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ईरान के मिसाइल लॉन्चर रोकने के लिए अमेरिका की नई चाल, आसमान से गिरा रहा कैन फूड जैसे बम पैकेट

ईरान की सरकारी एजेंसी तसनीम न्यूज ने सोशल मीडिया पर इस बारे में जानकारी दी और कुछ तस्वीरें भी शेयर कीं। इन तस्वीरों में छोटे-छोटे डिब्बे जैसे ऑब्जेक्ट दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें विस्फोटक बताया जा रहा है...

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📍नई दिल्ली | 27 Mar, 2026, 11:40 AM

US mines Iran missile bases: पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने उसके एक इलाके में फाइटर जेट के जरिए ऐसे विस्फोटक पैकेट गिराए हैं, जो दिखने में खाने के डिब्बों जैसे हैं, लेकिन खोलते ही फट जाते हैं। यह दावा खास तौर पर शिराज शहर के आसपास के इलाकों को लेकर किया गया है, जहां ईरान के अहम मिसाइल ठिकाने मौजूद बताए जाते हैं।

ईरान की सरकारी एजेंसी तसनीम न्यूज ने सोशल मीडिया पर इस बारे में जानकारी दी और कुछ तस्वीरें भी शेयर कीं। इन तस्वीरों में छोटे-छोटे डिब्बे जैसे ऑब्जेक्ट दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें विस्फोटक बताया जा रहा है।

US mines Iran missile bases: ‘कैन फूड’ जैसे दिखने वाले विस्फोटक

तसनीम की रिपोर्ट के मुताबिक, ये विस्फोटक पैकेट देखने में बिल्कुल रेडीमेड कैन फूड जैसे लगते हैं। इनका आकार टूना फिश के डिब्बों से थोड़ा बड़ा बताया गया है। दावा किया गया कि जब लोग इन्हें खोलने की कोशिश करते हैं, तो ये तुरंत फट जाते हैं और गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया कि शिराज के दक्षिणी हिस्से और खासकर कफारी नाम के गांव में ऐसे पैकेट आसमान से गिराए गए। कुछ लोगों की मौत होने का भी दावा किया गया है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।

क्या ये लैंडमाइन हैं?

तस्वीरों और वीडियो के आधार पर कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ये सामान्य बम नहीं, बल्कि एंटी-टैंक लैंडमाइन हो सकते हैं। खास तौर पर इन्हें बीएलयू-91/बी नाम के एयर-ड्रॉप्ड माइंस जैसा बताया जा रहा है।

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ये माइंस जमीन पर गिरने के बाद वहीं रह जाते हैं और जब कोई भारी वाहन या व्यक्ति इनके संपर्क में आता है, तो विस्फोट हो सकता है। इन्हें इस तरह डिजाइन किया जाता है कि दुश्मन के टैंक, ट्रक या भारी उपकरणों को रोका जा सके।

इन माइंस को हवा से गिराने के लिए खास तरह के डिस्पेंसर इस्तेमाल किए जाते हैं, जो एक ही बार में कई माइंस को बड़े इलाके में फैला देते हैं। (US mines Iran missile bases)

मिसाइल ठिकानों के पास क्यों गिराए जा रहे हैं?

जिस इलाके में ये माइंस मिलने की बात कही जा रही है, वह शिराज के पास एक अंडरग्राउंड मिसाइल फैसिलिटी के करीब बताया गया है। इन्हें अक्सर “मिसाइल सिटी” कहा जाता है, जहां ईरान अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों को जमीन के नीचे सुरक्षित रखता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन माइंस को ऐसे इलाकों में गिराने का मकसद इन ठिकानों तक पहुंचने वाले रास्तों को बंद करना हो सकता है। अगर रास्तों पर माइंस बिछा दिए जाएं, तो भारी गाड़ियां और लॉन्चर वहां तक नहीं पहुंच पाएंगे।

इससे मिसाइल लॉन्च करने में दिक्कत हो सकती है, क्योंकि मोबाइल लॉन्चर को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना मुश्किल हो जाएगा। (US mines Iran missile bases)

