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US NATO Exit: What if NATO and the United Nations removed from the US then? Will China and Russia become slaves of Europe? Read Explainer

US NATO Exit: What If America Quits NATO and UN? Global Impact Explained!
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📍New Delhi | 4 Mar, 2025, 4:35 PM

US NATO Exit: Discussions exiting NATO (NATO) and the United Nations (UN) in the US have once again accelerated. Tesla and SpaceX CEO Elon Musk, playing the role of the Head of Department of Government Efficiency in the Administration of President Donald Trump, has supported US NATO exit. Musk wrote on social media platforms X (First Twitter) supporting a post on the issue, "I agree" i.e. "I agree." ""

US NATO Exit: What If America Quits NATO and UN? Global Impact Explained!

This statement of Musk has stirred up in political circles. Some of the Republicans leaders in the Trump administration are already seeking NATO to leave it by stating "the heritage of the South War". The major name in this is Senator Mike Lee, who has tied NATO to the U.S. "Great Deal". While Trump had also criticized NATO during his first term and pressured the European countries to increase defence costs.

US NATO Exit: Why is the discussion of leaving the US NATO?

NATO (North Atlantic Treaty Organization) is a Military Alliance, which mainly ensures the safety of Europe and North America countries. The U.S. is the largest member of this organization and gives its major economic and military contributions. However, some of the Republicans leaders and Trump administration officials consider it unnecessary burden for the US.

"NATO is a great deal for Europe, but an expensive agreement for the US," Senator Mike Lee said. "He believes that the U.S. should pay more attention to their safety policy and be free from the responsibilities of NATO.

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एलन मस्क की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब यूक्रेन युद्ध के चलते नाटो की भूमिका लगातार बढ़ रही है। अमेरिका अब तक यूक्रेन को भारी सैन्य मदद दे चुका है, लेकिन कुछ रिपब्लिकन नेताओं का मानना है कि यह अमेरिकी करदाताओं के लिए बोझ बनता जा रहा है।

US NATO Exit: क्या अमेरिका वास्तव में नाटो से बाहर निकल सकता है?

हालांकि, अमेरिका के लिए नाटो छोड़ना आसान नहीं होगा। 2023 में, अमेरिकी सीनेट ने एक कानून पारित किया, जिसमें यह तय किया गया कि नाटो से बाहर निकलने का निर्णय केवल राष्ट्रपति अकेले नहीं ले सकते। इसके लिए कांग्रेस की मंजूरी या सीनेट में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होगी।

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कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप यदि दोबारा राष्ट्रपति बनते हैं, तो वह कानूनी रूप से नाटो से बाहर न निकलकर इसकी भूमिका को कमजोर कर सकते हैं। इसका मतलब यह होगा कि अमेरिका सैन्य गठबंधन में बना रहेगा, लेकिन वह अपनी भागीदारी को सीमित कर सकता है।

US NATO Exit: नाटो से बाहर निकलना यूरोप के लिए बड़ा झटका

यूक्रेन युद्ध के बीच NATO अमेरिका की मदद से रूस के खिलाफ एकजुट बना हुआ है। लेकिन अगर अमेरिका इस सैन्य गठबंधन से बाहर निकलता है, तो यह वैश्विक सुरक्षा को लेकर एक बड़ा झटका होगा। NATO यूरोपीय देशों के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करता है, खासकर रूस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए। कई यूरोपीय नेता पहले ही ट्रंप प्रशासन की इस नीति को लेकर चिंता जता चुके हैं।

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विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के NATO छोड़ने से यूरोप में सैन्य संतुलन बिगड़ सकता है और रूस को यूक्रेन या अन्य पूर्वी यूरोपीय देशों में और आक्रामक कदम उठाने का मौका मिल सकता है। NATO में अमेरिका की अहम भूमिका रही है, लेकिन अगर वह हटता है तो यूरोपीय देशों को अपनी रक्षा नीति में भारी बदलाव करना पड़ेगा।

US NATO Exit: क्या अमेरिका संयुक्त राष्ट्र से भी हट सकता है?

नाटो के अलावा, अमेरिका के संयुक्त राष्ट्र (UN) से बाहर निकलने की चर्चा भी हो रही है। कुछ रिपब्लिकन नेता UN को “तानाशाहों का मंच” करार देते हुए इससे अलग होने की मांग कर चुके हैं। अमेरिकी सीनेटर थॉमस मैसी ने हाल ही में कहा था कि “संयुक्त राष्ट्र अब अमेरिका और उसके सहयोगियों पर हमले करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।”

संयुक्त राष्ट्र से बाहर निकलने का मतलब यह होगा कि अमेरिका वैश्विक राजनीति में अपनी पकड़ खो सकता है। अगर अमेरिका UN से बाहर निकलता है, तो इसका सीधा असर ग्लोबल डिप्लोमेसी पर पड़ेगा। अमेरिका UN को सबसे ज्यादा फंड देने वाले देशों में शामिल है और इसका सबसे ज्यादा प्रभाव सुरक्षा परिषद (Security Council) में रहता है। UN से बाहर निकलने का मतलब यह होगा कि अमेरिका अपनी वैश्विक भूमिका को कम कर रहा है, जिससे चीन और रूस को अधिक ताकत मिल सकती है। वहीं इससे संगठन की फंडिंग पर गहरा असर पड़ेगा।

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अगर अमेरिका नाटो और संयुक्त राष्ट्र से बाहर निकलता है तो क्या होगा?

