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ईरानी दूतावास क्यों डिलीट कर रहा कश्मीर को ‘थैक्स’ वाले कई ट्वीट, क्या पाकिस्तान के दबाव में है ईरान?

इस पूरे मामले में सबसे पहले ईरान के दूतावास ने ईद के मौके पर एक पोस्ट किया था, जिसमें भारत और “कश्मीर के लोगों” को धन्यवाद दिया गया था...

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📍नई दिल्ली | 26 Mar, 2026, 2:09 PM

Iran Embassy Tweet Controversy: नई दिल्ली में ईरानी दूतावास के एक के बाद एक ट्वीट डिलीट करने पर सवाल खड़े होने लगे हैं। खास बात यह है कि ये ट्वीट भारत और कश्मीर से जुड़े थे और इनमें मानवीय मदद के लिए धन्यवाद दिया गया था। लेकिन कुछ ही समय बाद इन पोस्ट को बिना किसी वजह बताए हटा दिया गया। यह सिलसिला एक बार नहीं, बल्कि लगातार दो-तीन बार हुआ, जिससे पूरे मामले पर सवाल उठने लगे हैं।

ताजा मामला ईरान की एरोस्पेस फोर्स की तरफ से किए गए एक ट्वीट को लेकर है। जिसमें इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की एरोस्पेस फोर्स ने कश्मीर के लोगों का धन्यवाद दिया था। हालांकि ईरान ऐसा पहली बार नहीं कर रहा है। हाल ही में वह जब भी कोई मिसाइल छोड़ता है फ्लिस्तीन में मारे गए लोगों के नाम लिखता है।

Iran Embassy Tweet Controversy: एक के बाद एक कई ट्वीट डिलीट

इस पूरे मामले में सबसे पहले ईरान के दूतावास ने ईद के मौके पर एक पोस्ट किया था, जिसमें भारत और “कश्मीर के लोगों” को धन्यवाद दिया गया था। इसमें लिखा गया था कि कश्मीर के लोगों ने मुश्किल समय में ईरान का साथ दिया और उनकी मदद को कभी नहीं भुलाया जाएगा। इस पोस्ट में साफ तौर पर “थैंक यू इंडिया” भी लिखा गया था।

इसके कुछ समय बाद यह ट्वीट हटा दिया गया। इसके बाद दूसरा पोस्ट सामने आया, जिसमें कश्मीर की एक महिला द्वारा सोना दान करने की कहानी साझा की गई थी। इस पोस्ट के अंत में भी “थैंक यू कश्मीर” और “थैंक यू इंडिया” लिखा गया था। लेकिन यह पोस्ट भी कुछ समय बाद हटा दिया गया। (Iran Embassy Tweet Controversy)

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तीसरा ट्वीट भी किया डिलीट

इसके बाद जो तीसरा ट्वीट सामने आया, वही सबसे ज्यादा विवादित माना जा रहा है। इस पोस्ट में इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी के एयरोस्पेस फोर्स का जिक्र था। साथ ही एक तस्वीर भी साझा की गई थी।

इस तस्वीर में एक मिसाइल या ड्रोन सिस्टम के पास एक बैनर लगा हुआ था, जिसमें उर्दू या फारसी भाषा में लिखा गया था, “हम दिल की गहराइयों से आप कश्मीरी लोगों की सहायता के शुक्रगुजार हैं, और आपके नाम पर अपने लीडर के कातिलों से बदला लेंगे।”

यह पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से प्रतिक्रिया शुरू हो गई। लोगों ने इसे गंभीर और संवेदनशील मामला बताया। इसके कुछ समय बाद यह ट्वीट भी बिना किसी स्पष्टीकरण के हटा दिया गया। (Iran Embassy Tweet Controversy)

क्या पाकिस्तान जता रहा है आपत्ति

बताया जा रहा है कि इन ट्वीट्स को लेकर पाकिस्तान से जुड़े कई सोशल मीडिया अकाउंट्स ने आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि कश्मीर को भारत का हिस्सा बताना सही नहीं है। इसी वजह से ईरान दूतावास के पोस्ट पर बड़ी संख्या में टिप्पणियां आने लगीं।

इन प्रतिक्रियाओं के बाद दूतावास ने अपने पोस्ट एक-एक करके हटाने शुरू कर दिए। हालांकि इस पर दूतावास की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया। (Iran Embassy Tweet Controversy)

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भारत में लोगों ने जताई नाराजगी

इस पूरे घटनाक्रम के बाद भारत में भी लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने पूछा कि अगर पहले भारत और कश्मीर का जिक्र किया गया था, तो बाद में उसे क्यों हटाया गया।

कुछ लोगों ने इसे भारत की संप्रभुता से जुड़ा मुद्दा बताया। उनका कहना था कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और इस तरह के बदलाव से गलत संदेश जा सकता है। कुछ यूजर्स ने विदेश मंत्रालय से इस मामले पर दखल देने की मांग भी की।

यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब कश्मीर और भारत के अन्य हिस्सों से ईरान के लिए मदद भेजी जा रही थी। लोगों ने नकद पैसे, सोना, चांदी और घरेलू सामान तक दान किया।

कई जगहों पर लोगों ने खुद आगे आकर राहत सामग्री इकट्ठा की। कुछ महिलाओं ने अपने निजी गहने तक दान कर दिए। इसी मदद को लेकर ईरान दूतावास ने शुरुआत में आभार जताया था। (Iran Embassy Tweet Controversy)

कश्मीर का जिक्र क्यों बना मुद्दा

कश्मीर का मुद्दा भारत के लिए बेहद संवेदनशील माना जाता है। भारत हमेशा यह कहता है कि पूरा जम्मू-कश्मीर उसका हिस्सा है। वहीं पाकिस्तान इस पर अलग रुख रखता है। ऐसे में जब किसी विदेशी दूतावास की तरफ से कश्मीर का जिक्र किया जाता है, तो उसे बहुत ध्यान से देखा जाता है। यही वजह है कि ईरान दूतावास के ट्वीट चर्चा में आ गए।

सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई। कुछ लोगों ने इसे कूटनीतिक दबाव का असर बताया, तो कुछ ने इसे गलत संदेश देने वाला कदम कहा। कई यूजर्स ने यह भी कहा कि बार-बार ट्वीट डिलीट करना खुद में एक बड़ा सवाल है। वहीं कुछ लोगों ने यह मुद्दा उठाया कि क्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोशल मीडिया के दबाव का असर कूटनीतिक फैसलों पर पड़ रहा है। हालांकि ईरान दूतावास की तरफ से अब तक इन ट्वीट्स को हटाने को लेकर कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है। (Iran Embassy Tweet Controversy)

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