📍नई दिल्ली | 27 Jan, 2026, 12:47 PM
Rafale BS-022: पाकिस्तान की तरफ से फैलााई गई मनगढ़ंत और झूठी खबरों की पोल एक बार फिर दुनिया के सामने खुल गई है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने झूठ, आधे-अधूरे दावे और बिना सबूत की कहानियां गढ़कर अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने की कोशिश की थी। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तानी सेना और वहां के कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने यह दावा करना शुरू कर दिया था कि पाकिस्तान एयर फोर्स (पीएएफ) ने भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के राफेल फाइटर जेट को मार गिराया है। इस दावे को ऐसे पेश किया गया जैसे यह कोई बड़ी सैन्य जीत हो। लेकिन अब 26 जनवरी पर ही पाकिस्तान की इस पूरे झूठे नैरेटिव की पूरी तरह पोल खुल गई है।
Rafale BS-022: ऑपरेशन सिंदूर के बाद क्यों फैलाया झूठा प्रचार
मई 2025 में शुरू हुआ ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान के लिए सैन्य और मनोवैज्ञानिक दोनों स्तरों पर बड़ा झटका था। भारत ने आतंकवादी हमलों के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। 100 से ज्यादा आतंकी ढेर किए। इस दौरान भारतीय वायुसेना, मिसाइल सिस्टम, ड्रोन और आर्टिलरी का इस्तेमाल हुआ। पाकिस्तान न सिर्फ इन हमलों को रोकने में नाकाम रहा, बल्कि उसे कुछ ही दिनों में सीजफायर के लिए गिड़गिड़ाना पड़ा। (Rafale BS-022)
ऐसे में पाकिस्तान के सामने अपनी घरेलू जनता और सेना का मनोबल बनाए रखने की बड़ी चुनौती थी। इसी दबाव में वहां की सेना और समर्थक मीडिया ने यह झूठा दावा उछाल दिया कि उन्होंने भारत के राफेल जैसे अत्याधुनिक फाइटर जेट को मार गिराया है। सोशल मीडिया पर पुराने फोटो, एडिट किए गए वीडियो और भ्रामक ग्राफिक्स फैलाए गए। कभी कहा गया कि एक राफेल गिराया गया, तो कभी संख्या बढ़ाकर चार, पांच या आठ तक बता दी गई। दावों की संख्या बदलती रही, लेकिन सबूत एक भी नहीं दिया गया। (Rafale BS-022)
वह राफेल शामिल हुआ गणतंत्र दिवस फ्लाइपास्ट में
पाकिस्तान के झूठ की सबसे बड़ी पोल इस साल 26 जनवरी को खुद-ब-खुद खुल गई। नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना का भव्य फ्लाइपास्ट हुआ। इस फ्लाइपास्ट में कई आधुनिक फाइटर जेट्स, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर शामिल थे। इसी दौरान आसमान में राफेल फाइटर जेट्स की गर्जना भी सुनाई दी।
सबसे अहम बात यह रही कि फ्लाइपास्ट में राफेल BS-022 भी शामिल था। यही वही एयरक्राफ्ट है, जिसके बारे में पाकिस्तान ने दावा किया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसे मार गिराया गया था। अगर पाकिस्तान का दावा सच होता, तो यह राफेल न तो भारतीय वायुसेना के बेड़े में मौजूद होता और न ही देश के सबसे बड़े राष्ट्रीय समारोह में उड़ान भरता नजर आता। (Rafale BS-022)
BS-022 का पूरी क्षमता के साथ उड़ान भरना इस बात का सीधा और ठोस सबूत है कि पाकिस्तान का दावा पूरी तरह झूठा था। वहीं भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान की तरह ढोल पीटते हुए उसके दावे पर न तो किसी तरह का बयान या प्रेस रिलीज जारी नहीं की, बल्कि खुले आसमान में पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तान के झूठ नैरेटिव का अपने अंदाज में जवाब दिया। (Rafale BS-022)
Operation Sindoor formation at #RepubliDay. See what it looks like from above @indianairforcehttps://t.co/keyMLO12oL
— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) January 26, 2026
ऑपरेशन सिंदूर फॉर्मेशन से दिया जवाब
