📍नई दिल्ली | 17 Mar, 2026, 7:22 PM
EC-2 Electronic Warfare Aircraft: जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स ने हाल ही में अपने नए इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर एयरक्राफ्ट EC-2 की पहली आधिकारिक तस्वीरें जारी की हैं। यह एयरक्राफ्ट खास तौर पर दुश्मन के रडार और कम्यूनिकेशन सिस्टम को जाम करने के लिए तैयार किया गया है। यह एयरक्राफ्ट ऐसे मिशनों के लिए बनाया गया है, जिसमें यह दुश्मन की पहुंच से दूर रहकर उसके सिस्टम को प्रभावित कर सके।
जापान के एयर डेवलपमेंट एंड टेस्ट कमांड ने इस विमान की तस्वीरें हाल ही में सार्वजनिक की हैं। यह विमान पुराने EC-1 इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर विमान की जगह लेगा, जो 1986 से सेवा में था। (EC-2 Electronic Warfare Aircraft)
EC-2 Electronic Warfare Aircraft: स्टैंड-ऑफ जैमिंग क्षमता से लैस है यह विमान
EC-2 विमान की सबसे बड़ी खासियत इसकी स्टैंड-ऑफ जैमिंग क्षमता है। इसका मतलब है कि यह विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की सीमा से बाहर रहकर ही उसके रडार और कम्युनिकेशन नेटवर्क को जाम कर सकता है। इससे विमान को खतरा कम होता है और मिशन अधिक सुरक्षित तरीके से पूरा किया जा सकता है।
यह विमान दुश्मन के रडार सिस्टम, डेटा लिंक, कम्यूनिकेशन नेटवर्क और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सेंसर को प्रभावित करने में सक्षम है। इसके जरिए दुश्मन की निगरानी क्षमता को कमजोर किया जा सकता है, जिससे फाइटर जेट्स और अन्य सैन्य प्लेटफॉर्म सुरक्षित तरीके से ऑपरेशन कर सकते हैं। (EC-2 Electronic Warfare Aircraft)
कावासाकी C-2 प्लेटफॉर्म पर आधारित है EC-2
EC-2 विमान जापान के कावासाकी C-2 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट पर आधारित है। यह एक आधुनिक सैन्य परिवहन विमान है, जिसे खास तौर पर भारी उपकरण और सैनिकों को ले जाने के लिए विकसित किया गया था। इसी प्लेटफॉर्म को संशोधित करके EC-2 तैयार किया गया है।
इस विमान की लंबाई करीब 43.9 मीटर है और इसका विंगस्पैन 44.4 मीटर है। इसमें दो टर्बोफैन इंजन लगे हैं, जो इसे तेज गति और लंबी दूरी तक उड़ान भरने की क्षमता देते हैं। यह विमान लगभग 7,600 किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है और भारी वजन उठाने में सक्षम है। (EC-2 Electronic Warfare Aircraft)

डिजाइन में दिखते हैं बड़े बदलाव
EC-2 का डिजाइन सामान्य C-2 विमान से काफी अलग दिखाई देता है। इसके आगे के हिस्से में एक बड़ा गोलाकार रेडोम लगाया गया है, जो इसकी सबसे प्रमुख पहचान है। इसके अलावा विमान के ऊपर और साइड में भी कई उभार दिखाई देते हैं।
ये उभार दरअसल इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम के हिस्से हैं। इनमें एंटीना और सेंसर लगे होते हैं, जो रेडियो सिग्नल, रडार वेव्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गतिविधियों को पहचानते हैं और उन पर जैमिंग सिग्नल भेजते हैं।
इस तरह का डिजाइन यह दिखाता है कि यह विमान पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक अटैक और सिग्नल इंटेलिजेंस मिशन के लिए तैयार किया गया है। (EC-2 Electronic Warfare Aircraft)
चार विमानों की फ्लीट तैयार करने की योजना
जापान इस प्रोग्राम के तहत कुल चार EC-2 विमान तैयार करने की योजना बना रहा है। यह पुराने EC-1 की तुलना में बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है, क्योंकि पहले केवल एक ही विमान सेवा में था।
