📍New Delhi | 30 Apr, 2026, 5:03 PM
Operation Sindoor India Strategy: Defence Minister Rajnath Singh said that the country is not limited to making statements only after terrorist attacks but has also shown the ability to take direct and accurate actions when needed. He said that this operation has given the world a message that India does not react in the old way, but takes concrete steps according to the situation.
He said that the government, led by Prime Minister Narendra Modi, has seen its commitment by making concrete and decisive actions just by moving ahead of intentions and litigation. He also said that the government’s stance is clean that terrorism will not be tolerated in any condition. He told surgical strikes, air strikes and operation syntre an example of the same strict policy.
Operation Sindoor India Strategy: Long-time operation shifter preparation
National Security Summit held in New Delhi Defence Minister In his address, said that the operation was a large example of the synergy and joint capacity between the three forces of India, the Army, the Navy and the Air Force. He pointed out that the three forces worked together in this operation and showed that now the Indian army works not in different parts, but in tandem.
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को एक मजबूत संदेश देने वाला कदम बताया और कहा कि भले ही यह ऑपरेशन 72 घंटे में पूरा हो गया, लेकिन इसकी तैयारी लंबे समय तक की गई थी। उन्होंने कहा कि संसाधनों की उपलब्धता, हथियारों का भंडार और स्वदेशी तकनीक की विश्वसनीयता अब भारत की सुरक्षा नीति का अहम हिस्सा बन चुके हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस ऑपरेशन को भारत ने अपने समय और अपनी शर्तों पर शुरू किया और अपनी शर्तों पर ही रोका। इसके दौरान केवल उन्हीं लक्ष्यों को निशाना बनाया गया, जो हमले से जुड़े थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन को इसलिए नहीं रोका गया क्योंकि संसाधन खत्म हो गए थे, बल्कि यह पूरी तरह रणनीति के तहत लिया गया फैसला था।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत के पास ऐसी क्षमता है कि जरूरत पड़ने पर तेजी से अपने संसाधनों को बढ़ा सकता है। इस दौरान देश ने किसी भी तरह के दबाव या धमकी के आगे झुकने की बजाय अपने तय लक्ष्य को हासिल किया।
आतंकवाद को बताया पूरी मानवता के लिए खतरा
रक्षा मंत्री ने कहा कि आतंकवाद एक विकृत सोच से पैदा होता है और यह मानवता पर एक काला दाग है। उनके अनुसार, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह इंसानियत के मूल मूल्यों की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी खतरनाक विचारधारा के खिलाफ संघर्ष है, जो मानव मूल्यों के खिलाफ जाती है, और भारत ने इस सोच को देश और दुनिया दोनों के सामने रखा है।
उन्होंने आगे कहा कि जब तक आतंकवाद मौजूद रहेगा, तब तक यह शांति, विकास और समृद्धि के लिए चुनौती बना रहेगा। कई बार आतंकवाद को धर्म का रंग देकर या नक्सलवाद जैसी विचारधाराओं से जोड़कर सही ठहराने की कोशिश की जाती है, जो बेहद खतरनाक है। उनके मुताबिक इससे आतंकियों को आगे बढ़ने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद केवल देश विरोधी गतिविधि नहीं है, बल्कि इसके कई पहलू ऑपरेशनल, वैचारिक और राजनीतिक होते हैं। इन सभी पहलुओं पर एक साथ काम करके ही इससे निपटा जा सकता है।
इंटरनेशनल टेररिज्म के प्रसिद्ध है पाकिस्तान
अपने भाषण के दौरान रक्षा मंत्री ने pakistan का जिक्र करते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान एक ही समय पर आजाद हुए थे, लेकिन आज दोनों की पहचान अलग-अलग है। उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया में इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के लिए जाना जाता है, जबकि पाकिस्तान को इंटरनेशनल टेररिज्म से जोड़ा जाता है।
स्वदेशी हथियारों पर बढ़ा भरोसा
रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद दुनिया में भारत के स्वदेशी हथियारों और डिफेंस सिस्टम पर भरोसा बढ़ा है। उन्होंने बताया कि कई देशों ने भारत के रक्षा उपकरणों में रुचि दिखाई है।
उन्होंने आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट 38,000 करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में काफी ज्यादा है। इससे यह संकेत मिलता है कि भारत के डिफेंस प्रोडक्ट्स को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी स्वीकार किया जा रहा है।
बदल रहा युद्ध का स्वरूप
रक्षा मंत्री ने कहा कि आज के समय में युद्ध का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब केवल पारंपरिक हथियारों से काम नहीं चलता, बल्कि साइबर, स्पेस और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी भी इसमें अहम भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई इस बदलाव के केंद्र में है। इसके जरिए निगरानी, टारगेट की पहचान और सटीक हमले करने की क्षमता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि कई ऑपरेशन ऐसे होते हैं जो सामने नहीं आते, लेकिन एआई की मदद से पहले ही खतरे को पहचानकर रोका जाता है।
सेना में किए कई बदलाव
रक्षा मंत्री ने बताया कि भारतीय सेना अब तकनीक आधारित फोर्स बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इसके तहत नई तरह की यूनिट्स जैसे रुद्र ब्रिगेड, भैरव बटालियन और शक्तिबाण आर्टिलरी रेजिमेंट बनाई जा रही हैं।
इन यूनिट्स को इस तरह तैयार किया गया है कि वे तेजी से प्रतिक्रिया दे सकें और बदलते हालात में तुरंत काम कर सकें।
सुदर्शन एयर डिफेंस सिस्टम में मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसी तकनीकें
रक्षा मंत्री ने सुदर्शन एयर डिफेंस सिस्टम का भी जिक्र किया और कहा कि यह एआई के इस्तेमाल का एक बड़ा उदाहरण है। इसमें मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे सेना की क्षमता को बेहतर किया जा सके।
उन्होंने बताया कि इस तरह के सिस्टम से सेना को तेजी से निर्णय लेने और बदलते हालात में प्रतिक्रिया देने में मदद मिलती है।
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