अगर अमेरिका नाटो से बाहर निकलता है, तो इसका सबसे ज्यादा प्रभाव यूरोप पर पड़ेगा। यूरोपीय देशों को अपनी सुरक्षा के लिए अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा और रूस जैसी ताकतों के खिलाफ उनका बचाव कमजोर हो सकता है।

इसके अलावा, इस फैसले से पूरी दुनिया में अमेरिका की स्थिति भी कमजोर होगी। अगर अमेरिका संयुक्त राष्ट्र से भी बाहर निकलता है, तो इसका सीधा फायदा चीन और रूस को मिलेगा। कई विशेषज्ञों का मानना है कि इससे संयुक्त राष्ट्र के भीतर चीन की भूमिका बढ़ जाएगी और वैश्विक राजनीति में अमेरिका का प्रभाव कम हो जाएगा।

विशेषज्ञ जेम्स गोल्डगियर के अनुसार, “अगर अमेरिका नाटो से बाहर निकलता है, तो इसका कोई दूसरा विकल्प नहीं होगा। यह एक बड़ी वैश्विक अस्थिरता पैदा करेगा।”

US NATO Exit: क्या NATO और UN छोड़ पाएगा अमेरिका?

हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के लिए NATO और UN छोड़ना इतना आसान नहीं होगा। खासकर UN के मामले में, क्योंकि UN चार्टर में यह साफ लिखा है कि कोई भी सदस्य देश स्वेच्छा से बाहर नहीं निकल सकता जब तक कोई और पक्ष इसका उल्लंघन नहीं करता। इतिहास में सिर्फ एक बार इंडोनेशिया ने 1965-66 में UN छोड़ा था, लेकिन बाद में वह बिना किसी विशेष प्रक्रिया के वापस आ गया। अगर अमेरिका NATO छोड़ने का फैसला करता है, तो इससे यूरोप में सैन्य शक्ति का संतुलन बिगड़ जाएगा। अमेरिका की यह नीति ‘अमेरिका फर्स्ट’ का हिस्सा तो हो सकती है, लेकिन यह उसे वैश्विक मामलों से अलग-थलग कर सकती है।

डोनाल्ड ट्रंप की नाटो और UN पर क्या राय है?

ट्रंप पहले से ही नाटो की आलोचना करते रहे हैं। उन्होंने 2019 में कहा था कि “मुझे नाटो से कोई मतलब नहीं है।” उनके अनुसार, यूरोपीय देशों को अपनी सुरक्षा पर अधिक खर्च करना चाहिए और अमेरिका को इन देशों की रक्षा करने के लिए अपने संसाधन बर्बाद नहीं करने चाहिए।

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2020 में, ट्रंप ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से कहा था कि “अगर यूरोप पर हमला होता है, तो अमेरिका आपकी मदद के लिए नहीं आएगा।” उन्होंने यह भी कहा था कि “नाटो अब खत्म हो चुका है और अमेरिका इसे छोड़ने वाला है।”

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हालांकि, उनके दोबारा राष्ट्रपति बनने के बावजूद, अमेरिका का नाटो और संयुक्त राष्ट्र से बाहर निकलना कानूनी और राजनीतिक रूप से जटिल होगा।

US NATO Exit: क्या अमेरिका वास्तव में अलग हो सकता है?

अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति है और यदि वह नाटो या संयुक्त राष्ट्र से बाहर निकलता है, तो इससे वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। हालांकि, यह इतना आसान नहीं होगा। अमेरिका में कई राजनीतिक और कानूनी बाधाएं हैं, जो इसे रोक सकती हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप और उनके समर्थक भले ही नाटो और संयुक्त राष्ट्र से बाहर निकलने की धमकी दें, लेकिन वास्तव में ऐसा करना मुश्किल होगा।

ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन के विशेषज्ञ स्कॉट एंडरसन के अनुसार, “कांग्रेस के पास राष्ट्रपति के फैसले को अदालत में चुनौती देने का अधिकार है। अगर ट्रंप नाटो से बाहर निकलने का फैसला करते हैं, तो उन्हें कांग्रेस के साथ लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी होगी।”

अमेरिकी जनता की राय क्या है?

अमेरिका में कई सर्वेक्षणों में पाया गया है कि अधिकांश अमेरिकी नागरिक नाटो और संयुक्त राष्ट्र में बने रहने का समर्थन करते हैं। पिछले साल किए गए एक सर्वेक्षण में पाया गया कि 68 फीसदी अमेरिकी नागरिक नाटो में अमेरिका की भागीदारी को आवश्यक मानते हैं।

संयुक्त राष्ट्र के मामले में भी, अधिकांश अमेरिकी मानते हैं कि अमेरिका को वैश्विक मंचों पर अपनी स्थिति बनाए रखनी चाहिए।

Author

  • Herry passport

    Harendra Chaudhary is active in defence journalism and is associated with RakshaSamachar.com. They have long been covering strategic news, defence policies and national security related issues involving Indian Army, Navy and Air Force. In his career of journalism, Harendra has written detailed articles on Parliament’s activities, military campaigns, India-Pak and India-China border dispute, defence procurement and ‘Make in India’ defence projects. They are known for deep understanding and analytical approach of defense cases.

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