दिया जाएगा कि किसी भी हालात में भारतीय वायुसेना तुरंत और प्रभावी कार्रवाई करने में सक्षम है। (Vayushakti 2026 Indian Air Force)
कौन-कौन से एयरक्राफ्ट होंगे शामिल
हालांकि आधिकारिक तौर पर सभी प्लेटफॉर्म्स की सूची जारी नहीं की गई है, लेकिन पिछले ट्रेंड और तैयारियों को देखते हुए माना जा रहा है कि इस एक्सरसाइज में वायुसेना के लगभग सभी फ्रंटलाइन एयरक्राफ्ट शामिल होंगे।
इसमें राफेल फाइटर जेट्स की अहम भूमिका रहने की उम्मीद है। राफेल अपनी लॉन्ग-रेंज प्रिसिजन स्ट्राइक क्षमता और एडवांस्ड मिसाइल सिस्टम के लिए जाना जाता है। सुखोई-30 एमकेआई एयर सुपीरियॉरिटी और हेवी स्ट्राइक का जिम्मा संभालेगा, जबकि स्वदेशी तेजस फाइटर जेट आत्मनिर्भर भारत की ताकत को दिखाएगा।
इसके अलावा मिराज-2000, मिग-29, जैगुआर, अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर, चिनूक हेवी-लिफ्ट हेलिकॉप्टर और सी-130जे जैसे सपोर्ट एयरक्राफ्ट भी मिशन का हिस्सा बन सकते हैं। (Vayushakti 2026 Indian Air Force)
दिन और रात दोनों में ऑपरेशन
वायुशक्ति-2026 की एक बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें दिन और रात, दोनों समय मिशन को अंजाम दिया जाएगा। रात के ऑपरेशन असली युद्ध की दृष्टि से बेहद अहम माने जाते हैं, क्योंकि मॉडर्न वॉरफेयर में अंधेरे में सटीक हमला करने की क्षमता निर्णायक होती है।
रात के समय टारगेट पर सटीक बमबारी, मिसाइल लॉन्च और एयर डिफेंस इंटरसेप्शन यह दिखाएंगे कि भारतीय वायुसेना हर हालात में ऑपरेशनल रेडी है। (Vayushakti 2026 Indian Air Force)
एयर डिफेंस और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर का अभ्यास
इस एक्सरसाइज में सिर्फ हमला ही नहीं, बल्कि दुश्मन के हमलों से बचाव का अभ्यास भी किया जाएगा। एयर डिफेंस सिस्टम, रडार नेटवर्क और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर क्षमताओं को भी परखा जाएगा।
इससे यह देखा जाएगा कि अगर दुश्मन हवाई हमला करता है, तो भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम उसे कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से रोक पाते हैं। (Vayushakti 2026 Indian Air Force)




