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F-16 upgrade for Pakistan: ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने गिराए थे पाकिस्तान के 6 एफ-16? अमेरिकी अपग्रेड पैकेज से खुला नुकसान का राज

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📍नई दिल्ली | 11 Dec, 2025, 4:57 PM

F-16 upgrade for Pakistan: एक बड़ी प्रसिद्ध कहावत है, “सच कितना भी छिपाओ, देर-सवेर बाहर आ ही जाता है।” कुछ ऐसा ही हुआ है पाकिस्तान के मामले में। पाकिस्तान को अमेरिकी सरकार ने 686 मिलियन डॉलर का एफ-16 फाइटर जेट्स का अपग्रेड पैकेज मंजूर किया है। लेकिन इसके साथ ही एक बड़ा सवाल फिर चर्चा में है कि क्या ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के 6 या उससे ज्यादा एफ-16 फाइटर जेट्स को नुकसान पहुंचाया था। क्योंकि इतने बड़े पैकेज का मतलब यह है कि पाकिस्तान को अपने कम-से-कम छह एफ-16 जेट्स को बदलने या भारी मरम्मत कराने की जरूरत पड़ रही है।

अमेरिका के डिफेंस सिक्युरिटी कोआपरेशन एजेंसी (डीएससीए) के अनुसार यह पैकेज पाकिस्तान के एफ-16 बेड़े को सुरक्षित रखने, आधुनिक बनाने और 2040 तक उसकी उड़ान क्षमता बेहतर करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें लिंक-16 टैक्टिकल डेटा लिंक सिस्टम, क्रिप्टोग्राफिक मॉड्यूल, अपग्रेडेड एवियोनिक्स, ट्रेनिंग और व्यापक लॉजिस्टिक सपोर्ट शामिल है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह पैकेज पाकिस्तान को “इंटरऑपरेबिलिटी” बनाए रखने में मदद करेगा, ताकि वह जॉइंट ऑपरेशंस में अमेरिकी और पार्टनर फोर्सेज के साथ काम कर सके। (F-16 upgrade for Pakistan

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खास बात यह है कि ऑपरेशन सिंदूर होने के लगभग 8 महीने बाद अमेरिका ने पाकिस्तान को यह पैकेज दिया है। लेकिन भारत में इस पैकेज को अलग नजरिए से देखा जा रहा है। जानकारों का मानना है कि इतने बड़े पैकेज का एक महत्वपूर्ण कारण यह भी है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के कई एफ-16 जेट हवा में और जमीन पर नष्ट हो गए थे। भारतीय वायुसेना ने भी बाद में इस बात की पुष्टि भी की थी।

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ऑपरेशन सिंदूर के बाद मई 2025 में भारतीय वायुसेना ने पहली बार स्वीकार किया था कि पाकिस्तान के कम से कम पांच विमान गिराए गए थे, जिनमें एफ-16 भी शामिल था। वायुसेना के डायरेक्टर जनरल एयर ऑपरेशंस एयर मार्शल एके भारती ने बताया था कि वायुसेना के रडार, एयर-डिफेंस सिस्टम और फाइटर जेट्स ने मिलकर यह कार्रवाई की। हालांकि उस समय पूरा ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया था।

कुछ महीनों बाद अगस्त 2025 में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने बेंगलुरु में एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि भारत के एफ-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने 300 किलोमीटर से अधिक दूरी से पांच पाकिस्तानी विमानों को हवा में ही नष्ट किया। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के जैकोबाबाद एयरबेस पर खड़े कुछ एफ-16 और एक अवॉक्स विमान को भी नुकसान पहुंचा था। उनके बयान से पहली बार स्पष्ट हुआ कि नुकसान सिर्फ हवा में नहीं, बल्कि जमीन पर भी हुआ था।

वहीं, दो अक्टूबर को वायुसेना दिवस से पहले दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने साफ कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने “कुल नौ से दस पाकिस्तानी फाइटर जेट” नष्ट किए। उन्होंने कहा था, “मई में हुई झड़पों के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के 10 से अधिक फाइटर जेट गिराए, जिनमें अमेरिका निर्मित एफ-16 और चीन-पाकिस्तान के बनाए जेएफ-17 भी शामिल थे।”

