📍New Delhi | 29 Dec, 2025, 10:13 PM
Pinaka 120 km range: The day of December 29 for the Indian Army was extremely important in many ways. During the last days of the year, DRDO conducted the first successful flight test of Indigenous Pinaca Long Range Guided Rocket. On the other hand, the Defence Exhibition Council (DAC) approved defence proposals worth Rs. 79 thousand crore. Including Pinaca Long Range Guided Rocket for Indian Army.
Pinaka 120 km range: 120 km range
DRDO On Monday, the first successful flight test of Pinaca Long Range Guided Rocket (LRGRGR-120). This test was carried out in the Integrated Test Range located Silverpur of Odisha. This rocket flew to its maximum range of 120 kilometres and targeted the target. According to DRDO, Rocket successfully completed all in-flight values fixed in its maximum 120 kilometer range and target the target with extremely accuracy.
According to DRDO, this first test examined all the important aspects such as rocket flight, direction control, route change ability and precise war on goal. Radar, telemetry and tracking systems imposed in the range monitored the entire flight of the rocket.
Pinaka 120 km range: Stained rocket from the present Pinaka launcher
This test is therefore being considered to be critical because so far Pinaca The marching capacity of the multiple launch rocket system was limited to 75 km. The arrival of the new Long Range Guided Rocket has increased to 120 kms. This means that the Indian army will now target the enemy bases more distant, more accurately.
🚀🇮🇳 Pinaka Takes A Big Leap
Dr. Mukherjee’s Bloomberg (Bloomberg) is an open-end flight test of the Pinaka Long Range Guided Rocket (LRGR-120) at Chandipur on 29 Dec 2025, with a total of 120 kms from the textbook accuracy.
Launched from an in-service Pinakaer, the... pic.twitter.com/QGMrtOb6km— Raksha Samachar | 🇮🇳 (@RakshaSamachar) December 29, 2017
खास बात यह रही कि इस लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट को भारतीय सेना में पहले से सेवा में मौजूद पिनाका लॉन्चर से ही दागा गया। पिनाका सिस्टम की विभिन्न रेंज वाली रॉकेट्स को एक ही लॉन्चर से फायर किया जा सकता है। इससे सेना को नए लॉन्चर खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी और मौजूदा सिस्टम से ही ज्यादा ताकत हासिल हो सकेगी।
Pinaka 120 km range: रक्षा मंत्री ने दी बधाई
Pinaca लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट को डीआरडीओ की कई लैब्स ने मिलकर तैयार किया है। इसका डिजाइन और मुख्य विकास का काम आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट ने किया। इसमें हाई एनर्जी मटीरियल्स रिसर्च लैबोरेटरी, डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लैबोरेटरी और रिसर्च सेंटर इमारत का भी सहयोग रहा। उड़ान परीक्षण का संचालन इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज और प्रूफ एंड एक्सपेरिमेंटल एस्टैब्लिशमेंट ने किया।
यह रॉकेट पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित है और इसके सभी प्रमुख सिस्टम भारत में ही तैयार किए गए हैं। इससे भारत की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता को और मजबूती मिलेगी।
वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल परीक्षण पर डीआरडीओ को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि लंबी दूरी के गाइडेड रॉकेट का सफल डिजाइन और डेवलपमेंट भारतीय सेनाओं की क्षमता को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। रक्षा मंत्री ने इसे सेना के लिए “गेम चेंजर” बताया।
वहीं, डीआरडीओ के चेयरमैन और रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. समीर वी. कामत ने खुद इस परीक्षण को देखा। उन्होंने परीक्षण में शामिल सभी वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि टीम ने तय सभी मिशन उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया है।
यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है, जब आज ही Defence Exhibition Council ने पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम के लिए लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट एम्युनिशन की खरीद को मंजूरी दी है। 29 दिसंबर को हुई डीएसी बैठक में करीब 79 हजार करोड़ रुपये के रक्षा प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिसमें लंबी रेंज वाले गाइडेड पिनाका भी शामिल हैं।
Pinaka 120 km range: आर्टिलरी का अहम हिस्सा है पिनाका
वहीं, पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम पहले से ही भारतीय सेना की आर्टिलरी ताकत का अहम हिस्सा है। यह सिस्टम कम समय में बड़ी संख्या में रॉकेट दागने में सक्षम है। अब लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट के आने से इसकी मारक क्षमता में इजाफा होगा।
नई गाइडेड रॉकेट तकनीक की मदद से सेना अब ज्यादा सटीकता के साथ हमले करेगी। इसका फायदा यह होगा कि कम रॉकेट में ही दुश्मन के अहम ठिकानों को नष्ट किया जा सकेगा। इससे न सिर्फ गोला-बारूद की बचत होगी, बल्कि अनचाहे नुकसान की संभावना भी कम होगी।
Pinaka 120 km range: चार तरह के वारहेड का विकल्प
डीआरडीओ के अनुसार, इस गाइडेड रॉकेट के लिए पॉडेड एम्युनिशन डेवलप किया गया है, जिसमें चार अलग-अलग तरह के वारहेड्स शामिल हैं। इसका मतलब यह है कि मिशन की जरूरत के हिसाब से अलग-अलग प्रकार के टारगेट पर अलग तरह का वारहेड इस्तेमाल किया जा सकता है। पोडेड एम्युनिशन की वजह से इन रॉकेट्स को स्टोर करना, ले जाना और दागना भी आसान होगा। सेना के लिए यह एक बड़ी सुविधा मानी जा रही है।
Pinaka 120 km range: कुल 6 रेजिमेंट्स ऑपरेशनल
भारतीय सेना में पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम की कुल 6 रेजिमेंट्स ऑपरेशनल हैं। प्रत्येक रेजिमेंट में 3 बैटरियां होती हैं और हर बैटरी में 6 लॉन्चर होते हैं, यानी एक रेजिमेंट में कुल 18 लॉन्चर। इस हिसाब से कुल 18 बैटरियां हैं।
ये रेजिमेंट्स मुख्य रूप से उत्तरी सीमा पर पूर्वी लद्दाख और अरुणाचल क्षेत्र और पश्चिमी सीमा जम्मू-कश्मीर और पंजाब सेक्टर में तैनात हैं। साथ ही अतिरिक्त रेजिमेंट्स का गठन भी हो रहा है, जिनमें दो और जल्द ऑपरेशनल हो जाएंगी और कुल मिलाकर अगले साल तक 8 रेजिमेंट्स हो जाएंगी। वहीं सेना की योजना में 22 रेजिमेंट्स तक पहुंचनी की है।
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