लगातार हमलों के बावजूद एक्टिव हैं लॉन्चर

अमेरिका और उसके सहयोगी देश पिछले कुछ समय से ईरान के मिसाइल ठिकानों पर लगातार एयर स्ट्राइक कर रहे हैं। इन हमलों का मकसद मिसाइल स्टोरेज और लॉन्च साइट्स को नष्ट करना है।

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इसके बावजूद ईरान अब भी अलग-अलग जगहों से मिसाइल दागने में सफल हो रहा है। बताया जाता है कि वह अपने लॉन्चर को अंडरग्राउंड टनल में छिपाकर रखता है और जरूरत पड़ने पर बाहर लाकर लॉन्च करता है।

यही वजह है कि सिर्फ बमबारी से इन सिस्टम्स को पूरी तरह रोक पाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में माइंस जैसी रणनीति अपनाने की बात सामने आ रही है। (US mines Iran missile bases)

मोबाइल लॉन्चर बन रहे चुनौती

ईरान की मिसाइल रणनीति का एक अहम हिस्सा मोबाइल लॉन्चर हैं। ये ऐसे वाहन होते हैं, जिन पर मिसाइलें लगाई जाती हैं और उन्हें अलग-अलग जगहों से लॉन्च किया जा सकता है।

इन लॉन्चर को लगातार एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जाता है, जिससे उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। अगर इनके रास्तों में माइंस बिछा दिए जाएं, तो इनकी मूवमेंट सीमित हो सकती है।

यह रणनीति सीधे हमले से अलग है, क्योंकि इसमें दुश्मन के मूवमेंट को रोकने की कोशिश की जाती है। (US mines Iran missile bases)

क्या है ‘गेटर’ माइंस सिस्टम

जिस तरह की माइंस की बात हो रही है, उन्हें गेटर सिस्टम का हिस्सा माना जाता है। इसमें दो तरह की माइंस होती हैं – एंटी-टैंक और एंटी-पर्सनल। हालांकि सामने आई तस्वीरों में सिर्फ एंटी-टैंक माइंस जैसे ऑब्जेक्ट दिखाई दे रहे हैं। ये माइंस जमीन पर गिरने के बाद एक्टिव हो जाते हैं और किसी भारी दबाव या संपर्क पर विस्फोट करते हैं। इनमें एक खास फीचर यह भी होता है कि इन्हें पहले से तय समय के बाद खुद ही नष्ट होने के लिए सेट किया जा सकता है। यह समय कुछ घंटों से लेकर कई दिनों तक हो सकता है। (US mines Iran missile bases)

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नागरिकों के लिए खतरा

ऐसे माइंस का सबसे बड़ा खतरा आम लोगों के लिए होता है। अगर ये रिहायशी इलाके में गिरते हैं, तो लोग अनजाने में इन्हें छू सकते हैं या उठा सकते हैं, जिससे हादसा हो सकता है। ईरान ने जो दावा किया है, उसमें भी यही कहा गया है कि लोग इन्हें सामान्य चीज समझकर खोल रहे थे और तभी विस्फोट हो रहा था।

हालांकि कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि आमतौर पर ऐसे मिसाइल ठिकाने शहरों से दूर होते हैं और वहां आम लोगों की पहुंच सीमित रहती है। फिर भी अगर माइंस गांव या रिहायशी इलाके के पास गिरते हैं, तो खतरा बढ़ जाता है।

इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है। जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, वे सोशल मीडिया और ईरानी मीडिया के जरिए आए हैं।

कुछ ओपन सोर्स जांच करने वाले समूहों ने इन लोकेशंस की पहचान करने की कोशिश की है और कुछ वीडियो को शिराज के पास के इलाकों से जोड़ा है। लेकिन यह साफ नहीं है कि ये माइंस किसने गिराए और कब गिराए गए।

अमेरिका की तरफ से भी इस बारे में कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस मुद्दे पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है। (US mines Iran missile bases)

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  • News Desk

    रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

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