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US-इजरायल जंग के बीच ईरान ने पहली बार इस्तेमाल की कामिकाजे ड्रोन बोट, हॉर्मुज पर बढ़ा खतरा

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की चेतावनी दी है। यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से करीब 20 प्रतिशत वैश्विक कच्चा तेल गुजरता है...

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📍नई दिल्ली/मस्कट | 3 Mar, 2026, 9:20 PM

Iran Kamikaze Drone Boat Attack: पश्चिमी एशिय में चल रहे तनाव के बीच ईरान ने पहली बार एक ऑयल टैंकर पर हमला करने के लिए कामिकाजे ड्रोन बोट यानी अनक्रूड सरफेस व्हीकल (USV) का इस्तेमाल किया है। यह हमला ओमान के पास समुद्र में हुआ, जहां एक बड़े ऑयल टैंकर को निशाना बनाया गया।

मैरिटाइम सिक्योरिटी फर्म एम्ब्रे के मुताबिक, मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला ऑयल टैंकर एमकेडी व्योम इस युद्ध के दौरान ड्रोन बोट से हमला झेलने वाला पहला जहाज बना। शुरुआत में इसे मिसाइल या प्रोजेक्टाइल अटैक माना गया था, लेकिन बाद में जांच में सामने आया कि यह हमला एक अनक्रूड बोट के जरिए किया गया था। (Iran Kamikaze Drone Boat Attack)

Iran Kamikaze Drone Boat Attack: कैसे हुआ हमला और क्या हुआ नुकसान

जानकारी के अनुसार यह घटना 1 मार्च को ओमान के मस्कट तट से करीब 50 नॉटिकल माइल दूर हुई। जहाज पर जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद उसमें आग लग गई। जहाज के मालिक वी.शिप्स एशिया ने पुष्टि की कि इस हमले में इंजन रूम में मौजूद एक क्रू मेंबर की मौत हो गई।

ब्रिटेन की रॉयल नेवी के तहत काम करने वाली यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने भी इस घटना की पुष्टि की है। संगठन ने बताया कि जहाज को ड्रोन बोट से निशाना बनाया गया और सभी क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकालकर किनारे पहुंचाया गया।

यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने आसपास के सभी जहाजों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की सलाह दी है। (Iran Kamikaze Drone Boat Attack)

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क्या होती है ड्रोन बोट और कैसे करती है हमला

ड्रोन बोट या अनक्रूड सरफेस व्हीकल एक ऐसी बिना चालक वाली नाव होती है, जिसे रिमोट कंट्रोल या प्रोग्रामिंग के जरिए चलाया जाता है। इसमें विस्फोटक भरे होते हैं और इसे सीधे टारगेट से टकराकर धमाका करने के लिए डिजाइन किया जाता है।

इसे कामिकाजे अटैक इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह खुद को नष्ट करके लक्ष्य को नुकसान पहुंचाती है। हाल के वर्षों में इस तरह की तकनीक तेजी से विकसित हुई है और इसे युद्ध में ज्यादा इस्तेमाल किया जा रहा है।

यूक्रेन ने रूस के खिलाफ और यमन में हूती विद्रोहियों ने रेड सी में जहाजों के खिलाफ इसी तरह की ड्रोन बोट का इस्तेमाल किया है। (Iran Kamikaze Drone Boat Attack)

अंडरसी व्हीकल्स बना रहा था ईरान

ईरान लंबे समय से ड्रोन बोट और अंडरसी व्हीकल्स विकसित कर रहा था। अब इस हमले के जरिए उसने पहली बार खुले तौर पर इनका इस्तेमाल किया है।

ईरान और उसके सहयोगी, खासकर यमन के हूती समूह, पहले भी समुद्री लक्ष्यों पर इस तरह के हमले कर चुके हैं। इससे यह साफ होता है कि ईरान इस तकनीक को अपनी सैन्य रणनीति का अहम हिस्सा बना चुका है।

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी से ईरान पर बड़े पैमाने पर एयर स्ट्राइक शुरू किए हैं। इसके जवाब में ईरान ने समुद्री रास्तों को निशाना बनाना शुरू किया है। (Iran Kamikaze Drone Boat Attack)

हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की चेतावनी

ईरान की इस कार्रवाई के साथ ही एक और बड़ा कदम सामने आया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की चेतावनी दी है।

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यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से करीब 20 प्रतिशत वैश्विक कच्चा तेल गुजरता है।

ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि अब कोई भी जहाज इस रास्ते से नहीं गुजर सकता और अगर कोई कोशिश करेगा तो उसे निशाना बनाया जाएगा।

इस चेतावनी के बाद इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट देखी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रैफिक में लगभग 85 प्रतिशत तक कमी आ गई है। (Iran Kamikaze Drone Boat Attack)

एक के बाद एक कई जहाज बने निशाना

एमकेडी व्योम के अलावा भी इस संघर्ष में कई जहाजों को निशाना बनाया गया है। ओमान की खाड़ी में कम से कम चार जहाजों पर हमले की खबर सामने आई है।

इसके अलावा बहरीन पोर्ट पर मौजूद अमेरिकी झंडे वाले ऑयल टैंकर स्टेना इम्परेटिव पर भी हमला हुआ। इस जहाज को दो बार निशाना बनाया गया, जिससे उसमें आग लग गई। हालांकि सभी क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकाल लिया गया।

अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि इस जहाज पर हमला मिसाइल से हुआ या ड्रोन के जरिए। (Iran Kamikaze Drone Boat Attack)

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव

जहां एक तरफ ईरान समुद्री हमले कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ईरान की नौसेना को निशाना बना रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इस अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य ईरान की नौसेना को कमजोर करना है। रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक ईरान के कई नौसैनिक जहाजों को नुकसान पहुंचाया गया है।

सैटेलाइट तस्वीरों में ईरान के बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को भी भारी नुकसान पहुंचने के संकेत मिले हैं। (Iran Kamikaze Drone Boat Attack)

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समुद्री व्यापार और सुरक्षा पर असर

इस पूरे घटनाक्रम का सीधा असर वैश्विक समुद्री व्यापार पर पड़ा है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या तेजी से कम हो गई है। कई जहाजों ने अपनी ट्रैकिंग सिस्टम यानी एआईएस बंद कर दिए हैं, ताकि उनकी लोकेशन ट्रैक न की जा सके। यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों और ऊर्जा सप्लाई चेन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।

यह हमला इस बात का संकेत है कि आधुनिक युद्ध अब तेजी से बदल रहा है। पारंपरिक हथियारों के साथ-साथ ड्रोन, साइबर और अनक्रूड सिस्टम का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। ड्रोन बोट जैसे हथियार कम लागत में बड़े नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखते हैं, जिससे समुद्री सुरक्षा और भी जटिल हो गई है। इस घटना के बाद दुनिया भर की नौसेनाएं और सुरक्षा एजेंसियां इस तरह के खतरों को लेकर सतर्क हो गई हैं। (Iran Kamikaze Drone Boat Attack)

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