यह प्रोग्राम 2020 में शुरू किया गया था और इसे दो चरणों में डेवलप किया जा रहा है। पहले चरण में बेसिक जैमिंग क्षमता डेवलप की जा रही है, जबकि दूसरे चरण में इसे पूरी तरह ऑपरेशनल बनाया जाएगा।
EC-2 विमान पुराने EC-1 की जगह लेगा, जिसे 1980 के दशक में डेवलप किया गया था। EC-1 में भी रडार जेमिंग और कम्युनिकेशन डिसरप्शन की क्षमता थी, लेकिन तकनीक के मामले में वह अब पुराना हो चुका है।
EC-1 को कावासाकी C-1 विमान से विकसित किया गया था और इसमें कई तरह के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम लगाए गए थे। लेकिन अब नई तकनीक के साथ EC-2 को ज्यादा आधुनिक और सक्षम बनाया गया है। (EC-2 Electronic Warfare Aircraft)
इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर में बढ़ेगी जापान की ताकत
EC-2 विमान जापान की इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर क्षमता को मजबूत करेगा। यह विमान इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम में कंट्रोल स्थापित करने में मदद करेगा, जो आधुनिक युद्ध में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
इसकी मदद से दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को कमजोर किया जा सकता है और अपने फाइटर जेट्स को सुरक्षित तरीके से ऑपरेशन करने का मौका मिल सकता है। यह विमान काउंटर-एयर ऑपरेशन और अन्य सामरिक मिशनों में भी उपयोगी होगा। (EC-2 Electronic Warfare Aircraft)
RC-2 और अन्य वेरिएंट भी तैयार
कावासाकी C-2 प्लेटफॉर्म को केवल ट्रांसपोर्ट के लिए ही नहीं, बल्कि अन्य सैन्य भूमिकाओं के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी प्लेटफॉर्म पर RC-2 नाम का एक इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस विमान भी विकसित किया गया है, जो रेडियो सिग्नल को पकड़ने और उनका विश्लेषण करने में सक्षम है। (EC-2 Electronic Warfare Aircraft)
लंबी दूरी तक ऑपरेशन की क्षमता
EC-2 विमान को लंबी दूरी तक ऑपरेशन करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी रेंज और पेलोड क्षमता इसे दूर से मिशन पूरा करने की सुविधा देती है। यह विमान दुश्मन के इलाके के करीब गए बिना ही अपने इलेक्ट्रॉनिक अटैक मिशन को अंजाम दे सकता है।
इसका फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम और ग्लास कॉकपिट इसे आधुनिक और प्रभावी बनाते हैं। इसके जरिए पायलट का काम आसान होता है और ऑपरेशन अधिक सटीक तरीके से किया जा सकता है। (EC-2 Electronic Warfare Aircraft)
स्वदेशी तकनीक का किया इस्तेमाल
इस विमान के विकास में जापान ने अपनी घरेलू तकनीक का इस्तेमाल किया है। इसका उद्देश्य संवेदनशील तकनीक को सुरक्षित रखना और बाहरी निर्भरता को कम करना है। इसमें पहले से मौजूद जापानी इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम जैसे J/ALQ-5 का भी इस्तेमाल किया गया है, जिसे समय के साथ अपग्रेड किया गया है। (EC-2 Electronic Warfare Aircraft)
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच विकास
जापान ने जहाज ऐसे समय में बनाया है, जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ रही हैं। समुद्री और हवाई क्षेत्रों में बढ़ते खतरे के बीच इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। इस तरह के विमान आधुनिक युद्ध में अहम भूमिका निभाते हैं, क्योंकि यह सीधे लड़ाई में शामिल हुए बिना ही दुश्मन की क्षमताओं को कमजोर कर सकते हैं। (EC-2 Electronic Warfare Aircraft)