उन्होंने कहा था कि भारत के पास रडार ट्रैक, सैटेलाइट इमेजरी और विजुअल रिकॉर्डिंग सहित हर सबूत मौजूद है, और पाकिस्तान किसी भी दावे का एक भी प्रमाण पेश नहीं कर पाया है।

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उन्होंने यह भी जोड़ा था कि एस-400 सिस्टम ने इस ऑपरेशन में “गेम चेंजर” की भूमिका निभाई, क्योंकि यह पहली बार था जब इतनी दूरी से किसी टारगेट को इंटरसेप्ट किया गया। वायुसेना प्रमुख ने 15 भारतीय विमान गिराने के पाकिस्तानी दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा था कि यह “कल्पना” पर आधारित बयान है।

वहीं, अमेरिका की तरफ से पाकिस्तान को 686 मिलियन डॉलर का अपग्रेड पैकेज देने को लेकर विश्लेषकों का मानना है कि इतनी बड़ी राशि सिर्फ सामान्य अपग्रेड के लिए नहीं होती। इसमें ऐसे उपकरण और सिस्टम शामिल हैं जो अक्सर गंभीर नुकसान के बाद लगाए जाते हैं। इसके अलावा लिंक-16 सिस्टम जैसे इक्विपमेंट्स हाई वैल्यू विमानों पर ही लगाए जाते हैं, और पैकेज में इसकी संख्या भी काफी अधिक बताई गई है।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के कुल 9 से 10 फाइटर एयरक्राफ्ट नष्ट हुए, जिनमें कई एफ-16 भी शामिल थे। यह नुकसान दो तरह से हुआ, कुछ विमान हवा में मार गिराए गए और कुछ जमीन पर खड़े-खड़े मिसाइल स्ट्राइक्स में तबाह हुए।

ऑपरेशन के पहले दिन 7 मई की रात को ऑपरेशन की पहली कार्रवाई हुई। रात लगभग डेढ़ बजे से लेकर सुबह चार बजे के बीच भारतीय वायुसेना ने पीओके और पाकिस्तानी पंजाब में मौजूद नौ आतंकी कैंपों को निशाना बनाया। जवाब में पाकिस्तान ने एफ-16 और जेएफ-17 विमान स्क्रैम्बल किए, पंजाब सेक्टर में तैनात एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने 300 किलोमीटर से ज्यादा दूरी से तीन लंबी दूरी की मिसाइलें दागीं। पहली मिसाइल ने बहावलपुर के ऊपर एक एफ-16 को हवा में ही निशाना बनाया। दूसरी मिसाइल ने मुजफ्फराबाद–कोटली क्षेत्र के एयरस्पेस में एक और एफ-16 मार गिराया। तीसरा टारगेट सियालकोट के पास, नियंत्रण रेखा से करीब 40 किलोमीटर अंदर, एक जेएफ-17 या एफ-16 बना।

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वहीं, अगली सुबह यानी 8 मई को भारतीय वायुसेना ने सैटेलाइट और ड्रोन निगरानी से मिले ठोस इनपुट के आधार पर पाकिस्तान के चार प्रमुख एयरबेस जैकोबाबाद, भोलारी, रहीम यार खान और सरगोधा पर हमले किए। जैकोबाबाद एयरबेस पर मौजूद हैंगर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और उनमें खड़े चार एफ-16 तथा एक सी-130 एयरक्राफ्ट पूरी तरह नष्ट हो गए। भोलारी एयरबेस पर स्थित एफ-16 मेंटेनेंस हैंगर को भारी नुकसान पहुंचा और एक एफ-16 विमान वहां पूरी तरह बर्बाद हो गया। रहीम यार खान में रनवे पर खड़ा एक एफ-16 और दो जेएफ-17 मिसाइल हमले का निशाना बन गया। सरगोधा बेस पर स्थित एक एफ-16 और एक अवॉक्स एयरक्राफ्ट के भी हमले में तबाह होने की पुष्टि बाद में सामने आई।

9 मई को पाकिस्तानी वायुसेना ने एक आखिरी कोशिश करते हुए चक अमरू–सियालकोट सेक्टर में भारतीय ठिकानों के करीब आने की कोशिश की, लेकिन वहां तैनात एफ-400 ने एक और एफ-16 को हवा में ही ढेर कर दिया। इसके बाद पाकिस्तानी वायुसेना ने अपनी कोशिशें रोक दीं और युद्धविराम की मांग की। 10 मई को सैन्य कार्रवाई पूरी तरह थम गई।

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    हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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