26 जनवरी के मौके पर भारतीय वायुसेना ने खास सिंदूर फॉर्मेशन तैयार की थी। यह फॉर्मेशन मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर को ट्रिब्यूट थी, जिसमें भारत ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी हमले के जवाब में सर्जिकल स्ट्राइक्स की थीं। इस फॉर्मेशन का उद्देश्य भारतीय वायुसेना की सटीकता, हवाई श्रेष्ठता और ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल की गई रणनीति को दर्शाना था। यह पहली बार था जब भारतीय वायुसेना ने इस नाम की फॉर्मेशन को गणतंत्र दिवस फ्लाईपास्ट में शामिल किया, जो पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा को भी बेनकाब करने का एक तरीका था।
सिंदूर फॉर्मेशन की खूबी यह थी कि यह फॉर्मेशन एक “स्पीयरहेड” या कॉम्पैक्ट एरे शेप में थी, जो ऑपरेशन सिंदूर की स्ट्राइक पैकेज को मिरर करती थी। इसमें 7-विमान शामिल थे। जिसमें 2 राफेल फाइटर जेट्स, 2 मल्टी-रोल फाइटर्स सुखोई-30, 2 मिग-29 और ग्राउंड अटैक के लिए प्रसिद्ध एक जगुआर शामिल था। इन दो राफेल में से एक BS-022 था, जिसे पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर में मार गिराने का झूठा दावा किया था। (Rafale BS-022)
झूठा प्रोपेगैंडा कोई नई बात नहीं
राफेल को लेकर फैलाया गया यह झूठ पाकिस्तान की पुरानी आदतों का ही हिस्सा है। इससे पहले भी बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने तरह-तरह के झूठे दावे किए थे। कभी कहा गया कि भारतीय एयरस्ट्राइक में कोई नुकसान नहीं हुआ, कभी यह दावा किया गया कि भारत के कई फाइटर जेट मार गिराए गए। बाद में वही पाकिस्तान अपने ही बयानों से पलटता नजर आया।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी वही पैटर्न दोहराया गया। सोशल मीडिया पर कुछ अकाउंट्स ने खुद को “डिफेंस एक्सपर्ट” बताकर राफेल के गिरने की कहानियां गढ़ीं। पाकिस्तानी टीवी चैनलों ने बिना किसी जांच-पड़ताल के इन्हें चला दिया। लेकिन जब समय आया, तो सच्चाई ने खुद ही झूठ का पर्दाफाश कर दिया। (Rafale BS-022)
राफेल F4 अपग्रेड ने भी किया साफ इशारा
पाकिस्तान के झूठ को उजागर करने वाला एक और बड़ा फैक्ट भारतीय वायुसेना का राफेल एफ4 अपग्रेड है। भारत ने अपने राफेल फ्लीट को और आधुनिक बनाने के लिए एफ4 स्टैंडर्ड अपग्रेड का फैसला किया है। यह अपग्रेड 35 राफेल विमानों के लिए किया जा रहा है।
अगर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सच में कोई राफेल नष्ट हुआ होता, जैसा कि पाकिस्तान दावा कर रहा था, तो विमानों की संख्या में फर्क साफ नजर आता। लेकिन 35 राफेल्स के लिए किया गया अपग्रेड यह दिखाता है कि भारतीय वायुसेना का राफेल बेड़ा पूरी तरह सुरक्षित है।
एफ4 अपग्रेड में बेहतर रडार, ज्यादा एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, नए हथियार और बेहतर नेटवर्क-सेंट्रिक कैपेबिलिटी शामिल होंगी। यह अपग्रेड इस बात का संकेत है कि भारतीय वायुसेना भविष्य की चुनौतियों के लिए अपने बेड़े को लगातार मजबूत कर रही है, न कि किसी नुकसान से उबरने की कोशिश कर रही है। (Rafale BS-022)
भारत की रणनीति: शोर नहीं, केवल सबूत
इस पूरे मामले में भारत का रवैया भी गौर करने लायक है। पाकिस्तान के दावों पर भारत ने न तो तुरंत प्रतिक्रिया दी और न ही किसी तरह की बयानबाजी की। भारतीय वायुसेना ने हमेशा की तरह प्रोफेशनल अप्रोच अपनाई। न कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस, न सोशल मीडिया पर जवाबी हमले।
भारत ने तथ्यों को अपने आप सामने आने दिया। गणतंत्र दिवस पर राफेल की उड़ान ही सबसे बड़ा जवाब बन गई। यह दिखाता है कि भारत की रणनीति शोर मचाने की नहीं, बल्कि काम करके दिखाने की है। (Rafale BS-022)
पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर सवाल
रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि ऐसे झूठे दावों से पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय साख लगातार कमजोर हो रही है। जब कोई देश बार-बार बिना सबूत के बड़े-बड़े दावे करता है और बाद में वे झूठ साबित होते हैं, तो दुनिया उसे गंभीरता से लेना बंद कर देती है। (Rafale BS-022)



